2024 के लोकसभा चुनावों पर भी केजरीवाल की नजर, दिल्ली के बाद अब पंजाब की बारी!
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पंजाब विधानसभा के चुनाव में आप ने बीस सीटों पर विजय हासिल की थी। आप की राजनीतिक मामलों की कमेटी (पीएसी) के एक सदस्य के अनुसार, हम 2022 में पूरी ताकत के साथ पंजाब का चुनाव लड़ेंगे। इसके बाद पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में भी कुछ नया करने का प्रयास करेगी। उन्होंने ऐसी बातों को अभी खारिज कर दिया है कि कुछ समय बाद केजरीवाल दिल्ली में किसी दूसरे नेता को सीएम पद सौंपकर देश की राजनीति में कूद जाएंगे।
बता दें कि आम आदमी पार्टी को 2013 के दिल्ली चुनाव में जब 28 सीटें मिली तो उसके बाद पार्टी जोश में आ गई थी। चूंकि उस वक्त प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव जैसे चेहरे केजरीवाल के साथ थे, तो उन्हें निर्णय लेने में कोई ज्यादा माथापच्ची नहीं करनी पड़ी। पार्टी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया था। बाद में वह संख्या सौ तक पहुंच गई।
कई नामी सामाजिक कार्यकर्ता और पूर्व नौकरशाह भी आप में शामिल हो गए। इसके बाद तय हुआ कि दो सौ सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ा जाए। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि तक हालत यह थी कि आप के लोकसभा उम्मीदवारों की संख्या चार सौ से अधिक हो चुकी थी। जब नतीजे आए तो आप को पंजाब में चार सीटें मिली। बाकी दिल्ली सहित दूसरे राज्यों में सभी आप प्रत्याशी चुनाव हार गए।
पंजाब में 2017 के विधानसभा चुनाव में आप को बीस सीटें मिली थी। हालांकि आप का इंटरनल सर्वे बता रहा था कि वहां दिल्ली जैसा कुछ चमत्कार होगा। आप नेता का कहना है कि अभी यह तय होगा कि आगे किन राज्यों में चुनाव लड़ा जाए या नहीं। इतना तय है कि पंजाब में आप पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ेगी। 2022 के चुनाव से पहले ही पार्टी किसी दमदार सिख नेता को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करेगी। इसके अलावा दूसरे राज्यों में, जहां पर पार्टी का मजबूत संगठन है, वहां भी चुनाव लड़ा जा सकता है।
पार्टी के नेताओं की यह भी सोच है कि केजरीवाल को अब राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होना चाहिए। 2024 के लोकसभा चुनाव में आप का प्रयास रहेगा कि दिल्ली का विकास मॉडल हर राज्य में पहुंचे। हालांकि ये सब पीएसी तय करेगी कि आगामी समय में कहां-कहां पर आप को कैसे आगे बढ़ाया जाए। आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह कहते हैं कि पार्टी यह निर्णय करेगी कि कहां पर और किस तरह से संगठन विस्तार किया जाए। अभी हमारा फोकस दिल्ली पर है।