फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   91 per cent Corona patients are not serious

राहत: दिल्ली में 91 फीसदी मरीजों में संक्रमण का असर हल्का

Sat, 11 Apr 2020 11:24 PM IST
नोएडा ब्यूरो परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Sat, 11 Apr 2020 11:24 PM IST
विज्ञापन
91 per cent Corona patients are not serious
demo pic - फोटो : PTI

कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली वालों के लिए राहत की खबर है। अब तक दिल्ली में हर दिन कोरोना वायरस के कई गुना केस मिल रहे हैं लेकिन इन मरीजों के स्वास्थ्य की बात करें तो 91 फीसदी में संक्रमण का असर फिलहाल हल्का है।

विज्ञापन


इसके अलावा 12 फीसदी मरीज ऐसे भी हैं जिनकी आयु 50 वर्ष से अधिक होने के साथ ही वे डायबिटीज और हार्ट की बीमारी के पहले से शिकार हैं। इन मरीजों में अगले कुछ दिन में गंभीर लक्षण मिल सकते हैं।
विज्ञापन


दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अस्पतालों में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों में 8.4 फीसदी मरीजों की हालत चिंताजनक है जिनमें से 5 फीसदी आईसीयू में भर्ती हैं। शनिवार तक दिल्ली में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1069 हो चुकी है जिनमें से 1023 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 54 मरीज आईसीयू, आठ वेंटिलेटर और 23 मरीज ऑक्सीजन पर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में चार संक्रमित मरीज भर्ती हैं। इन सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं आरएमएल में भर्ती 22 में से 10 मरीजों को आईसीयू में शिफ्ट किया जा चुका है। ठीक इसी तरह सफदरजंग अस्पताल में भर्ती 24 में से तीन मरीज आईसीयू में हैं और एक मरीज वेंटिलेटर पर है। हालांकि एम्स के झज्जर कैंपस में मौजूद 142 मरीजों में अब तक गंभीर लक्षण नहीं मिले हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि अभी तक संक्रमण का असर उन्हीं मरीजों में देखने को मिल रहा है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता संक्रमण का मुकाबला नहीं कर पा रही है। सफदरजंग अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि दिल्ली में सबसे पहला मरीज जब सामने आया था तो उस वक्त कोरोना का उपचार करना बड़ी चुनौती था।


ज्यादातर डॉक्टर, नर्स या अन्य स्टाफ को ये नहीं पता था कि इनका उपचार कैसे करना है? कोरोना वायरस को लेकर तब तक मंत्रालय की गाइडलाइन भी नहीं मिली थीं लेकिन अब काफी अनुभव हो चुका है। अभी तक जितने भी केस अस्पताल में आए हैं उनमें महज 2 से 3 फीसदी ही गंभीर लक्षणों वाले मिले हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed