MCD Election : नामांकन पत्रों की जांच के बाद चुनाव मैदान में 1448 उम्मीदवार, अभी और होंगे कम, 1137 पर्चे खारिज
आयोग ने 244 वार्डों के उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच का कार्य पूरा कर दिया है। इस तरह अब 1448 उम्मीदवार मैदान में रह गए है। अभी इस सूची में कमी आने की संभावना है, क्योंकि 19 नवंबर तक नामांकन वापस लिए जा सकते है।
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एमसीडी चुनाव के लिए दाखिल किए नामांकन पत्रों की जांच करने का कार्य पूरा नहीं हो सका। छह वार्डों में विभिन्न उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों पर कुछ उम्मीदवारों की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति का निपटारा नहीं हो सका। दिल्ली राज्य चुनाव आयोग बृहस्पतिवार को इन आपत्तियों की जांच पड़ताल करने के बाद निर्णय लेगा। आयोग ने 244 वार्डों के उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच का कार्य पूरा कर दिया है। इस तरह अब 1448 उम्मीदवार मैदान में रह गए है। अभी इस सूची में कमी आने की संभावना है, क्योंकि 19 नवंबर तक नामांकन वापस लिए जा सकते है।
दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने नामांकन पत्रों की जांच में कांग्रेस के एक उम्मीदवार समेत 1137 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र खामियां व तकनीकी वजह से रद्द किए।दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने एमसीडी चुनाव के लिए बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच करने का कार्य पूरा किया। आयोग के अनुसार नामांकन पत्रों की जांच के बाद एमसीडी के 250 वार्डों में 1448 उम्मीदवार मैदान में बचे है। हालांकि अभी आयोग वार्ड नंबर-43 सुल्तानपुरी-ए, वार्ड नंबर-142 दरिया गंज, वार्ड नंबर-148 हौज खास, वार्ड नंबर 165 मदनगीर, वार्ड नंबर-170 तुगलकाबाद एक्सटेंशन, वार्ड नंबर- 225 सीलमपुर में कई उम्मीदवारों की ओर से विरोधी उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों पर उठाई आपत्तियों को निपटारा नहीं कर सका।
आयोग इन आपत्तियों पर बृहस्पतिवार को निर्णय लेगा।आयोग ने बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भाजपा, आम आदमी पार्टी व कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवारों के एक अधिक जमा कराए गए नामांकन पत्र रद्द किए गए। इसी तरह उनका एक नामांकन पत्र सही मिलने पर उनके विकल्प उम्मीदवारों के भी नामांकन पत्र रद्द हो गए। इसके अलावा विभिन्न खामिया मिलने पर कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों के नामांकन पत्र भी रद्द किए गए।
करोल बाग विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी ने नामांकन पत्रों की जांच के दौरान वार्ड नंबर-84 देव नगर में कांग्रेस सुशीला खोरवाल के साथ-साथ उनके विकल्प उम्मीदवार मदन खोरवाल का भी नामांकन पत्र रद्द कर दिया।
सिंबल चोरी कर नामांकन करने वाले भाजपा नेता हरिओम गुप्ता छह साल के लिए निष्कासित
प्रदेश भाजपा कार्यालय में सिंबल चोरी करके नामांकन दाखिल करने वाले हरिओम गुप्ता पर पार्टी ने बड़ी कार्रवाई की है। राउज एवेन्यू थाने व चुनाव आयोग में शिकायत करने के साथ ही उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
चुनाव लड़ने की ललक में हरिओम गुप्ता ने चांदनी चौक (वार्ड 74) सीट पर बिना पार्टी के उम्मीदवार घोषित हुए अपना नामांकन दाखिल कर दिया था। जबकि पार्टी की तरफ से रविंद्र कुमार उर्फ रवि कप्तान का नाम चुनाव के लिए घोषित किया गया था। रविंद्र गुप्ता ने भाजपा ने अपना सिंबल देकर नामांकन करवाया। इस मामले में ही हरिओम गुप्ता को पार्टी ने छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
गुप्ता प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारी से चांदनी चौक वार्ड के लिए टिकट मांग रहे थे। टिकटों की अंतिम दौड़ में भी थे। रविंद्र कुमार पर पार्टी ने जैसे भरोसा जताया वह भाजपा दफ्तर से सिंबल उठाकर नामांकन मंगलवार को दाखिल कर दिए। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता हरिश खुराना ने बताया कि बिना जानकारी के पार्टी के सिंबल वाला फार्म लेकर चंपत होने वाले हरिओम गुप्ता को छह वर्ष के लिए पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। हालांकि पार्टी में आजाद सिंह समेत कई ऐसा नेता है जो निष्कासित होने बावजूद उन्हें फिर से पार्टी में शामिल कर लिया जाता है।
इस बार किसी वार्ड में नहीं लगेंगी दो बैलेट मशीनें
एमसीडी चुनाव में इस बार एक भी वार्ड में मतदान के लिए दो बैलेट मशीन नहीं लगेंगी। इस तरह सभी वार्डों में ईवीएम के कंट्रोलर की तरह बैलेट पेपर मशीन भी एक-एक ही लगेगी।
दरअसल एमसीडी एक भी वार्ड में उम्मीदवारों की संख्या 16 तक नहीं रही है। इस तरह यह पहला अवसर है जब एमसीडी चुनाव में एक भी वार्ड में दो बैलेट पेपर मशीन नहीं लगेेगी, जबकि वर्ष 2017 में तीनों नगर निगम के चुनाव में 11 वार्डों में दो-दो बैलेट पेपर मशीन लगानी पड़ी थी। ईवीएम के कंट्रोलर के अधीन लगने वाली बैलेट पेपर मशीन में 16 बटन होते है। इस तरह एक बैलेट पेपर मशीन में 15 उम्मीदवारों व नोटा को ही मत दिया जा सकता है।
लिहाजा 15 से अधिक उम्मीदवार होने पर कंट्रोलर के साथ दो बैलेट पेपर मशीन लगानी पड़ती है, मगर एमसीडी चुनाव में दिल्ली राज्य चुनाव आयोग के समक्ष यह नौबत नहीं आएगी। एमसीडी चुनाव के सिलसिले में 250 वार्डों में से एक भी वार्ड में 15 से अधिक उम्मीदवार मैदान में नहीं रहे है।