कोरोना की दहशतः दिल्ली के हालात महाराष्ट्र से बेहतर, फिर भी सर्तक है सरकार
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देश में बीते कुछ दिनों से कोरोना के सक्रिय मरीज बढ़ने लगे हैं। महाराष्ट्र और केरल में तेजी से बढ़ते मामलों के कारण ऐसा हो रहा है। अन्य राज्यों में संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली में भी स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि, राजधानी में संक्रमण से हालात पूरी तरह काबू में है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल यहां महाराष्ट्र जैसी कोई स्थिति नहीं है। बस जरूरी है कि लोग कोरोना से बचाव के सभी नियमों का सख्ती से पालन करें।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दिल्ली में कोरोना के दैनिक मामलों में लगातार कमी आ रही है। संक्रमण दर करीब दो माह से एक फीसदी से कम बनी हुई है। सक्रिय मरीज भी कम हो रहे हैं। मौत के मामलों में भी कमी आ रही है। 98 फीसदी से ज्यादा लोग स्वस्थ भी हो चुके हैं। यह सभी आंकड़े दर्शाते हैं कि फिलहाल संक्रमण काबू में हैं, हालांकि, जिस प्रकार से महाराष्ट्र और केरल में मामले बढ़ रहे हैं। उसको देखते हुए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। सभी जिला अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि कोविड से बचाव के नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती की जाए। इसके साथ ही लोगों को टीकाकरण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना कि स्थिति में काफी अंतर है।
दिल्ली में कोरोना की तीन लहर जा चुकी है। वहीं, महाराष्ट्र में तीसरी लहर चल रही है। महाराष्ट्र में एक सप्ताह से 25 हजार से ज्यादा सक्रिय मरीज बढ़े हैं। वहीं, दिल्ली में सक्रिय मामलों में इजाफा नहीं हो रहा है। दिल्ली में संक्रमण दर घट रही है, लेकिन महाराष्ट्र में इस दर में इजाफा हो रहा है। इंडियन स्पाइनल इंजरीज सेंटर के डॉक्टर डॉ कर्नल विजय दत्ता ने बताया कि दिल्ली और मुंबई में कोरोना की वर्तमान कि स्थिति में काफी अंतर है। महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में कोरोना के नए स्ट्रेन पाए गए हैं, जबकि दिल्ली में ऐसा नहीं है। डॉक्टर के मुताबिक, दिल्ली में स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि टीकाकरण को बढ़ाने की जरूरत है। पूर्ण वैक्सीनेशन से कोरोना की आने वाली लहर के खतरे को कम किया जा सकता है।
दिल्ली और महाराष्ट्र में कोरोना की वर्तमान स्थिति
सूचकांक महाराष्ट्र दिल्ली
औसतन दैनिक मामले 3000 130
कुल सक्रिय मरीज 54,159 1041
कुल मौत 51,788 10,901
नोट-सभी आंकड़े 21 फरवरी तक के हैं।
बढ़ते संक्रमण के बाद मेट्रो-बसों में दो हफ्ते के लिए बढ़ाई गई बंदिशें
दिल्ली मेट्रो और बसों में बंदिशें दो हफ्ते के लिए बढ़ा दी गई हैं। इस दौरान सीमित संख्या में ही यात्रियों को सफर की इजाजत है। इस निर्णय के बाद दोनों परिवहन सेवाओं में एहतियातों का यात्रियों को पालन करने की हिदायत दी गई है। बावजूद इसके बसों में सैनिटाइजेशन की सुविधा नहीं है तो मेट्रो में खड़े होकर सफर करने वाले यात्री भीड़ होने पर अक्सर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की अनदेखी करते दिख जाते हैं। दिल्ली में सार्वजनिक बसों सहित मेट्रो में यात्रियों की संख्या पर सोमवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(डीडीएमए) ने यथास्थिति बनाए रखने का फैसला लिया है।
परिवहन विभाग ने डीडीएमए को एक प्रस्ताव भेजा था ताकि बसों में यात्रियों को खड़े होकर भी सफर का मौका मिल सके। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी)ने भी यात्रियों के लिए राहत देने की पेशकश की थी। संक्रमण में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए डीडीएमए के निर्णय के बाद बसों और मेट्रो में एहतियातों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। हालांकि मेट्रो में यात्रियों की संख्या अधिक होने पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की अनदेखी हो रही है। लेकिन डीडीएमए की बैठक में फैसला लिया गया कि डीटीसी, क्लस्टर बसों में यात्री पहले की तरह की सीटें होने पर ही सफर कर सकेंगे जबकि मेट्रो में एक सीट छोड़कर यात्रियों को सफर की इजाजत है। यात्रियों को भी आपस में नियत दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि नियमों की अनदेखी न हो।
सख्ती से नहीं हो रहा है नियमों का पालन
बसों में यात्रियों को सीट मिलने पर ही सफर करने की हिदायत है। अगर किसी बस में संख्या अधिक होती है तो खड़े रहने वाले यात्रियों को उतार दिया जाता है। संक्रमण से बचाव के लिए सभी मेट्रो स्टेशनों पर सैनिटाईजेशन, थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही यात्रियों को मेट्रो में सफर की इजाजत दी जा रही है। हालांकि बस यात्रियों के लिए सैनिटाजेशन की सुविधा नहीं है तो मेट्रो में खड़े होकर सफर करने वाले सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सख्ती से नहीं कर रहे हैं।
रेलवे महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेन पर रख रहा नजर
रेल प्रशासन महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेनों पर खास नजर रख रहा है। बड़े स्टेशनों पर जोर यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग से है। साथ ही मॉस्क की अनिवार्यता सुनिश्चित की जा रही है। हालांकि, तिलक ब्रिज, सदर बाजार, शिवाजी ब्रिज समेत दूसरे छोटे स्टेशन पर लापरवाही दिख रही है। बेरोकटोक मुसाफिर सीधा प्लेटफार्म तक व टिकट काउंटर पर पहुंच रहे है। टिकट खिड़की पर भीड़ नियंत्रण व सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर भी रेल प्रशासन अधिक मुस्तैद नहीं है।
उत्तर रेलवे के मुख्यजनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि पहले की तरह ही थार्मोमीटर से यात्रियों को चेक किया जा रहा है। महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेन के यात्रियों का भी अन्य ट्रेन से पहुंचने वाले यात्रियों की तरह ही तापमान की जांच की जा रही है। लोकल ट्रेन के बारे में उन्होंने कहा कि जल्द ही अन्य ट्रेन भी पटरी पर उतरेगी। यात्रियों की मॉनीटरिंग की जा रही है। जरूरत के हिसाब से संख्या बढ़ेगी।