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चुनाव से पहले निगम को लूटने की कोशिश कर रही भाजपा: भारद्वाज
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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि भाजपा शासित दक्षिणी निगम ने पार्षद निधि को 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ की घोषणा की है। ऐसे में चुनाव से पहले निगम को भाजपा लूटने की कोशिश कर रही है।
भारद्वाज ने कहा कि भाजपा शासित निगम कहती है कि कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं है। ऐसे में पार्षद निधि को 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कैसे किया जा सकता है। निगम के बारे में कहा जाता है कि पार्षदों को फंड सड़क और नालियां बनाने के लिए दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पार्षदों को लगता है कि आगामी चुनाव में पार्टी टिकट नहीं देगी इसलिए आखिरी साल में निगम को लूटना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि निगम के कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। निगम के डॉक्टर, नर्स, शिक्षक और सफाई कर्मचारियों सहित तमाम कर्मचारियों को चार से पांच महीने का वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि निगम एक तरफ फंड न होने का रोना रोती है और कर्मचारियों को महीनों तक का वेतन नहीं देती है। दूसरी तरफ उन्होंने फंड को पहले 25 लाख से 50 लाख किया था और 50 लाख से एक करोड़ कर दिया।
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भारद्वाज ने कहा कि निगम का मुख्य काम सड़क नालियां बनाना है। दिल्ली में कॉलोनी, गांव व बस्तियों के अंदर की सड़कें निगम की होती हैं जबकि बाहर की मुख्य सड़क दिल्ली सरकार की होती हैं। अंदरूनी सड़कों का बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि पार्षदों को एक-एक करोड़ रुपये सिर्फ इसलिए दिए जा रहे हैं ताकि इन पैसों की बंदरबांट की जा सके। कर्मचारियों को भले ही वेतन न मिले, लेकिन पार्षदों को सारा का सारा पैसा दिया जाए। इसका बड़ा कारण यह भी है कि सभी पार्षदों की टिकट कटेगी क्योंकि जनता परेशान है।
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भारद्वाज ने कहा कि भाजपा शासित निगम कहती है कि कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं है। ऐसे में पार्षद निधि को 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कैसे किया जा सकता है। निगम के बारे में कहा जाता है कि पार्षदों को फंड सड़क और नालियां बनाने के लिए दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पार्षदों को लगता है कि आगामी चुनाव में पार्टी टिकट नहीं देगी इसलिए आखिरी साल में निगम को लूटना चाहते हैं।
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उन्होंने कहा कि निगम के कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। निगम के डॉक्टर, नर्स, शिक्षक और सफाई कर्मचारियों सहित तमाम कर्मचारियों को चार से पांच महीने का वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि निगम एक तरफ फंड न होने का रोना रोती है और कर्मचारियों को महीनों तक का वेतन नहीं देती है। दूसरी तरफ उन्होंने फंड को पहले 25 लाख से 50 लाख किया था और 50 लाख से एक करोड़ कर दिया।
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भारद्वाज ने कहा कि निगम का मुख्य काम सड़क नालियां बनाना है। दिल्ली में कॉलोनी, गांव व बस्तियों के अंदर की सड़कें निगम की होती हैं जबकि बाहर की मुख्य सड़क दिल्ली सरकार की होती हैं। अंदरूनी सड़कों का बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि पार्षदों को एक-एक करोड़ रुपये सिर्फ इसलिए दिए जा रहे हैं ताकि इन पैसों की बंदरबांट की जा सके। कर्मचारियों को भले ही वेतन न मिले, लेकिन पार्षदों को सारा का सारा पैसा दिया जाए। इसका बड़ा कारण यह भी है कि सभी पार्षदों की टिकट कटेगी क्योंकि जनता परेशान है।