दिल्ली: सीबीआई ने इंटरनेट पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी का कंटेंट पोस्ट करने के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया, तीन की पुलिस रिमांड मिली
इंटरनेट पर कथित रूप से चाइल्ड पोर्नोग्राफी का कंटेंट पोस्ट करने और उसे सर्कुलेट करने के आरोप में दिल्ली से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बुधवार को राउ एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने आरोपियों की रिमांड मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
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बच्चों से यौन शोषण के कंटेंट इंटरनेट पर पोस्ट करने और उन्हें सर्कुलेट करने के आरोप में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली से राम गौतम, सतेंद्र मित्तल और पुरुषोत्तम को, ओडिशा के ढेंकनाल से सुरेंद्र कुमार नायक, नोएडा से निशांत जैन, झांसी से जितेंद्र कुमार और आंध्र प्रदेश के तिरुपति से मोहन कृष्णा को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली से गिरफ्तार तीन लोगों को बुधवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के दौरान सीबीआई ने आरोपियों की रिमांड मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। वहीं अन्य आरोपियों को दिल्ली लाकर आगे की जांच करने के लिए वह ट्रांजिट रिमांड की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है। अभी और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
सीबीआई के प्रवक्ता आरसी जोशी ने कहा, ''आरोप था कि भारत और विदेश के विभिन्न भागों में रह रहे कई लोगों के सिंडीकेट बाल यौन शोषण के मैटेरियल (सीएसईएम) को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ग्रुप्स के माध्यम से सर्कुलेट करने, स्टोर करने और देखने में संलिप्त थे। यह भी आरोप था कि आरोपी लिंक, वीडियो, फोटो, टेक्स्ट, पोस्ट शेयर कर और सोशल मीडिया ग्रुप्स या प्लेटफॉर्म्स और थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कंटेट की होस्टिंग कर सीएसईएम को प्रसारित भी कर रहे थे।''
बाल दिवस पर छेड़ा था व्यापक ्अभियान
एजेंसी ने 14 नवंबर को बाल दिवस पर एक व्यापक अभियान छेड़कर अगले दिन तक चलाते हुए 23 एफआईआर दर्ज कर 83 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने यह कार्रवाई अपनी स्पेशल यूनिट ऑनलाइन चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज एंड एक्सप्लॉइटेशन प्रीवेंशन/इंवेस्टीगेशन (ओसीएसएई) से मिले इनपुट्स के आधार पर की है। यह यूनिट इंटरनेट पर बाल यौन शोषण वाले कंटेंट की पोस्टिंग, सर्कुलेटिंग और डाउनलोडिंग की निगरानी रखती है।
5,000 से ज्यादा आरोपी
इस ऑपरेशन के तहत लगभग 50 सोशल मीडिया ग्रुप्स को निशाना बनाया तो पाया कि 5,000 से ज्यादा लोगों ने बाल यौन शोषण मैटेरियल शेयर किए। इनमें कुछ आरोपी पाकिस्तान, कनाडा, बांग्लादेश, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, अजरबैजान, श्रीलंका, अमेरिका, सऊदी अरब, यमन, मिस्र, इंग्लैंड, बेल्जियम और घाना के भी हैं।