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मानहानी मामला: लक्ष्मी पुरी के खिलाफ किए गए सभी ट्वीट को तत्काल हटाएं, दिल्ली हाईकोर्ट ने साकेत गोखले को दिया निर्देश
Tue, 13 Jul 2021 11:13 AM IST
प्राची प्रियम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 13 Jul 2021 11:13 AM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले को निर्देश दिया है कि वो पूर्व भारतीय राजनयिक लक्ष्मी पुरी के खिलाफ किए गए मानहानी वाले सभी ट्वीट को हटाएं और ऐसे निंदात्मक ट्वीट न करें।
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दिल्ली उच्च न्यायालय
- फोटो : ANI
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विस्तार
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कार्यकर्ता साकेत गोखले को पूर्व भारतीय राजनयिक लक्ष्मी एम. पुरी के खिलाफ कथित मानहानि वाले ट्वीटों को तत्काल हटाने का मंगलवार को निर्देश दिया। न्यायमूर्ति सी हरि शंकर ने अंतरिम आदेश में गोखले को मानहानि के मामले के लंबित रहने के दौरान लक्ष्मी पुरी और उनके पति हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ निंदात्मक ट्वीट नहीं करने को भी कहा।
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अदालत ने कहा कि यदि गोखले आदेश पारित होने के 24 घंटे के भीतर ट्वीट नहीं हटाते हैं तो ट्विटर यूआरएल की पहचान करके आवश्यक कार्रवाई करे। अदालत ने यह आदेश लक्ष्मी पुरी द्वारा दायर किए गए मानहानि के मामले में दिया है जिसमें पूर्व राजनयिक ने गोखले से पांच करोड़ रूपये की क्षतिपूर्ति की मांग की तथा अदालत से ट्वीट हटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया।
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Delhi High Court directs activist Saket Gokhale to delete all tweets against former United Nations Assistant Secretary-General Lakshmi Puri
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 13, 2021
लक्ष्मी पुरी ने आरोप लगाया कि गोखले ने जो ट्वीट किए हैं वे झूठे और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं, अपने आप में मानहानिकारक हैं और उनके तथा उनके परिवार के खिलाफ निंदात्मक, अपमानजनक वक्तव्य या लांछन हैं।
अदालत ने मुख्य वाद में गोखले को समन भी जारी किए और उन्हें चार हफ्ते के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया। मामले को अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर के लिए सूचीबद्ध किया गया है।