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उत्तरी निगम पर लगाए गए आरोपों के लिए माफी मांगे आप के नेता
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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा और आतिशी को आपराधिक और सिविल मानहानि नोटिस भेजे जाने के बाद आप नेताओं द्वारा निगम पर भ्रष्टाचार को लेकर की गई टिप्पणी से नाराज उत्तरी निगम के नेताओं ने आप के नेताओं से माफी मांगने के लिए कहा है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम नेता सदन योगेश वर्मा ने इन नेताओं को लीगल नोटिस भेजा था।
सिविक सेंटर में बृहस्पतिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में उत्तरी नगर निगम महापौर जयप्रकाश ने कहा कि एक तरफ निगम राजधानी में जलभराव की स्थिति के संबंध में बात कर रहा है। वहीं, आप के नेता मुद्दों को भटकाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप नेताओं द्वारा उत्तरी निगम व पार्षदों पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वह उन्हें तथ्यों के साथ पेश करें अन्यथा माफी मांगे।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा विभाग के लिए 1606 करोड़ रुपये दिए गए जबकि इन तीनों विभाग में केवल वेतन पर ही 2421 करोड़ रुपये का खर्च आया। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के प्रथम और द्वितीय व तिमाही का लगभग 1180 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार द्वारा नहीं दिया गया है।
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वहीं, नेता सदन योगेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार के जल बोर्ड व पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा नालों की सफाई का दावा किया गया था, लेकिन मानसून की पहली बरसात में ही दिल्ली जलमग्न हो गई। अगर राघव चड्ढा और आतिशी द्वारा माफी नहीं मांगी गई तो एक करोड़ का मानहानि का केस किया जाएगा।
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सिविक सेंटर में बृहस्पतिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में उत्तरी नगर निगम महापौर जयप्रकाश ने कहा कि एक तरफ निगम राजधानी में जलभराव की स्थिति के संबंध में बात कर रहा है। वहीं, आप के नेता मुद्दों को भटकाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आप नेताओं द्वारा उत्तरी निगम व पार्षदों पर जो भी आरोप लगाए गए हैं वह उन्हें तथ्यों के साथ पेश करें अन्यथा माफी मांगे।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा विभाग के लिए 1606 करोड़ रुपये दिए गए जबकि इन तीनों विभाग में केवल वेतन पर ही 2421 करोड़ रुपये का खर्च आया। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के प्रथम और द्वितीय व तिमाही का लगभग 1180 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार द्वारा नहीं दिया गया है।
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वहीं, नेता सदन योगेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार के जल बोर्ड व पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा नालों की सफाई का दावा किया गया था, लेकिन मानसून की पहली बरसात में ही दिल्ली जलमग्न हो गई। अगर राघव चड्ढा और आतिशी द्वारा माफी नहीं मांगी गई तो एक करोड़ का मानहानि का केस किया जाएगा।