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पढ़ेंगे बच्चे, आगे बढ़ेंगे बच्चे: पढ़ने की आदत का विकास करने के लिए सीबीएसई शुरू करेगा रीडिंग मिशन
Thu, 16 Sep 2021 11:08 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Thu, 16 Sep 2021 11:08 PM IST
सार
आगामी 20 सितंबर को सीबीएसई अध्यक्ष मनोज आहुजा लॉन्च करेंगे। बोर्ड का कहना है कि इस मिशन से छात्रों को समझ के साथ पढ़ने की योग्तया हासिल होगी। इस दौरान बोर्ड पढ़ने के कौशलों को बढ़ाने के लिए भाषा निर्माण पर केंद्रित गतिविधियां कराएगा।
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स्कूली बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अब स्कूली बच्चे समझ के साथ पढ़ने की योग्यता हासिल करेंगे। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड बच्चों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने के लिए रीडिंग मिशन की शुरुआत करने जा रहा है। इस मिशन के लिए बोर्ड प्रथम बुक्स स्टोरी वीवर और सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन के साथ साझेदारी कर रहा है।
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दो साल (2021-23) की रीडिंग मिशन योजना के तहत बच्चों को किताबों को पढ़ने और उनके साथ जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस मिशन के अंतर्गत सीबीएसई संबद्ध स्कूलों के हिंदी व अंग्रेजी शिक्षकों को पहली से आठवीं तक के बच्चों के लिए गुणवत्ता वाली पठन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। सीबीएसई का कहना है कि बोर्ड राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विजन के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में बोर्ड शिक्षार्थियों के बीच पठन साक्षरता को बढ़ाने के लिए ही यह रीडिंग मिशन लेकर आ रहा है।
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आगामी 20 सितंबर को सीबीएसई अध्यक्ष मनोज आहुजा लॉन्च करेंगे। बोर्ड का कहना है कि इस मिशन से छात्रों को समझ के साथ पढ़ने की योग्तया हासिल होगी। इस दौरान बोर्ड पढ़ने के कौशलों को बढ़ाने के लिए भाषा निर्माण पर केंद्रित गतिविधियां कराएगा।
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इस मिशन के तहत स्कूलों और शिक्षकों के पास पहली कक्षा से आठवीं तक की कक्षाओं के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी और हिंदी के बच्चों की कहानी की किताबों और अन्य संसाधनों का भंडार होगा। इसके साथ ही छठी से सातवीं के बच्चों के लिए रीडिंग चैलेंज भी आयोजित किया जाएगा। वर्तमान में यह रीडिंग चैलेंज आठवीं से दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए आयोजित किया जाता है।
बोर्ड का मानना है कि रीडिंग मिशन से बच्चों की पढ़ने की आदत और शब्दावली बढ़ेगी, वह कहानियों और अपने जीवन के बीच संबंध बनाकर नए विचारों से अवगत होंगे। साथ ही छात्रों के संपूर्ण विकास में भी मदद मिलेगी।