फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Shops open after 55 days in delhi during lockdown 4 due to covid 19

ग्राउंड रिपोर्टः दिल्ली में दो महीने बाद खुले बाजार, ऑड-ईवन पर तकरार, सड़कों पर वाहनों की भरमार

Wed, 20 May 2020 04:59 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Wed, 20 May 2020 04:59 AM IST
सार

  • करीब 55 दिन बाद दुकानों के शटर खुले थे ऐसे में अधिकतर दुकानदार सफाई में व्यस्त दिखे
  • कुछ बाजारों में एक ही नंबर पर कई दुकानें अलॉट होने के कारण वहां की स्थानीय एसोसिएशन ने सम-विषम के हिसाब से मार्किंग की
  • किसी बाजार में 40-45 प्रतिशत दुकानें खुलीं तो किसी में केवल 15-20 प्रतिशत

विज्ञापन
Shops open after 55 days in delhi during lockdown 4 due to covid 19
खुल गए बाजार... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लॉकडाउन के कारण लंबे समय से सुस्त पड़े दिल्ली के प्रमुख बाजारों में दुकानों के ताले मंगलवार को ऑड-ईवन की तर्ज पर खुले। कंटेनमेंट जोन के बाहर के कनॉट प्लेस, खान मार्केट, नेहरू प्लेस, सरोजनी नगर मार्केट, करोल बाग खारी बावली आदि बाजारों में ऑड (विषम) नंबर वाली दुकानें खुलीं, लेकिन ग्राहकों की संख्या कम रही।

विज्ञापन


करीब 55 दिन बाद दुकानों के शटर खुले थे ऐसे में अधिकतर दुकानदार सफाई में व्यस्त दिखे। उधर, कंटेनमेंट जोन में होने के कारण चांदनी चौक और सदर बाजार जैसे प्रमुख बाजार बंद रहे। व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने कहा है कि पहले दिन करीब 30-35 प्रतिशत बाजार खुले। किसी बाजार में 40-45 प्रतिशत दुकानें खुलीं तो किसी में केवल 15-20 प्रतिशत। ऑड डेट होने के कारण विषम नंबर वाली दुकानें ही खुलीं। कुछ बाजारों में एक ही नंबर पर कई दुकानें अलॉट होने के कारण वहां की स्थानीय एसोसिएशन ने सम-विषम के हिसाब से मार्किंग की।
विज्ञापन


कनॉट प्लेस
कनॅाट प्लेस में ऑड ईवन की तर्ज पर दुकानें खुली थीं। हालांकि, सामान्य दिनों के मुकाबले यहां इक्का-दुक्का लोग खरीदारी के लिए आए। दुकानों पर कर्मचारी से लेकर मालिक भी सुरक्षा के लिहाज से मास्क और दस्ताने पहने हुए थे। नई दिल्ली ट्रेडर एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने कहा कि मेट्रो स्टेशन, सिनेमा हॉल और रेस्तरां बंद होने के कारण कनॉट प्लेस में लोगों की भीड़ कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन

