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दिल्ली : डार्कनेट के जरिये कनाडा से गांजा मंगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन तस्कर गिरफ्तार
Thu, 11 Nov 2021 05:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 11 Nov 2021 05:23 AM IST
सार
बिटकॉइन में करते थे पेमेंट, 35 लाख से ज्यादा कीमत का नशा बरामद।
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गिरफ्त में आरोपी...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपराध शाखा ने डार्कनेट के जरिये कनाडा से गांजा मंगाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बिटकॉइन में गांजे की पेमेंट करते थे। पुलिस ने इनसे 1873 ग्राम गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 35 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।
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संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करों की पहचान पश्चिमी विहार निवासी करण सजनानी (24) व संजीव मिडा (39) और विकासपुरी निवासी प्रियांश (22) के रूप में हुई। शाखा की आईजीआईएस में तैनात एसआई अरविंद अहलावत को करण सजनानी व उसके गिरोह के बारे में सूचना मिली थी कि ये डार्कनेट से कनाडा से मारियुआना (गांजा) मंगाते हैं और दिल्ली में सप्लाई करते हैं।
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एसीपी अरविंद कुमार व विजय चंदेल की देखरेख में इंस्पेक्टर दाताराम व एसआई अरविंद की विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने 8 नवंबर को शालीमार स्थित एक फ्लेट में दबिश दी और तीनों तस्करों को दबोच लिया। संजीव विकासपुरी थाने का घोषित बदमाश है। गिरफ्तार दो अन्य आरोपियों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। करण का कार सेल-परचेज का पारिवारिक व्यवसाय है।
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एयरपोर्ट पर स्कैनिंग में नहीं पकड़ा जाता था गांजा :आरोपी डीएचएल कूरियर सर्विस के जरिये कनाडा से गांजा मंगाते थे। इसमें पैकिंग इस तरह की होती थी कि एयरपोर्ट पर स्कैनिंग में वह पकड़ा नहीं जाता था। ये पहले भी गांजे की दो खेप मंगा चुके हैं।
विकर एप के जरिये डार्कनेट पर गए
आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि उन्होंने शुरुआत में विकर एप के जरिये कनाडा में बैठे एक व्यक्ति से चैट की। इस एप पर चैट तीन दिन में डिलीट हो जाती है। विकर एप के जरिये ये कनाडा में बैठे कुछ और लोगों के संपर्क में आए। कुछ समय बाद इनको लगा कि वह गांजे की डील कर सकते हैं तो वह डार्कनेट पर शिफ्ट हो गए।
डार्कनेट पर 50 से 60 ऑनलाइन मास्क लेयर के पीछे आईपी एड्रेस होता है। इसकी वजह से जांच एजेंसी के लिए भी आरोपी को पकड़ना बहुत मुश्किल होता है। इसके बाद डील पक्की हो गई तो आरोपियों ने बिटकॉइन में पेमेंट की। इन्होंने डीएचएल कूरियर सर्विस के जरिये गांजा कनाडा से मंगवाया।