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सड़कों पर धूल-धुएं को रोकेंगे एयर प्यूरीफायर: सीएम ने अल्ट्रा-मॉडर्न प्रदूषण नियंत्रण तकनीकों का किया निरीक्षण
Sun, 24 May 2026 05:31 AM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Sun, 24 May 2026 05:31 AM IST
सार
सड़कों पर देसी तकनीक के इस्तेमाल से हवा में फैले धुएं, धूल और जहरीले कणों को खत्म किया जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में लगाए गए तीन आधुनिक एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम का ग्राउंड निरीक्षण किया और कहा कि अब प्रदूषण के खिलाफ सरकार सालभर मिशन मोड में काम करेगी।
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सीएम रेखा गुप्ता
- फोटो : ANI
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विस्तार
सड़कों पर देसी तकनीक के इस्तेमाल से हवा में फैले धुएं, धूल और जहरीले कणों को खत्म किया जाएगा। शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में लगाए गए तीन आधुनिक एयर प्यूरीफिकेशन सिस्टम का ग्राउंड निरीक्षण किया और कहा कि अब प्रदूषण के खिलाफ सरकार सालभर मिशन मोड में काम करेगी। निरीक्षण के दौरान पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने रामा रोड स्थित सत गुरु राम सिंह मार्ग पर लगाए गए एसटीआर-101 फिल्टर रहित एयर प्यूरीफायर सिस्टम का निरीक्षण किया। सड़क के बीचों-बीच बिजली के खंभों पर इसकी 21 डिवाइस लगाई गई हैं। यह सिस्टम हवा में मौजूद पीएम 1, पीएम 2.5, पीएम 10, धूल, धुआं और कार्बन कणों को कम करने के लिए तैयार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक इसकी हाई-फ्रीक्वेंसी चिप तकनीक बैक्टीरिया और वायरस को भी निष्क्रिय करने में सक्षम है। यह प्रणाली प्रति घंटे करीब तीन लाख लीटर हवा को प्रोसेस कर सकती है। इसमें किसी पारंपरिक फिल्टर की जरूरत नहीं पड़ती। यह पूरी तरह ऑटो-क्लीनिंग और कम रखरखाव वाली तकनीक है, जिसमें आईओटी आधारित लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम भी लागू है।
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सीएम बोलीं- अब पूरे साल प्रदूषण से लड़ेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा, प्रदूषण के खिलाफ अभियान केवल सर्दियों तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार पूरे साल तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन से समाधान पर काम करेगी। मेक इन इंडिया के तहत विकसित स्वदेशी तकनीकें पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा रही हैं। दिल्ली सरकार ऐसी तकनीकों को बड़े स्तर पर अपना रही है।
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ईवी एंटी स्मॉग गन बिल्कुल नई तकनीक
मुख्यमंत्री ने कीर्ति नगर से मायापुरी मार्ग पर लगी देश की पहली ईवी एंटी स्मॉग गन के काम को देखा। यह मोबाइल और जीरो एमिशन सिस्टम जरूरत के हिसाब से अलग-अलग इलाकों में इस्तेमाल हो सकती है। यह हाई प्रेशर पंप और हाई स्पीड फैन की मदद से बेहद महीन जल कणों का छिड़काव करती है, जिससे हवा में मौजूद धूल और प्रदूषक नीचे बैठ जाते हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह तकनीक क्लीन एयर कॉरिडोर बनाती है, जिससे ट्रैफिक वाले इलाकों में दृश्यता और वायु गुणवत्ता दोनों बेहतर होंगी।
धुएं को स्रोत पर ही साफ करेगी डिवाइस
निरीक्षण करते हुए तीसरा पड़ाव कीर्ति नगर फायर स्टेशन के पास लगाया गया पवन-3 रोडसाइड एयर पॉल्यूशन कंट्रोल डिवाइस रहा। यह तकनीक खास तौर पर वाहनों से निकलने वाले धुएं को स्रोत स्तर पर पकड़ने के लिए तैयार की गई है। सड़क किनारे डिवाइडर पर लगाए गए इस सिस्टम में प्रदूषित हवा को शक्तिशाली सक्शन तकनीक से खींचकर कई स्तरों पर साफ किया जाता है और शुद्ध हवा वापस वातावरण में छोड़ी जाती है।