लक्ष्मी नगर बाजार
सुबह से ही आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर कुछ अन्य दुकानें भी खुलीं दिखीं। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स की दुकानों से लेकर कपड़ों व अन्य सामानों की दुकानें हैं, जो खुली हुई थीं। इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों में कूलर, पंखे व एसी की खरीदारी के लिए लोगों की मौजूदगी दिखंी। दुकान और शोरूम में थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही ग्राहकों को प्रवेश दिया जा रहा था।
मटिया महल बाजार
जामा मस्जिद जामा मस्जिद स्थित मटिया महल बाजार में 8-10 दुकानें खुलीं थीं। बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष अकरम ने बताया कि स्थानीय पुलिस के साथ बैठक कर बाजार खोलने पर राय बनाई गई है। बुधवार से ऑड ईवन की तर्ज पर दुकानें खुलेंगी। इसके साथ ही सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए भी दुकानदारों को निर्देश दिए हैं। मीना बाजार समेत आसपास के कई बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद थीं।
भागीरथ पैलेस
भागीरथ पैलेस में ऑड ईवन की तर्ज पर दुकानें तो खुली, लेकिन बाजार में सीमित जगह होने के कारण सामाजिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़तीं दिखीं। बाजार में मुख्य मार्ग पर ही दोपहिया वाहनों को खड़ा कर दिया गया था। इस वजह से पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कमला नगर मार्केट
सुबह 10 बजे के बीच सभी दुकानदार दुकानों पर पहुंच गए थे। हालांकि दुकान खोलने को लेकर उहापोह की स्थिति थी। स्थानीय प्रशासन के पहुंचने पर दुकान का शटर यहां ऑड-ईवन नंबर के साथ खुलना शुरू हो गया। कई दुकानदार कर्मचारियों का भी इंतजार करते दिखे। आसपास की कॉलोनी में लॉक-डाउन की स्थिति रही।
आजाद मार्केट
संकरी गलियों में यहां की दुकानें सुबह से ही खुलने लगी थीं। सार्वजनिक वाहन तो आते-जाते दिखा, लेकिन ट्रैफिक जाम की भी समस्या रही। जरूरत का सामान खरीदने ही लोग पहुंचे। कुछ दुकानदार बाहर कुर्सी लगाकर ग्राहकों का इंतजार करते रहे।
राणा-प्रताप बाग
त्रिपोलिया गेट स्थित राणा-प्रताप बाग इलाके में छोटे-बड़ी सभी दुकानें खुले। ढाबे भी खुले और कर्मचारी बर्तनों की सफाई में जुटे रहे। परचून की दुकानें भी खुल गई थी। हालांकि ढाबा में दोपहर तक खाना बनाने का काम नहीं शुरू हुआ था।
किग्सवें कैंप इलाका
किंगसवें कैंप इलाके में सुबह से ही दुकानें खुलनी शुरू हो गई थी। इस इलाके में सब्जियों, दवा की दुकानें, ब्रेकरी व ग्रोसरी की दुकानें तो पहले से ही खुल रही थी, मंगलवार को होजरी, रेडीमेड गारमेंट, जूते-चप्पल समेत सभी तरह की दुकानें खुलीं। रेहड़ी-पटरी पर मोबाइल एसेसरीज बेचने वाले भी ग्राहकों के इंतजार में दिखें।
पुरानी दिल्ली
बलीमारान की सभी दुकानें बंद रहीं। पुरानी किनारी बाजार, जरीगोटे का बाजार, मालीवाला बाजार भी बंद रहे। मुस्लिम बहुल बाजार ने तय किया है कि ईद के बाद ही दुकानें खुलेंगी। दरअसल इसके पीछे यह भी तर्क दिया जा रहा है कि इन सब बाजारों में ज्यादातर कारीगर मुस्लिम है। लाजपतनगर मार्केट पूरी तरह बंद रहा।
खारी-बावली इलाका
पुरानी दिल्ली स्थित खारी-बावली इलाका सुबह के वक्त खुल गया। सफाई के साथ ही दुकानें भी सज गईं थी, लेकिन अत्याधिक भीड़ के कारण दुकानें बंद हो गई। बाद में तय हुआ कि कल ऑड-ईवन फार्मूले पर ही दुकान खुलेंगी। लाल और नीले रंग से दुकान के बाहर पेंट करने का काम शुरू किया गया।

ऑड-ईवन रास नहीं आया

Shops open after 55 days in delhi during lockdown 4 due to covid 19
सबसे पहले सफाई... - फोटो : अमर उजाला

बहुसंख्यक व्यापारियों को ऑड ईवन सिस्टम रास नहीं आ रहा है। दिल्ली के थोक बाजार भीड़ भाड़ वाले इलाके में है। एक-एक बिल्डिंग में 70-100 दुकानें हैं। व्यापारियों में भ्रम इस बात को लेकर बना हुआ है की जिस बिल्डिंग में दुकानें हैं उनके सरकारी नंबर को माना जाए या बिल्डिंग के अंदर जो दुकानें हैं और उन पर जो प्राइवेट नंबर दुकानदारों ने अपनी सुविधा से रखे हैं उनको नंबर माना जाए। व्यापारियों का यह भी कहना हेै कि ग्राहकों के लिए भी बेहद अजीब स्थिति होगी क्योंकि अलग-अलग दुकानें अलग किस्म का व्यापार करती हैं। इस दृष्टि से ग्राहक यदि एक दिन बाजार में आएगा तो संभवत: हर प्रकार का सामान नहीं खरीद पाएगा।

