दिल्ली: मतदाता सूची में संशोधन एक नवंबर से, एक जनवरी को 18 वर्ष पूरा करने वालों के नाम होंगे दर्ज
अधिक से अधिक वोट बनाने के लिए कॉलेज और विश्वविद्यालयों के प्रमुखों के साथ ऑनलाइन बैठक के साथ युवाओं सहित समाज के सभी वर्गों तक पहुंच बनाने के लिए निर्वाचन कार्यालय की ओर से प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
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एक नवंबर से दिल्ली में मतदाता सूची का विशेष सारांश संशोधन की शुरुआत करने के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। कोई भी मतदाता छूट न जाए, इसे ध्यान में रखने में मुख्य निवार्चन कार्यालय (सीईओ) ने इस दिशा में पहल की है। इसके तहत एक जनवरी, 2022 को योग्य आवेदकों के नाम सूची में दर्ज किए जाएंगे।
अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए कॉलेज और विश्वविद्यालयों के प्रमुखों के साथ ऑनलाइन बैठक के साथ युवाओं सहित समाज के सभी वर्गों तक पहुंच बनाने के लिए निर्वाचन कार्यालय की ओर से प्रयास तेज कर दिए गए हैं। कोविड-19 की वजह से पैदा हुईं चुनौतियों के बावजूद कार्यालय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये भी मतदाताओं तक पहुंच बनाई है। फेसबुक पर विशेष डिजिटल पोस्टर लगाए गए हैं तो ट्विटर के जरिये भी अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
कोई भी व्यक्ति जिनकी उम्र एक जनवरी, 2022 या उससे पहले 18 वर्ष पूरी होगी, मतदाता के तौर पर नामांकन के पात्र होंगे। मतदाताओं की अंतिम सूची का 5 जनवरी को प्रकाशन किया जाएगा। इससे पहले जनवरी 2021 में प्रकाशित मतदाता के मुताबिक दिल्ली में मतदाताओं की कुल संख्या 1.48 करोड़ से अधिक थी। इस दौरान 70 विधानसभा क्षेत्रों की निर्वाचक नामावली का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण किया गया।
पांच जनवरी को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोमवार को दिल्ली के सीईओ रणबीर सिंह करीब 100 गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधियों से बातचीत कर सकते हैं। बुधवार को सीईओ कार्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ इसी विषय पर चर्चा की जाएगी। 21 अक्टूबर को दिल्ली विश्वविद्यालय, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, अंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली और इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय के प्राचार्यों के साथ ऑनलाइन बातचीत हुई थी।
सीईओ ने कहा था कि दावे और आपत्तियां नवंबर में दर्ज की जा सकती हैं। अंतिम मतदाता सूची 5 जनवरी, 2022 को प्रकाशित की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया को अपनाया जा रहा है ताकि उन्हें लोकतंत्र के गौरवशाली मतदाता बनने के लिए प्रेरित किया जा सके।
हेल्प डेस्क से मतदाताओं की मुश्किलें होंगी कम
इस महीने की शुरुआत में मतदाताओं को जागरूक करने के अदालतों के नजदीक सीईओ हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। कड़कड़डूमा, तीस हजारी, पटियाला हाउस, साकेत, रोहिणी, राउज एवेन्यू और द्वारका में कोर्ट परिसर में डेस्क स्थापित किए गए हैं। हेल्पडेस्क पर मतदाता सूची में नाम, मतदाता पहचान पत्र के लिए नामांकन सहित दूसरे तरह की सहायता प्रदान की जा रही है। कोविड-19 से बचाव के लिए वेबसाइट या वोटर हेल्पलाइन मोबाइल एप को प्रोत्साहित किया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया में सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग को देखते हुए मतदाता सूची के संशोधन में भी उन कर्मियों को ड्यूटी पर तैनात किया गया है, जिन्हें इसकी समझ हो।