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Delhi News: रिश्वत मामले में सीबीआई की चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान
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एनडीएमसी के पूर्व स्टोर प्रभारी और दो अन्य को 20 नवंबर को तलब किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने न्यू दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) के पूर्व स्टोर प्रभारी और दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ रिश्वत मामले में सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। अदालत ने आरोपियों को 20 नवंबर को तलब किया है। विशेष न्यायाधीश शेली अरोड़ा ने 6 अक्तूबर के आदेश में विजय कुमार, सतीश और राजेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत संज्ञान लिया। विजय कुमार और सतीश के खिलाफ मुख्य अपराधों का संज्ञान लिया गया, जबकि राजेश के खिलाफ साजिश और रिश्वत संबंधी धाराओं का संज्ञान लिया गया।
सीबीआई के अनुसार, मामला सरोजिनी नगर निवासी फरमान अली की शिकायत से जुड़ा है। 3 दिसंबर 2025 को सरोजिनी नगर मार्केट से उनके जूस के दो ठेले एनडीएमसी के प्रवर्तन निरीक्षक ने जब्त कर लिए थे। अली ने आरोप लगाया कि ठेले लक्ष्मी बाई नगर स्थित एनडीएमसी गोदाम में रखे गए थे और स्टोर प्रभारी विजय कुमार ने उन्हें छोड़ने के लिए रिश्वत मांगी। अली ने 8 दिसंबर 2025 को सीबीआई से संपर्क किया। जांच में विजय कुमार ने कथित तौर पर 4,000 रुपये की मांग की। पालिका सहायक राजेश ने बातचीत में राशि घटाकर 3,000 रुपये करने की कोशिश की, लेकिन कुमार ने उसी दिन 4,000 रुपये पर जोर दिया। 9 दिसंबर 2025 को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जाल बिछाया। चार्जशीट के अनुसार, जब अली पैसे लेकर पहुंचे तो उन्हें पहले राजेश को पैसे देने को कहा गया। राजेश उपलब्ध न होने पर सतीश को पैसे सौंपे गए। सीबीआई टीम ने सतीश को रंगे हाथों पकड़ लिया। सोडियम कार्बोनेट घोल में उनकी उंगलियां गुलाबी हो गईं। पैसे स्टोर के वॉशरूम में रखी लोहे की कढ़ाई से बरामद हुए, जिनके नंबर प्री-ट्रैप मेमोरेंडम से मेल खाते थे। कुमार और सतीश को गिरफ्तार कर लिया गया। राजेश को चार्जशीट में नामजद किया गया, लेकिन गिरफ्तार नहीं किया गया। अदालत ने नोट किया कि एनडीएमसी चेयरपर्सन ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी दे दी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने न्यू दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल (एनडीएमसी) के पूर्व स्टोर प्रभारी और दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ रिश्वत मामले में सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। अदालत ने आरोपियों को 20 नवंबर को तलब किया है। विशेष न्यायाधीश शेली अरोड़ा ने 6 अक्तूबर के आदेश में विजय कुमार, सतीश और राजेश के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत संज्ञान लिया। विजय कुमार और सतीश के खिलाफ मुख्य अपराधों का संज्ञान लिया गया, जबकि राजेश के खिलाफ साजिश और रिश्वत संबंधी धाराओं का संज्ञान लिया गया।
सीबीआई के अनुसार, मामला सरोजिनी नगर निवासी फरमान अली की शिकायत से जुड़ा है। 3 दिसंबर 2025 को सरोजिनी नगर मार्केट से उनके जूस के दो ठेले एनडीएमसी के प्रवर्तन निरीक्षक ने जब्त कर लिए थे। अली ने आरोप लगाया कि ठेले लक्ष्मी बाई नगर स्थित एनडीएमसी गोदाम में रखे गए थे और स्टोर प्रभारी विजय कुमार ने उन्हें छोड़ने के लिए रिश्वत मांगी। अली ने 8 दिसंबर 2025 को सीबीआई से संपर्क किया। जांच में विजय कुमार ने कथित तौर पर 4,000 रुपये की मांग की। पालिका सहायक राजेश ने बातचीत में राशि घटाकर 3,000 रुपये करने की कोशिश की, लेकिन कुमार ने उसी दिन 4,000 रुपये पर जोर दिया। 9 दिसंबर 2025 को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जाल बिछाया। चार्जशीट के अनुसार, जब अली पैसे लेकर पहुंचे तो उन्हें पहले राजेश को पैसे देने को कहा गया। राजेश उपलब्ध न होने पर सतीश को पैसे सौंपे गए। सीबीआई टीम ने सतीश को रंगे हाथों पकड़ लिया। सोडियम कार्बोनेट घोल में उनकी उंगलियां गुलाबी हो गईं। पैसे स्टोर के वॉशरूम में रखी लोहे की कढ़ाई से बरामद हुए, जिनके नंबर प्री-ट्रैप मेमोरेंडम से मेल खाते थे। कुमार और सतीश को गिरफ्तार कर लिया गया। राजेश को चार्जशीट में नामजद किया गया, लेकिन गिरफ्तार नहीं किया गया। अदालत ने नोट किया कि एनडीएमसी चेयरपर्सन ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अभियोजन मंजूरी दे दी है।
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