दिल्ली की मार्केट को दस भागों में बांटने की मांग
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने दिल्ली के उपराज्यपाल व मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि दिल्ली के व्यापारी ऑड ईवन व्यवस्था को दिल्ली के व्यापार के अनुकूल नहीं मानते हैं। इस तरह से व्यापार पूरे तौर पर खुल नहीं पाएगा और व्यापारियों को बड़ी असुविधा होगी। दिल्ली की मार्केट को दस भागों में बांट दिया जाए। इसमें पांच भाग सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुलें जबकि बाकी पांच भाग दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक खुलें।

ऑड-ईवन के तर्ज पर दुकानों को खोला गया है, लेकिन हमारी सरकार से मांग है कि सभी दुकानों को एक साथ खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए। इससे ग्राहकों के पास खरीदारी के अधिक विकल्प मौजूद होंगे।
-अतुल भार्गव, अध्यक्ष, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन
कंटेनमेंट जोन के कारण हमने सदर बाजार को खोलने की अनुमति नहीं दी थी। इसके लिए पूरे दिन हमने बाजार में घूम-घूमकर इस आदेश का पालन भी करवाया है।
-देवराज बवेजा, अध्यक्ष, दिल्ली व्यापार महासंघ

दफ्तर खुले, आधी कार्यशक्ति को ही आने की अनुमति
पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र में दोपहर करीब एक बजे 60 फीसदी दफ्तर खुले दिखे। इनमें भी जिन लोगों को घर से काम की सुविधा दी गई है, वे नहीं पहुंचे। एक कंपनी के सुरक्षा गार्ड राज बहादुर ने बताया कि उनकी कंपनी की मुख्य शाखा नारायणा में है। वहां गाड़ियों के स्पेयर पार्ट्स बनते हैं। यह कंपनी का कॉरपोरेट ऑफिस है। ऑफिस खुल गया है, लेकिन कुछ ही लोग आए हैं। कोरोना संक्रमण के डर के कारण काफी लोग अब भी घर से ही काम कर रहे हैं।

सड़कों पर सरपट दौड़ी गाड़ियां, राहत के पहले दिन निजी वाहनों को तरजीह

Shops open after 55 days in delhi during lockdown 4 due to covid 19
वही पुराना हाल... - फोटो : अमर उजाला

लॉकडाउन-4 में राहत के पहले दिन लगभग 3000 बसें, ऑटो, टैक्सी, ई-रिक्शा सड़कों पर उतरी। वाहनों की संख्या अधिक रही, लेकिन यात्रियों की संख्या काफी कम रही। राहत के पहले दिन सार्वजनिक वाहनों में सफर करने के बजाय अधिकतर लोगों ने निजी वाहनों को अपनाया। 

इस वजह से सड़कों पर भीड़ अधिक रही। सुबह से डीटीसी की 1815 बसें सड़कों पर निकली, जबकि क्लस्टर की भी करीब 1200 बसें सड़कों पर निकली। यह संख्या कुल बसों का करीब 50 फीसदी है, जिनमें 20 से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाया गया। बस स्टॉप पर भी इक्का-दुक्का यात्री ही थे, जबकि संचालित होने वाली बसें भी सभी स्टॉप पर नहीं रुकीं।

बसों में सभी तरह की एहतियात बरती गई, लेकिन अधिकतर बसों में प्रवासी श्रमिकों को रेलवे स्टेशन छोड़ने का सिलसिला शाम तक चलता रहा। रूट पर चलने वाली बसें भी करीब दो महीने बाद सड़कों पर उतरीं। बसों में तो सामाजिक दूरी का पालन किया गया, लेकिन टैक्सी और ऑटो सहित ई-रिक्शा के संचालन में नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। बसों में 20 से भी कम यात्री रहे। हालांकि, रूट पर बसों की संख्या सामान्य से काफी कम रहीं। 

