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रोहिणी कोर्ट शूटआउट : गोगी की हत्या कर जज के सामने सरेंडर करना चाहते थे बदमाश

Mon, 27 Sep 2021 03:25 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 27 Sep 2021 03:25 AM IST
सार

उनकी योजना थी कि कोर्ट रूम में जज के सामने वारदात को अंजाम देंगे तो पुलिस उनका एनकाउंटर नहीं करेगी, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई और पुलिस की गोली से दोनों मारे गए।

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Rohini Court Shootout: The crooks wanted to surrender before the judge after killing Gogi
रोहिणी कोर्ट शूटआउट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रोहिणी कोर्ट में बीते शुक्रवार गैंगवार की जांच में खुलासा हुआ है कि जितेंद्र उर्फ गोगी को मारने के बाद हमलावर सरेंडर करना चाहते थे। उनकी योजना थी कि कोर्ट रूम में जज के सामने वारदात को अंजाम देंगे तो पुलिस उनका एनकाउंटर नहीं करेगी, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई और पुलिस की गोली से दोनों मारे गए। इस मामले में दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों उमंग व विनय यादव ने बताया कि वारदात की साजिश मंडोली जेल में रची गई थी। 

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टिल्लू ताजपुरिया इसी जेल में बंद है। पुलिस ने उमंग से एक पिस्टल बरामद की है। आरोपियों से पूछताछ में ये खुलासा हो गया है कि सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया, नवीन बाली और सुनील राठी ने ही जितेंद्र गोगी की कराई है। उधर, मेडिकल बोर्ड ने रविवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में गोगी के शव का पोस्टमार्टम किया। 
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दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने भी रोहिणी कोर्ट में घटनास्थल का मुआयना किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्पेशल सेल ने उमंग को एक दिन के रिमांड पर लिया है। इस मामले में तीसरे आरोपी नेपाली युवक की तलाश की जा रही है। वह रोहिणी कोर्ट के बाहर शूटरों को मिला था। विनय को मामले की जांच कर रही अपराध शाखा को सौंप दिया गया है।
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20 सितंबर को उमंग के घर पहुंच गए थे शूटर
स्पेशल सेल के एक अधिकारी ने बताया कि उमंग व विनय से पूछताछ में पता चला है कि जयदीप उर्फ जग्गा और राहुल त्यागी उमंग के कहने पर 20 सितंबर को उसके घर आ गए थे। हथियार व वकीलों की ड्रेस वह खुद लेकर आए थे। वारदात के दिन उमंग उन्हें छोड़ने रोहिणी कोर्ट तक गया था। वहां पहुंचने से पहले दोनों शूटर  रोहिणी स्थित नार्थ एक्स मॉल गए, जहां उन्होंने वकील की पोशाक पहनी। इसके बाद विनय दोनों को रोहिणी कोर्ट ले गया। 

दोनों शूटर व तीसरा नेपाली युवक सुबह ही कोर्ट की पहली मंजिल पर चले गए। पार्किंग में कार खड़ी कर उमंग भी इनके पास चला गया। इसके बाद जयदीप और राहुल कोर्ट नंबर 207 में गए, जबकि उमंग व नेपाली युवक कोर्ट सेबाहर आए गए। 

कड़ी सुरक्षा के बीच गोगी का पोस्टमार्टम

इस बीच रोहिणी कोर्ट रूम में मारे गए जितेंद्र उर्फ गोगी के शव का रविवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में तीनों डॉक्टरों के बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया। इस दौरान वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम करने के बाद सुबह से ही मोर्चरी के बाहर इंतजार कर रहे गोगी के परिवार को शाम सवा सात बजे शव सौंप दिया गया। पुलिस सुरक्षा के बीच परिजन शव लेकर अलीपुर गांव पहुंचे। रात करीब नौ बजे अलीपुर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम करने वाले तीन डॉक्टरों का पैनल तैयार किया गया। इसके लिए दिल्ली सरकार की अनुमति ली गई थी। शाम को ही गोगी के परिवार वालों को इस बात की सूचना दे दी गई कि रविवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में पोस्टमार्टम किया जाएगा। सुबह से ही मोर्चरी की तरफ जाने वाले रास्तों पर पुलिस ने बेरिकेड्स लगा दिए। 

वहां पर प्रशांत विहार, आईपी इस्टेट, भलस्वा डेरी समेत अन्य थानों के प्रभारी को बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ तैनात कर दिया गया। इस दौरान अर्धसैनिक बल भी तैनात रहा। दिल्ली पुलिस की कई टीम भी सादी वर्दी में तैनात रही। वहां आने-जाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी। वहां से प्रत्येक वाहन को जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया। आसपास के इलाके में गोगी के शव का पोस्टमार्टम होने की जानकारी मिलने पर काफी लोग जमा हो गए। सभी उसके परिवार वालों को देखना चाहते थे, जिन्हें पुलिस वहां से दूर कर रही थी। 

मोर्चरी के मुख्य दरवाजे पर बैठी रही गोगी की मां और बहनें 
सुबह करीब 11 बजे सफेद रंग की आल्टो कार से गोगी की दो बहनें, मां और अन्य रिश्तेदार मोर्चरी पहुंचे। उसकी मां और बहन मुख्य गेट पर बैठ गईं। करीब पौने 12 बजे शव को एक्सरे के लिए ले जाया गया। शव को एंबुलेंस में ले जाने के दौरान बुलेट पर दो पुलिसकर्मी साथ चल रहे थे। करीब सवा एक बजे पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर वहां पहुंचे और पुलिसकर्मियों से बात की। 

सवा तीन बजे शव पोस्टमार्टम के लिए लाया गया। उसके बाद मोर्चरी के पास हलचल तेज हो गई। इस दौरान गोगी की मां और बहनें मुख्य दरवाजे से कई बार कार में आकर बैठी। पुलिस ने किसी को भी उनके पास फटकने तक नहीं दिया। तीनों मां-बेटी काफी परेशान दिख रही थीं और आपस में भी कम बात कर रही थीं। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें खाने-पीने के लिए सामान देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। रिश्तेदार फोन के जरिए गांव के लोगों से बातचीत करते देखे गए। शाम करीब सवा सात बजे पोस्टमार्टम के बाद परिवार को शव सौंप दिया गया। पुलिस की टीम परिवार वालों के साथ शव को लेकर अलीपुर के लिए रवाना हुई।

अलीपुर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार 
जितेंद्र उर्फ गोगी का शव लेकर परिजन रात करीब पौने नौ बजे अलीपुर श्मशान घाट पहुंचे, जहां पहले से ही पुलिस का भारी बंदोबस्त था। लगभग नौ बजे जितेंद्र के भाई रविंद्र ने मुखाग्नि दी। इस दौरान गांव के करीब डेढ़ सौ लोग श्मशान पहुंचे। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात है।

जगदीप और राहुल का पोस्टमार्टम आज
पुलिस के अनुसार, कोर्ट रूम में गोगी की हत्या करने वाले हमलावर जगदीप और राहुल के शवों का पोस्टमार्टम सोमवार को किया जाएगा। तकनीकी कारणों के चलते इसमें देरी हो रही है।

उनकी योजना थी कि कोर्ट रूम में जज के सामने वारदात को अंजाम देंगे तो पुलिस उनका एनकाउंटर नहीं करेगी, लेकिन यह सिरे नहीं चढ़ पाई और पुलिस की गोली से दोनों मारे गए।
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