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आंदोलनकारी किसान बोले : कोरोना का कहर भी कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन को नहीं रोक सकता

Fri, 09 Apr 2021 07:26 PM IST
सुशील कुमार कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Fri, 09 Apr 2021 07:26 PM IST
सार

  • चार महीने से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे किसान
  • बारिश, भीषण सर्दी और अब गर्मी में भी आंदोलन जारी 
  • बुनियादी सावधानियों के साथ कोरोना के लिए भी तैयार

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Agitating farmers said The havoc of Corona cannot stop the protest against agricultural laws
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी के बावजूद किसान नेताओं ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वायरस का डर भी उन्हें केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करने से नहीं रोक सकता। किसान संगठन पिछले चार महीने से अधिक समय से बारिश, भीषण सर्दी और अब गर्मी में भी अपना आंदोलन चला रहे हैं।

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सर्दी के मौसम में प्रदर्शनकारी किसानों को गर्म कपड़ों की आपूर्ति की गयी, बारिश में जमीन से ऊंचाई पर उनके रहने का बंदोबस्त किया गया और अब गर्मी के लिए उन्होंने प्रदर्शन स्थलों पर छायादार ढांचे बनाना तथा एसी, कूलर और पंखों का बंदोबस्त शुरू कर दिया है। किसानों ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर से निपटना भी उनके लिए मुश्किल नहीं होगा। वे प्रदर्शन स्थलों पर बुनियादी सावधानियों के साथ इसके लिए भी तैयार हैं।
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ऑल इंडिया किसान सभा के उपाध्यक्ष (पंजाब) लखबीर सिंह ने कहा कि हम सिंघू बॉर्डर पर मंच से मास्क पहनने और हाथ बार-बार धोने की आवश्यकता के बारे में लगातार घोषणा कर रहे हैं। हम प्रदर्शनकारियों को टीका लगवाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। प्रदर्शन स्थलों पर अनेक स्वास्थ्य शिविर भी चल रहे हैं, ऐसे में बुखार या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण सामने आने पर प्रदर्शनकारियों को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सकती है।
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भारतीय किसान यूनियन (दाकौंडा) के महासचिव जगमोहन सिंह ने कहा कि अगर किसी को बुखार या खांसी है या कोविड का अन्य कोई लक्षण है तो यहां डॉक्टर देखते हैं और फैसला करते हैं। रोगी को या तो अस्पताल में भर्ती कराया जाता है या 8-10 दिन के लिए गांव वापस भेज दिया जाता है। स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव के अनुसार किसान महामारी को ‘कुछ उदासीनता’ के साथ देखते हैं लेकिन अभी तक कोई प्रदर्शन स्थल कोविड-19 का हॉटस्पॉट नहीं है।

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