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आईएसआईएस के आतंकी की याचिका पर जेल प्रशासन से मांगा जवाब
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नई दिल्ली। अदालत ने देश भर में आत्मघाती हमलों और सिलसिलेवार धमाकों की योजना बनाने के मामले में गिरफ्तार आईएसआईएस के आतंकी की याचिका पर जेल प्रशासन से जवाब मांगा है। आतंकी ने आरोप लगाया है कि तिहाड़ जेल में अन्य कैदियों ने उसकी पिटाई की और ‘जय श्री राम’ का जाप करने के लिए मजबूर किया।
पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने जेल प्रशासन को इन आरोप पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अधिवक्ता एम एस खान ने अदालत को बताया कि राशिद ने तिहाड़ जेल से फोन के जरिये अपने पिता को घटना की जानकारी दी है। उन्होंने कहा उनके मुवक्किल से उसके साथ बंद कैदियों ने मारपीट की और ‘जय श्री राम’ जैसे धार्मिक नारे लगाने और जाप करने के लिए मजबूर किया।
आरोपी व उनके साथी राजनेताओं को निशाना बनाने के साथ-साथ दिल्ली और उत्तर भारत में सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती हमलों और सीरियल ब्लास्ट की कथित योजना बना रहे थे। आरोपी को दिसंबर 2018 में नौ अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था,
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इसके बाद एनआईए ने दिल्ली पुलिस की विशेष सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते के समन्वय से दिल्ली के जाफराबाद, सीलमपुर में छह स्थानों पर और उत्तर प्रदेश में 11 स्थानों जिनमें अमरोहा में छह, लखनऊ में दो, हापुड़ में दो और मेरठ में दो स्थानों पर छापे मारे थे। यह छापे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह से पहले मारे गए थे।
एनआईए के अनुसार आरोपियों के कब्जे से देसी रॉकेट लांचर, आत्मघाती वास्कट के लिए सामग्री और टाइमर के रूप में इस्तेमाल होने वाली 112 अलार्म घड़ियां बरामद हुई थीं। एनआईए के अनुसार इसके अलावा उनके पास से पोटेशियम नाइट्रेट, अमोनियम नाइट्रेट और सल्फर जैसी 25 किलो विस्फोटक सामग्री भी बरामद की।
आरोप है कि इस संगठन ने कथित तौर पर रिमोट कंट्रोल कारों और वायरलेस घंटियों को रिमोट नियंत्रित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज को कोडांतरण में अपने सर्किट का इस्तेमाल करने के लिए भी खरीदा था। इसके अलावा एनआईए ने तलाशी के दौरान स्टील के कंटेनर, बिजली के तार, 91 मोबाइल फोन, 134 सिम कार्ड, 3 लैपटॉप, चाकू, तलवार, आईएसआईएस से जुड़ा साहित्य भी बरामद किया था।
जांच एजेंसी ने शुरू में ‘हरकत उल हरब ए इस्लाम’ समूह के 16 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में साक्ष्यों के आधार पर इनमें से 10 को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पांच अमरोहा यूपी से और पांच अन्य उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर और जाफराबाद इलाकों से हुई थी।
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पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने जेल प्रशासन को इन आरोप पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अधिवक्ता एम एस खान ने अदालत को बताया कि राशिद ने तिहाड़ जेल से फोन के जरिये अपने पिता को घटना की जानकारी दी है। उन्होंने कहा उनके मुवक्किल से उसके साथ बंद कैदियों ने मारपीट की और ‘जय श्री राम’ जैसे धार्मिक नारे लगाने और जाप करने के लिए मजबूर किया।
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आरोपी व उनके साथी राजनेताओं को निशाना बनाने के साथ-साथ दिल्ली और उत्तर भारत में सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती हमलों और सीरियल ब्लास्ट की कथित योजना बना रहे थे। आरोपी को दिसंबर 2018 में नौ अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया था,
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इसके बाद एनआईए ने दिल्ली पुलिस की विशेष सेल और उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते के समन्वय से दिल्ली के जाफराबाद, सीलमपुर में छह स्थानों पर और उत्तर प्रदेश में 11 स्थानों जिनमें अमरोहा में छह, लखनऊ में दो, हापुड़ में दो और मेरठ में दो स्थानों पर छापे मारे थे। यह छापे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह से पहले मारे गए थे।
एनआईए के अनुसार आरोपियों के कब्जे से देसी रॉकेट लांचर, आत्मघाती वास्कट के लिए सामग्री और टाइमर के रूप में इस्तेमाल होने वाली 112 अलार्म घड़ियां बरामद हुई थीं। एनआईए के अनुसार इसके अलावा उनके पास से पोटेशियम नाइट्रेट, अमोनियम नाइट्रेट और सल्फर जैसी 25 किलो विस्फोटक सामग्री भी बरामद की।
आरोप है कि इस संगठन ने कथित तौर पर रिमोट कंट्रोल कारों और वायरलेस घंटियों को रिमोट नियंत्रित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज को कोडांतरण में अपने सर्किट का इस्तेमाल करने के लिए भी खरीदा था। इसके अलावा एनआईए ने तलाशी के दौरान स्टील के कंटेनर, बिजली के तार, 91 मोबाइल फोन, 134 सिम कार्ड, 3 लैपटॉप, चाकू, तलवार, आईएसआईएस से जुड़ा साहित्य भी बरामद किया था।
जांच एजेंसी ने शुरू में ‘हरकत उल हरब ए इस्लाम’ समूह के 16 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। बाद में साक्ष्यों के आधार पर इनमें से 10 को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी पांच अमरोहा यूपी से और पांच अन्य उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर और जाफराबाद इलाकों से हुई थी।