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दिल्ली-एनसीआर : मेहमानों की विदाई से सूना होने लगा ‘आंगन’, साइबेरिया और ठंडे यूरोपीय देशों को जाने लगे हैं प्रवासी पक्षी

Mon, 21 Mar 2022 03:18 AM IST
सुशील कुमार किशन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
किशन कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार Updated Mon, 21 Mar 2022 03:18 AM IST
सार

पक्षी विशेषज्ञ बी. कंवर बताते हैं कि हर साल अक्तूबर के अंत व नवंबर की शुरुआत में प्रवासी पक्षी दिल्ली-एनसीआर की विभिन्न जगहों को अपना नया आशियाना बनाते हैं। यह पक्षी यमुना किनारे से लेकर नजफगढ़ झील समेत अन्य नम भूमि में घोंसले बनाते हैं।

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courtyard started getting deserted due to return of guest birds migratory birds have started going to Siberia and cold European countries
पक्षी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदलते मौसम के साथ दिल्ली-एनसीआर की झील और नदी के किनारों से पक्षियों की चहचहाहट कम होने लगी है। सूरज के तल्ख होते तेवरों के कारण साइबेरिया और ठंडे यूरोपीय देशों से आने वाले ‘मेहमानों’ ने लौटना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक विदेशी पक्षी अपने-अपने प्रदेश लौट जाएंगे, जिसके बाद सिर्फ स्थानीय प्रजाति के पक्षी ही नजर आएंगे।

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पक्षी विशेषज्ञ बी. कंवर बताते हैं कि हर साल अक्तूबर के अंत व नवंबर की शुरुआत में प्रवासी पक्षी दिल्ली-एनसीआर की विभिन्न जगहों को अपना नया आशियाना बनाते हैं। यह पक्षी यमुना किनारे से लेकर नजफगढ़ झील समेत अन्य नम भूमि में घोंसले बनाते हैं। पूरी सर्दी यहां रुकने के दौरान वह यहां अपने कुनबे को भी बढ़ाते हैं। ठंड खत्म होने के साथ झुंड में लौटना शुरू कर देते हैं। इस दौरान यह पक्षी मौसम व जगह के हिसाब से अपने भोजन का इंतजाम करते हैं।
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पांच रूटों का इस्तेमाल करते हैं पक्षी
पक्षी विशेषज्ञ बताते हैं कि भारत उपमहाद्वीप के लिए पक्षी सेंट्रल एशियन व वेस्ट एशियन अफ्रीकन फ्लाई-वे का प्रयोग करते हैं। वहीं, भारत आने के लिए पक्षी सेंट्रल एशियन फ्लाई-वे के पांच रूट का इस्तेमाल करते हैं। इन पांच रूट में से दो ऐसे हैं जो यूक्रेन के पास से गुजरते हैं, जिन्हें ग्रीन रूट भी कहा जाता है। अकेले सेंट्रल एशियन फ्लाई-वे से ही 350 से अधिक प्रजाति के पक्षी यात्रा करते हैं। यह फ्लाई-वे भारत समेत 30 देशों को जोड़ने का काम करता है।
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पेंटेड स्टॉर्क से लेकर कॉमन पोचार्ड की होती है दस्तक
अलग-अलग फ्लाई-वे रूट से पेंटेड स्टॉर्क, ग्रेलैग गूज, कॉमन शेल्डक, रूडी शेल्डक, मलार्ड, नार्दन शोवलर, नॉदर्न पिनटेल, कॉमन पोचार्ड, रेड क्रेस्टेड पोचार्ड व गार्गोनी प्रजाति के पक्षी दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग स्थानों पर अपना आशियाना बनाते हैं। पेंटेड स्टॉर्क खासतौर पर दिल्ली चिड़ियाघर, संजय झील व असोला भाटी अभ्यारण्य में देखने को मिलते हैं। इसके अलावा अन्य पक्षी यमुना किनारे से लेकर अन्य प्राकृतिक स्थलों पर देखने को मिलते हैं।

दिल्ली-एनसीआर में पक्षियों के प्रमुख स्थल
-यमुना जैव विविधता पार्क
-असोला भाटी वन्यजीव अभ्यारण्य
-ओखला पक्षी अभ्यारण्य
-संजय वन
-नजफगढ़ झील
-कमला नेहरू रिज
-सूरजपुर पक्षी अभ्यारण्य
-अरावली जैव विविधता पार्क
-सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान

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