सजा पूरी होने से पहले चौटाला को दिल्ली सरकार का रिहा करने से इनकार, पैरोल अवधि 8 मार्च तक बढ़ी

Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 24 Feb 2021 12:50 AM IST
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ओपी चौटाला
ओपी चौटाला - फोटो : अमर उजाला

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दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार के मामले में सजा पाए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को अधिकांश सजा काटने के बावजूद जेल से रिहा करने से इनकार कर दिया। सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि चौटाला के आवेदन को पहले ही खारिज कर दिया गया है। याची ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार ने हमें आज तक इसकी जानकारी नहीं दी।
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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल व न्यायमूर्ति जयराम भंभानी की खंडपीठ ने चौटाला की पैरोल अवधि 8 मार्च तक के लिए बढ़ाते हुए सरकार को शपथपत्र सहित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।


दिल्ली सरकार के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि चौटाला को भ्रष्टाचार के आरोप में सात वर्ष व आपराधिक षडयंत्र मामले में 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी। ऐसे में सात वर्ष की सजा काटने के आधार पर उन्हें रिहा नहीं किया जा सकता। चौटाला के आवेदन को सरकार ने पहले ही खारिज कर दिया था।

ओपी चौटाला की और से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरण व अमित साहनी ने बताया कि हमने कई बार सरकार को खंडपीठ के आदेश के ध्यानार्थ आवेदन दिए हैं लेकिन एक बार भी सरकार ने हमें इस तथ्य की जानकारी नहीं दी। 
उन्होंने कहा दिसंबर 2019 को खडंपीठ ने दिल्ली सरकार को महात्मा गांधी के 150 वें जन्म दिवस पर कैदियों को मिलने वाली छूट का लाभ देने को कहा था। अदालत ने कहा था कि 86 वर्षीय चौटाला भ्रष्टाचार के आरोप में मिली सात वर्ष की सजा को पूरी कर चुका है।

अमित साहनी ने अदालत को बताया कि दिल्ली सरकार के चौटाला को रिहा न करने के तर्क पर खंडपीठ ने दिल्ली सरकार के इस तर्क को खारिज करते हुए अपने निर्णय पर पुर्नविचार का आदेश दिया था।
उन्होंने कहा कि महिला व ट्रांसजैंडर कैदियों को 55 वर्ष की आयु के बाद सजा में विशेष छूट का प्रावधान है जबकि पुरुष कैदियों को 60 वर्ष की आयु के बाद सजा में छूट का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि उनका मुवक्किल विभिन्न बीमारियों से ग्रस्त होने के अलावा 60 प्रतिशत स्थाई रूप से विकलांग है। इसके अलावा वह सात वर्ष से ज्यादा अवधि की सजा भुगत चुका है। ऐसे में वह इस विशेष छूट पाने का हकदार है। अत: दिल्ली सरकार को उनको रिहा करने का निर्देश दिया जाए।

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