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Shikhar Dhawan: धवन के खिलाफ अपमानजनक सामग्री प्रसारित करने पर लगाई रोक, बच्चे से बात करने को दिया समय
Sun, 05 Feb 2023 04:47 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 05 Feb 2023 04:47 AM IST
सार
अदालत ने धवन की पत्नी को बच्चे और उसके पिता के बीच प्रतिदिन 30 मिनट की वीडियो कॉल की सुविधा देने का भी निर्देश दिया है।
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शिखर धवन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अदालत ने भारतीय क्रिकेटर शिखर धवन की पत्नी को उनके खिलाफ सोशल या प्रिंट मीडिया, दोस्तों और रिश्तेदारों सहित अन्य व्यक्तियों को अपमानजनक और झूठी सामग्री प्रसारित करने पर रोक लगा दी है। साथ ही अदालत ने धवन की पत्नी को बच्चे और उसके पिता के बीच प्रतिदिन 30 मिनट की वीडियो कॉल की सुविधा देने का भी निर्देश दिया है।
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क्रिकेटर और उनकी पत्नी अगस्त 2020 से अलग रह रहे हैं। उन्होंने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 (एल) (आईए) के तहत क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए याचिका भी दायर की है। पत्नी और उनका बच्चा विदेशी नागरिक हैं। पटियाला हाउस कोर्ट के न्यायाधीश हरीश कुमार ने क्रिकेटर द्वारा कथित मानहानिकारक सामग्री को प्रसारित करने से रोकने के लिए एकतरफा निषेधाज्ञा के लिए दायर एक आवेदन पर पत्नी के खिलाफ आदेश पारित किया है। शिखर ने तर्क रखा कि उनकी पत्नी ने उसकी प्रतिष्ठा को खराब करने और उसके करियर को बर्बाद करने के लिए व्हाट्सएप पर उसके खिलाफ कथित मानहानिकारक और झूठे संदेश प्रसारित किए हैं।
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अदालत ने कहा कि एक व्यक्ति की प्रतिष्ठा सभी के लिए प्रिय है और इसे उच्चतम डिग्री की संपत्ति माना जाता है। भौतिक संपत्ति को नुकसान के बाद वापस प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन प्रतिष्ठा को एक बार क्षतिग्रस्त होने पर वापस नहीं किया जा सकता है। अदालत ने कहा कि यदि प्रतिवादी पत्नी को याचिकाकर्ता के खिलाफ वास्तविक शिकायत है तो उसे संबंधित प्राधिकरण को कोई शिकायत करने से नहीं रोका जा सकता है। वह इसके लिए स्वतंत्र हैं। उन्हें क्रिकेटर पर अपमानजनक टिप्पणी की किसी भी सूरत में इजाजत नहीं है।
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