{"_id":"621260f798cb4e7b7c76f298","slug":"case-of-getting-ied-in-seemapuri-police-searching-for-local-network-of-suspects-more-than-a-dozen-teams-are-investigating-the-matter","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमापुरी में आईडी मिलने का मामला: संदिग्धों के लोकल नेटवर्क की तलाश कर रही पुलिस, दर्जन भर से अधिक टीमें कर रही मामले की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमापुरी में आईडी मिलने का मामला: संदिग्धों के लोकल नेटवर्क की तलाश कर रही पुलिस, दर्जन भर से अधिक टीमें कर रही मामले की जांच
Sun, 20 Feb 2022 09:10 PM IST
सुशील कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Sun, 20 Feb 2022 09:10 PM IST
सार
पुलिस अब इन संदिग्धों के अलावा उनके लोकल नेटवर्क की भी तलाश कर रही है। संदिग्धों ने गाजीपुर में आईईडी रखने के लिए जिस बाइक का इस्तेमाल किया था, पुलिस ने उसके असली मालिक को बुलाकर पूछताछ की है।
विज्ञापन
IED in Seemapuri
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अलग-अलग कई राज्यों में मिले आईईडी के बाद यह बात लगभग साफ है कि पड़ोसी देश में बैठे आतंकी भारत में अपने गुर्गों को हुक्म देकर भारत का माहौल खराब करने के फिराक में है। दिल्ली पुलिस के अलावा देश की बड़ी जांच एजेंसियां इसकी जांच में जुटी हैं। सीमापुरी और गाजीपुर में मिले आईईडी की जांच के दौरान पुलिस आशंका जता रही है कि संदिग्धों ने दिल्ली-एनसीआर में लोकल सपोर्ट की मदद से आईईडी को प्लांट करने का प्रयास किया।
विज्ञापन
पुलिस अब इन संदिग्धों के अलावा उनके लोकल नेटवर्क की भी तलाश कर रही है। संदिग्धों ने गाजीपुर में आईईडी रखने के लिए जिस बाइक का इस्तेमाल किया था, पुलिस ने उसके असली मालिक को बुलाकर पूछताछ की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बाइक मालिक ने बताया कि वह शास्त्री पार्क स्थित बुलंद मस्जिद के पास रहता है। वह एक सैलून पर काम करता है। 13 नवंबर 2020 की रात को उसने अपने घर के नीचे काले रंग की अपनी स्प्लेंडर बाइक खड़ी की थी। रात को बाइक चोरी हो गई। बाइक के मालिक ने अगले ही दिन उसकी ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करा दी।
विज्ञापन
पीड़ित ने बताया कि उसके बाद बाइक का पता नहीं चला। शनिवार को उसे पूछताछ के लिए लोधी कॉलोनी बुलाया गया था। उसे बाइक दिखाकर बाइक के बारे में पूछा गया। पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। वहीं मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों ने संदिग्धों को बाइक दी, पुलिस उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इन कड़ियों को जोड़कर पुलिस संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस आशंका जता रही है कि सीमापुरी और गाजीपुर दोनों जगह आईईडी प्लांट करने वालों के मददगार दिल्ली-एनसीआर के ही हैं। पुलिस उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
विज्ञापन
पुलिस को आशंका संदिग्धों के मॉड्यूल में दर्जनभर से अधिक लोग शामिल
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिस तरह से संदिग्धों ने राजधानी को दहलाने का प्रयास किया था, उसकी जांच के बाद पता चला है कि इस मॉड्यूल में दर्जनभर से अधिक लोग शामिल हो सकती हैं। इसी कड़ी में पुलिस की टीमें दिल्ली एनसीआर के अलावा पंजाब, यूपी, मध्य प्रदेश और दूसरें स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि एक कड़ी जुड़ने के बाद अपने आप बाकी लोगों की पहचान होती चली जाएगी। उसी कड़ी को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
अब तक कुल 15 से पूछताछ 150 नंबरों की जांच जारी
दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि सीमापुरी और गाजीपुर मामले में मिले आईईडी की जांच के दौरान पुलिस की टीमें अब तक कुल 15 लोगों से पूछताछ कर चुकी हैं। इसमें सीमापुरी का मकान मालिक हाशिम और प्रॉपर्टी डीलर शानू भी शामिल है। इसके अलावा पुलिस ने कुछ सिमकार्ड बेचने वालों के अलावा कुछ और लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया था। दूसरी ओर पुलिस ने डंप डाटा के आधार पर करीब 150 मोबाइल नंबरों की पहचान की है। उसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। इन नंबरों से भी पुलिस कुछ नंबरों को शॉर्ट लिस्ट कर रही है। इन नंबरों के सीडीआर निकलवाकर उनको सर्विलांस पर लगाया जा रहा है।
स्कैच के आधार पर संदिग्धों की तलाश में छापेमारी
दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि दो आरोपियों के स्कैच तैयार उसके आधार पर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। दिल्ली-एनसीआर समेत करीब चार राज्यों में छापेमारी जारी है। स्कैच इंटरनल नेटवर्क की मदद से लोकल पुलिस के अलावा दूसरे राज्यों में पहुंच गए हैं। इन स्कैच के आधार पर संदिग्धों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। मुखबिर नेटवर्क की भी मदद ली जा रही है।