नोएडा-गाजियाबाद से सुगम होगा सफर : कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रही है सरकार
- दिल्ली सरकार तीन बड़े प्रोजेक्ट पर कर रही काम, नोएडा से आईएनए तक पहुंचना होगा आसान
- डीएनडी से आने वालों को आश्रम पर जाम से मिलेगी निजात, निजामुद्दीन से भी रिंग रोड पर सरपट दौड़ेंगे वाहन
- यमुना नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड से सिग्नेचर ब्रिज तक पहुंचना भी होगा बेहद सरल
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आने वाले वक्त में उत्तर प्रदेश के नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा। इसके लिए दिल्ली सरकार छह बड़े प्रोजेक्ट पर काम रही है। इसमें से तीन पर काम भी चल रहा है। डेढ़ साल के भीतर अलग-अलग समय में यह तैयार हो जाएंगे, जबकि तीन अन्य सिग्नल फ्री कॉरीडोर का भी प्रस्ताव है। इनकी फाइल अभी यूटीपैक में लंबित है। यहां से मंजूरी मिलने के बाद सरकार इस दिशा में आगे काम करेगी।
दिल्ली सरकार का मानना है कि प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद रिंग रोड की आवाजाही बेहतर होगी। वहीं, दूसरी सड़कों पर वाहनों को दबाव भी कम होगा। वाहनों के दबाव से कराहती सड़कों का ट्रैफिक सिग्नल फ्री होने से वायु प्रदूषण में वाहनों के धुएं का हिस्सा कम होगा। नतीजतन, वायु प्रदूषण में भी तेजी से गिरावट आएगी।
इन तीन प्रोजेक्ट पर चल रहा है काम...
1. बारापूला फेज-3 से सीधे नोएडा लिंक रोड से जुड़ेगा आईएनए
दिल्ली सरकार बारापूला फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के फेज-3 पर काम कर रही है। यमुना पर पुल बनाकर रिंग रोड पर सराय काले खां से नोएडा रोड स्थित मयूर विहार फेज-एक से जोड़ा जाना है। इसके तैयार होने के बाद नोएडा लिंक और बारापूला फ्लाईओवर होकर नोएडा से आईएनए व सफदरजंग एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने 946 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। दिसंबर 2020 तक इसमें से 725.96 करोड़ रुपये खर्च कर 81.5 फीसदी काम पूरा कर लिया गया। 8.5 एकड़ जमीन पर प्रोजेक्ट का 750 मीटर के हिस्से पर फ्लाईओवर निर्माणाधीन है। उम्मीद है, दिसंबर 2022 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। इसके तैयार होने से नोएडा पूर्वी दिल्ली से दिल्ली के जेएनयू स्टेडियम व आईएनए के बीच सफर करने वाले लोगों को बड़ी सहूलियत होगी। पूरा रास्ता सिग्नल फ्री होने से दैनिक यात्री आसानी से अपनी मंजिल की तरफ जा सकेंगे। वहीं, बारापूला एलिवेटेड रोड के बीच-बीच से निकलने वाले लूप से एम्स, इंडिया गेट, लोदी रोड, इंडिया हैबीटेट सेंटर की तरफ जाने में भी सहूलियत होगी।
2. आश्रम फ्लाईओवर का होगा विस्तार, डीएनडी से लिंक
दिल्ली सरकार आश्रम फ्लाईओवर का विस्तार कर रही है। इसके जरिए रिंग रोड से डीएनडी की आवाजाही सिग्नल फ्री हो जाएगी। नोएडा से आने वाले वाहन रिंग रोड के जाम में नहीं फंसेंगे। वाया फ्लाईओवर उनका आगे बढ़ना आसान होगा। दूसरी तरफ आश्रम फ्लाईओवर से आगे रिंग रोड का भी चौड़ीकरण किया जा रहा है। इससे फ्लाईओवर के नीचे का हिस्सा भी जाम नहीं होगा। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट की अनुमानित कीमत करीब 128.79 करोड़ रुपये है, जिस पर काम चल रहा है। तयशुदा समय में यह मार्च 2022 तक पूरा हो जाएगा। इससे आश्रम चौक के नजदीक की सड़कें जाम मुक्त होंगी। वहीं, रिंग रोड से बारापूला फ्लाईओवर पर सवारी करना भी बेहतर रहेगा।
3. रिंग रोड का डीएनडी व भैरो मार्ग के बीच के हिस्से का चौड़ीकरण
दिल्ली सरकार रिंग रोड के डीएनडी व भैरो मार्ग के बीच के हिस्से के कॉरिडोर को बेहतर करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। 777 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का 77 फीसदी हिस्सा पूरा हो गया है। अगले दो महीने में इसे तैयार कर लिया जाएगा। इससे वाहन चालकों को निजामुद्दीन, सराय काले खां व भैरो मार्ग टी प्वाइंट के अमूमन लगने वाले जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। प्रगति मैदान के नीचे से बन रही टनल के सहारे वह आसानी से वह अपनी मंजिल की तरफ जा सकेंगे।
तीन प्रोजेक्ट प्रस्तावित, गाजियाबाद से भी आवाजाही होगी बेहतर
दिल्ली सरकार आनंद विहार को टीकरी से एलिवेटेड रोड व टनल के जरिए जोड़ने के एक प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। पूरा कॉरिडोर सिग्नल फ्री होगा। दूसरी तरफ सिग्नेचर ब्रिज से एक सिग्नल फ्री कॉरिडोर आईजीआई एयरपोर्ट तक तैयार करना है। इसके अलावा सिग्नेचर ब्रिज से दूसरा कॉरिडोर यमुना नदी के साथ-साथ डीएनडी से जुड़ेगा। वहीं, बीच से इसे आनंद विहार-टीकरी एलिवेटेड रोड से भी जोड़ा जाएगा।
इससे नोएडा व गाजियाबाद से आने वाले वाहन टीकरी बॉर्डर व एयरपोर्ट तक सिग्नल फ्री सफर कर सकेंगे। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है कि छह प्रोजेक्ट बन जाने से रिंग रोड, दिल्ली-मथुरा एक्सप्रेसवे, नोएडा लिंक रोड, निजामुद्दीन, गीता कालोनी ब्रिज समेत दूसरी कई सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। इससे इन रास्तों की आवाजाही भी बेहतर होगी। इसका सीधा असर वायु प्रदूषण पर पड़ेगा। वाहनों से निकलने वाले धुएं का हिस्सा कम होने से प्रदूषण में कमी आएगी।