संक्रमण से बचाव के लिए नहीं हैं पुख्ता इंतजाम
बसों का संचालन शुरू कर दिया गया है, लेकिन सामाजिक दूरी बनाए रखने के अलावा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बसों में अभी भी पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। इसका लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

शहर में और डीएमडी पर लगा जाम

Shops open after 55 days in delhi during lockdown 4 due to covid 19
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर... - फोटो : अमर उजाला

लॉकडाउन-4 में छूट मिलते ही दिल्ली में कई जगहों पर लंबा जाम लग गया। मंगलवार को दिल्ली खुलते ही लोगों को लगा कि वह पड़ोसी शहर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम व पानीपत जा सकते हैं। पड़ोसी राज्यों की सीमा पर पहुंचकर लोगों को पता लगा कि अभी बॉर्डर खुले नहीं हैं। इस कारण बॉर्डर पर जाम लग गया।

डीएनडी व कालिंदी कुंज पर दिल्ली से जाने वाले वाहनों की करीब डेढ़ से दो किमी लंबी लाइन लग गई। बॉर्डर से वाहन वापस दिल्ली आ रहे थे। इस कारण राजधानी की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया। इस वजह से राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर जाम लग गया।

कालिंदी कुंज व डीएनडी बॉर्डर पर नोएडा पुलिस सख्त चेकिंग कर रही थी। केवल पास धारकों को ही नोएडा में प्रवेश दिया जा रहा था। इस कारण डीएनडी व कालिंदी कुंज पर सुबह से ही वाहनों की लंबी लाइनें लग गई थीं। ग्यारह बजते-बजते वाहनों की डेढ़ से दो किमी लंबी लाइन लग गई थी। कालिंदी कुंज होकर नोएडा अपने कार्यालय जा रहे भीम ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि दिल्ली के बॉर्डर खोल दिए गए हैं।

इस कारण वह अपने कार्यालय जा रहा था। कार से नोएडा जा रहे वसंतकुंज निवासी संजीव ने बताया कि उसे पता नहीं था कि बॉर्डर नहीं खोले गए हैं। उसके कार्यालय से फोन आया था कि वह ऑफिस आए जाए। गाजीपुर बॉर्डर पर थोड़ी राहत थी। दिलशाद गार्डन बॉर्डर भी वाहनों की लंबी लाइनें लगी हुई थीं। यहां एक तरफ का मार्ग पूरी तरह बंद किया हुआ था। 

नोएडा पुलिस से की बात : हसन
 दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) ताज हसन ने बताया कि नोएडा पुलिस ने बात की गई थी। नोएडा पुलिस अपने प्रशासन के आदेश का हवाला दे रहे थे। प्रवेश पास नहीं होने के कारण कई वाहन चालक यू-टर्न लेकर दिल्ली वापस आ रहे थे। 

इन प्रमुख मार्गों पर लगा जाम
आईटीओ, आश्रम चौक, धौला कुंआ, एमबी रोड, चांदनी चौक, आईएसबीटी कश्मीरी गेट, भीकाजी कामा प्लेस, ग्रीन पार्क, लक्ष्मी नगर, दिलशाद गार्डन, रोहिणी, समयपुर बादली चौराहा आदि जगहों पर ट्रैफिक काफी भारी हो गया था। अन्य मार्गों पर ट्रैफिक सामान्य था। हालांकि दिल्ली के खुलने के बावजूद कई मार्गों पर लॉकडाउन पिकेट लगी हुई थीं। लॉकडाउन पिकेट के कारण एक कैरिज्वे बंद था। दूसरे कैरिज्वे से दोनों तरफ का ट्रैफिक गुजर रहा था। इस कारण कई मार्गों पर जाम लग गया था। नेहरू प्लेस, बाहरी रिंग रोड, ग्रीन पार्क, दिलशाद गार्डन, लक्ष्मी नगर, पंजाबी बाग और रोहिणी में जाम लग गया था। विशेष पुलिस आयुक्त ताज हसन ने बताया कि दिल्ली के खुलने के घोषणा के बाद ही सभी ट्रैफिक सिग्नल ठीक कर दिया गया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed