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Delhi News: पूरे भारत में वाहन चोरी को दिया अंजाम...फ्लाइट से करते थे यात्रा; मास्टरमाइंड यूपी से गिरफ्तार

Mon, 15 Dec 2025 06:20 PM IST
राहुल तिवारी अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: राहुल तिवारी Updated Mon, 15 Dec 2025 06:20 PM IST
सार

दिल्ली पुलिस अपराध शाखा ने इंटरस्टेट ऑटो लिफ्टर गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह का मुख्य आरोपी आलोक श्रीवास्तव यूपी से गिरफ्तार हुआ। आरोपी चोरी की कारों को दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के दस्तावेजों से बेचता था। वह देशभर में कई मामलों में वांछित था।
 

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Delhi Crime Branch team arrested main accused of auto lifter gang from UP
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इंटरस्टेट ऑटो-लिफ्टर सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के मुख्य सदस्य शाहदरा, दिल्ली निवासी श्रीवास्तव (56 वर्ष) पुत्र सतीश चंद को भटनागर कॉलोनी, लखीमपुर खीरी, यूपी से गिरफ्तार किया है। ये गिरोह पूरे भारत में वाहन चोरी करता था। इस गिरोह के सदस्य फ्लाइट से एक जगह से दूसरी जगह जाते थे। आरोपी पूरे भारत में कार चोरी के कई मामलों से जुड़ा है।
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अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा के अनुसार आरोपी आलोक को रोहिणी कोर्ट ने 17 मई, 2023 को भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। आरोपी अपने सूत्रों से पूरी तरह से क्षतिग्रस्त दुर्घटनाग्रस्त कारों के दस्तावेज हासिल करता था और उसी मेक की चोरी की गई कार पर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त/दुर्घटनाग्रस्त कारों के विवरण में हेरफेर करता था। इसके बाद पूरी तरह से क्षतिग्रस्त/दुर्घटनाग्रस्त कार के दस्तावेजों के आधार पर वह चोरी की कार को खुले बाजार में अच्छी कीमतों पर बेचता था। आरोपी अपने साथियों के साथ गिरोह में शामिल हो गया और चोरी की कारों की खरीद-बिक्री शुरू कर दी।
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उन्होंने बताया कि आरोपी अभय सिंह और आलोक श्रीवास्तव ने मोहम्मद अशरफ व रिजवान से एक चोरी की फॉर्च्यूनर कार खरीदी थी। उन्होंने चोरी की इस कार की नंबर प्लेट, इंजन नंबर और चेसिस नंबर बदल दिया था। नई नंबर प्लेट, आरसी, बीमा के कागजात तैयार किए थे जो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त वाहन के थे। जांच के दौरान, आरोपी अभय सिंह, मोहम्मद अशरफ और रिजवान को अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन आरोपी आलोक श्रीवास्तव केस दर्ज होने के बाद से ही गिरफ्तारी से बच रहा था। आरोपी अभय सिंह की निशानदेही पर एक चोरी की फॉर्च्यूनर और एक ब्रेज़ा कार बरामद की गई थी। एसआई अनुज छिकारा को13 दिसंबर को एक गुप्त सूचना मिली कि एक फरार अपराधी आलोक श्रीवास्तव किसी से मिलने के लिए मेला ग्राउंड, लखीमपुर, यूपी जाएगा। इंस्पेक्टर सतीश मलिक व एसआई अनुज छिकारा यहां घेराबंदी का आरोपी को पकड़ लिया।
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गिरोह प्रोफेशनल तरीके से करता था काम
यह गैंग बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से काम करता है। ग्राहक की मांग के अनुसार आरोपी अभय सिंह और आलोक श्रीवास्तव आरोपी मोहम्मद अशरफ और रिजवान को खरीदार द्वारा मांगी गई खास गाड़ी चुराने के निर्देश देते थे। जिसके बाद उस खास गाड़ी की पहचान की जाती थी और आरोपी रिजवान उसे चुराकर आरोपी अशरफ को सौंप देता था। आरोपी अशरफ जाली आरसी, बीमा और अन्य कागजात तैयार करता था। वह इंजन और चेसिस नंबरों से छेड़छाड़ करते थे और गाड़ी के लिए नई नंबर प्लेट तैयार करते थे। ये नए नंबर टोटल लॉस गाड़ियों के होते थे। इसके बाद, वे चोरी की गाड़ी ग्राहक कोबहुत अच्छी कीमत पर बेच देते हैं। आरोपी के खिलाफ पहले से सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।


पोस्ट ग्रेजुएट है आरोपी
आरोपी आलोक श्रीवास्तव का जन्म 1969 में शाहदरा, नई दिल्ली में हुआ था। अपनी स्कूली शिक्षा विवेक विहार, दिल्ली से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने डीयू से बीकॉलम और 1994-96 में कानपुर यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसके बाद, कश्मीरी गेट, दिल्ली में स्पेयर पार्ट्स की दुकान खोली।
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