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Delhi: एमसीडी बजट चर्चा में उदासीन रहे पार्षद, 259 में से सिर्फ 71 सदस्यों ने लिया हिस्सा, चार दिन का था समय
Tue, 10 Feb 2026 04:23 AM IST
Digvijay Singh
विनोद डबास, अमर उजाला, नई दिल्ली
विनोद डबास, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Tue, 10 Feb 2026 04:23 AM IST
सार
एमसीडी के बजट पर सदन में हुई चर्चा को लेकर पार्षदों की गंभीरता और जिम्मेदारी पर उदासीनता ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। देश के सबसे बड़े स्थानीय निकाय के बजट पर चर्चा में अधिकांश पार्षदों ने भाग लेने में खास रुचि नहीं दिखाई।
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एमसीडी मुख्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एमसीडी के बजट पर सदन में हुई चर्चा को लेकर पार्षदों की गंभीरता और जिम्मेदारी पर उदासीनता ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। देश के सबसे बड़े स्थानीय निकाय के बजट पर चर्चा में अधिकांश पार्षदों ने भाग लेने में खास रुचि नहीं दिखाई। तीनों विपक्षी दलों के पार्षद व नेताओं सहित कुल 71 पार्षदों ने ही बजट चर्चा में हिस्सा लिया, जबकि एमसीडी सदन में फिलहाल 249 चुने हुए और 10 मनोनीत पार्षद हैं।
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बजट चर्चा के लिए बुलाई गई सदन की बैठक भी अपने निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। बैठक के देर से शुरू होने के पीछे मुख्य कारण पार्षदों का समय पर सदन में नहीं पहुंचना बताया गया। इस कारण चर्चा की अवधि पर भी असर पड़ा और कई सीटें खाली रहने पर चर्चा सीमित सदस्यों तक सिमट कर रह गई। जबकि बजट जैसे अहम विषय पर समयबद्ध और गंभीर चर्चा की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत नजर आई।
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पार्षदों के बोलने के लिए तय पहले दिन पांच फरवरी को आधा घंटा देर से बैठक शुरू हुई, जबकि दूसरे दिन छह फरवरी को एक घंटा देर से चर्चा आरंभ हुई। पहले दिन सदन में 28 पार्षद और दूसरे दिन 40 पार्षदों ने चर्चा में भाग लिया, मगर अधिकतर पार्षदों ने बजट पर बोलने के बजाय अपने वार्ड की समस्या उठाने में अधिक रूचि ली। इन पार्षदों में सत्तापक्ष के पार्षद भी शामिल रहे। प्रतिमाह होने वाली सदन की बैठक में हंगामा होने के कारण पार्षद अपनी बात नहीं रख पाए थे और उन्होंने बजट पर चर्चा के दौरान मिले अवसर को अपने वार्ड की स्थिति से अवगत कराने को चुना।
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स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा की ओर से पेश किए गए बजट पर चर्चा के लिए सदन में चार दिन निर्धारित किए गए थे। इन चार दिनों में से एक दिन नेता प्रतिपक्ष व आम आदमी पार्टी के पार्षद अंकुश नारंग के लिए तय किया गया था, जिसमें उन्होंने बजट पर अपनी बात रखी। एक अन्य दिन कांग्रेस और इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी के पार्षद दलों के नेता नाजिया दानिश और मुकेश गोयल को बजट पर बोलने का अवसर दिया गया। शेष दो दिन पार्षदों की भागीदारी और विस्तृत चर्चा के लिए निर्धारित किए गए थे।