Delhi Budget 2023: एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होंगे बस पोर्ट, सुविधाओं से लैस होंगे तीन ISBT, कर सकेंगे शॉपिंग
बस पोर्ट में वाणिज्यिक परिसर भी निर्मित किए जाएंगे। इससे यात्रियों को सफर के साथ शॉपिंग का भी मौका मिलेगा। इसके तहत आनंद विहार और सराय काले खां आईएसबीटी को विश्वस्तरीय मानकों के मुताबिक विकसित किया जाएगा।
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राजधानी में अब एयरपोर्ट की तर्ज पर बस पोर्ट विकसित किए जाएंगे। यहां यात्रियों की सहूलियत के लिहाज से सीटें, परिवहन विकल्पों की उपलब्धता, मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन के साथ मेट्रो, रैपिड रेल, ट्रेन और बसों की कनेक्टिविटी मिलेगी। बस पोर्ट में वाणिज्यिक परिसर भी निर्मित किए जाएंगे। इससे यात्रियों को सफर के साथ शॉपिंग का भी मौका मिलेगा। इसके तहत आनंद विहार और सराय काले खां आईएसबीटी को विश्वस्तरीय मानकों के मुताबिक विकसित किया जाएगा। द्वारका में भी विश्वस्तरीय आईएसबीटी बनेगा। इससे दक्षिण पश्चिम दिल्ली, गुरुग्राम सहित नजफगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहने वाली आबादी के लिए भी बड़ी राहत मिलेगी।
परिवहन क्षेत्र के लिए बजट प्रस्ताव में 9,333 करोड़ का प्रस्ताव किया गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में परिवहन, सड़क और पुल के लिए 9,539 करोड़ रुपये का प्रस्ताव था। वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट प्रस्ताव पेश करते हुए बताया कि एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किए जा रहे बस पोर्ट से लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। दिल्ली सरकार ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के साथ पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत आनंद विहार और सराय काले खां आईएसबीटी का पुनर्विकास करेगी। बस पोर्ट के विकसित होने से युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
हरिनगर और वसंत विहार में दो अनूठे बहुमंजिला बस डिपो का निर्माण किया जाएगा। एनबीसीसी के साथ साझेदारी से विकसित किया जाने वाला यह देश का पहला बहुमंजिला बस डिपो होगा। यहां छठी मंजिल तक बसों की पार्किंग की जा सकेगी। बसों की संख्या बढ़ने के साथ बसों के लिए पार्किंग की भी सुविधा और शानदार वाणिज्यिक परिसर भी बनेंगे। इससे दिल्ली की आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
घरेलू बस यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने नेहरु प्लेस और नजफगढ़ में दिल्ली मेट्रो के सहयोग से आधुनिक सुविधाओं से युक्त दो आधुनिक बस टर्मिनल बनाने का निर्णय लिया है। आगामी वर्षों में शेष बस टर्मिनल को भी जल्द आधुनिक शक्ल दी जाएगी। दिल्ली में 9 नए बस डिपो का निर्माण चल रहा है। इसे अगले साल तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे दिल्ली में बसों की क्षमता भी बढ़ जाएगी।
परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए तमाम बदलावों के साथ दिल्ली में 1400 नए और आधुनिक बस क्यू शेल्टर (बीक्यूएस) भी बनवाए जाएंगे। आरामदायक शेल्टर के साथ-साथ रूट मैप व बसों के आगमन समय को डिजिटल स्क्रीन भी दशाई जाएंगी। जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली सरकार चरणों में इसे पूरा करेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि आठ वर्षों में हमने दिल्ली की पूरी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाया है। दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन के बेड़े में फिलहाल 7,379 बसें हैं, 600 से अधिक मार्गों पर चल रही हैं। इनमें 300 इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं। साल के अंत तक ई बसों की संख्या बढ़कर 1600 और बढ़ जाएंगी। इनमें 12 मीटर की 1800 बसें, जबकि नौ मीटर की 100 बसें होंगी। 2023 के अंत तक सभी राज्यों की तुलना में दिल्ली में सर्वाधिक इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा होगा।
2025 तक दिल्ली में 10,480 बसों का बेड़ा होगा। हमारा विजन सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि यात्रा को प्रदूषण मुक्त बनाना भी है। स्वच्छ ईंधन से चलने वाली ई बसों की संख्या बेड़े में बढ़कर 80 प्रतिशत (8,280 बसें) होंगी। इससे दिल्ली परिवहन क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी शहरों की कतार में शामिल हो जाएगी। 80 फीसदी ई बसों से दिल्ली में हर साल करीब 4 लाख 60 हजार टन कार्बन डाईऑक्साइड का उत्सर्जन कम होगा। दिल्ली के प्रदूषण में कमी से दिल्लीवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। 12 वर्षों में दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों के मद में 28,556 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए दिल्ली सरकार की बस सेवाओं के लिए 3,500 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव किया गया।
दिल्ली में पहली बार लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने लिए मोहल्ला बस योजना की अगले वित्तीय वर्ष में शुरुआत की जाएगी। इन मार्गों पर केवल 9 मीटर लंबाई की प्रदूषण रहित इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। अगले वित्तीय वर्ष में 100 इलेक्ट्रिक मोहल्ला बसें चलने लगेंगी। 3 वर्षों में संख्या बढ़कर 2,180 हो जाएंगी और इससे लास्ट माइल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए को सभी नई बसों में जीपीएस, 3 सीसीटीवी कैमरे और 10 पैनिक बटन लगे होंगे। इनकी निगरानी कश्मीरी गेट स्थित अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड कमांड और कंट्रोल सेंटर से की जाएगी। सभी बस में मार्शल भी तैनात रहेंगे। दूसरी तरफ साल के अंत तक 57 डिपो का विद्युतीकरण होगा। तीन डिपो में काम पूरा हो गया है, जबकि जून तक 17 में भी इसे पूरा कर लिया जाएगा। साल के अंत तक सभी 57 डिपो में विद्युतीकरण का काम पूरा कर लिया जाएगा। इस पर दिल्ली सरकार 1500 करोड़ रुपये खर्च करेगी।