{"_id":"614474058ebc3e500900376a","slug":"6-accused-arrested-including-5-bangladeshi-nationals-case-registered-of-cheating-forgery-and-under-passports-act","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: जाली पासपोर्ट के जरिए भेजते थे विदेश, सरगना समेत छह गिरफ्तार, करोड़ों की कमाई कर चुका है गैंग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: जाली पासपोर्ट के जरिए भेजते थे विदेश, सरगना समेत छह गिरफ्तार, करोड़ों की कमाई कर चुका है गैंग
Fri, 17 Sep 2021 04:25 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Fri, 17 Sep 2021 04:25 PM IST
सार
11 सितंबर को एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने संदिग्ध रूप से टर्मिनल तीन पर घूम रहे तीन यात्रियों सहिदुल शेख, फोजिल रब्बी शिपोन और अख्तौजमां तलुकदार को शक के आधार पर पकड़ा।
विज्ञापन
पांच बांग्लादेशी समेत छह आरोपी गिरफ्तार
- फोटो : ट्विटर ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने जाली पासपोर्ट के जरिए लोगों को विदेश भेजने वाले एक गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के बांग्लादेशी सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में से दो बांग्लादेशी नागरिक हैं, जिन्हें गैंग के सदस्य फर्जी भारतीय पासपोर्ट व वीजा के जरिए विदेश भेज रहे थे।
विज्ञापन
पुलिस ने इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन, 15 फर्जी इमीग्रेशन स्टाम्प, दो कम्प्यूटर, 27 फर्जी पासपोर्ट, जिसमें 13 भारतीय, 12 बांग्लादेशी और 2 नेपाल का पासपोर्ट, 12 चेकबुक और दो बैंक खाता पासबुक बरामद किया है। एयरपोर्ट पुलिस उपायुक्त विक्रम पोरवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बांग्लादेश निवासी फोजिल रब्बी शिपोन, सहिदुल शेख, अख्तौजमां तलुकदार, द्वारका निवासी विभोर सैनी, पश्चिम बंगाल निवासी सौरव घोष उर्फ बशीर और बुराड़ी निवासी फहीम खान के रूप में हुई है।
विज्ञापन
11 सितंबर को एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने संदिग्ध रूप से टर्मिनल तीन पर घूम रहे तीन यात्रियों सहिदुल शेख, फोजिल रब्बी शिपोन और अख्तौजमां तलुकदार को शक के आधार पर पकड़ा। पूछताछ में तीनों ने बताया कि वह दोहा जाने के लिए एयरपोर्ट पर आए हैं। लेकिन कागजात की जांच करने पर उनके कब्जे से तीन फर्जी भारतीय पासपोर्ट और एक बांग्लादेशी पासपोर्ट का फोटो कॉपी मिला।
विज्ञापन
यात्रियों ने पूछताछ में पता चला कि सहिदुल शेख और फोजिल रब्बी शिपोन बांग्लादेशी नागरिक हैं और बांग्लादेश में मजदूरी करते हैं। दिल्ली आने पर उनकी मुलाकात एजेंट अख्तौजमां तलुकदार से हुई। जिसने उन्हें फर्जी कागजात के जरिए सर्बिया भेजने के लिए एक से दो लाख और दूसरे से ढाई लाख रुपये लिए। एजेंट ने सहिदुल शेख का सलाम सरदार के नाम से भारतीय पासपोर्ट का इंतजाम किया।
एजेंट अख्तौजमां तलुकदार भी पुलिस गिरफ्त में था। पुलिस ने उसके सराय कालेखां स्थित घर पर छापा मारा और वहां से भारी संख्या में फर्जी पासपोर्ट, स्टाम्प और अन्य सामान बरामद किए। अख्तौजमां तलुकदार ने बताया कि वह एक अन्य एजेंट बशीर, कुली-उर-रहमान, फहीम खान और विभोर की मदद से लोगों को विदेश भेजता है। पुलिस ने उसके निशानदेही पर बशीर, विभोर और फहीम खान को गिरफ्तार कर लिया। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सैकड़ों लोगों को विदेश भेज चुके हैं। इनके एंबेसी और पासपोर्ट कार्यालय में संपर्क हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और इसमें संलिप्ता पाए जाने पर और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।
बांग्लादेशी सरगना साढ़े सात साल से लोगों को भेज रहा है विदेश
जांच में यह बात सामने आई है कि गैंग का सरगना अख्तौजमां तलुकदार पिछले साढ़े सात साल से सैकड़ों लोगों को फर्जी कागजात के जरिए विदेश भेज चुका है। अख्तौजमां तलुकदार सराय काले खां इलाके में दो फर्जी कंपनियां अतितुर्क इम्पोर्ट और एक्पोर्ट ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड और अतितुर्क कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड खोल रखी थी। इन कंपनियों के आधार पर सरगना निमंत्रण पत्र जारी करता था और इसकी मदद से विभिन्न देशों से नकली वीजा प्राप्त करता था। उसने अपने इम्पोर्ट और एक्पोर्ट कंपनी के नाम से बैंक खाते खुलवा रखे थे। वह बशीर की मदद से फर्जी भारतीय पासपोर्ट को तैयार और इंतजाम करता था। सरगना लोगों को विदेश भेजने का सारा काम बशीर, कुली-उर-रहमान, फहीम खान और विभोर के साथ मिलकर करता था। विभोर पहले टर्मिनल तीन पर ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ का काम कर चुका है। इसलिए हवाई अड्डे के भीतर यात्रियों के बोर्डिंग और इमिग्रेशन क्लीयरेंस की व्यस्था विभोर करता था।
जांच में यह बात सामने आई है कि गैंग का सरगना अख्तौजमां तलुकदार पिछले साढ़े सात साल से सैकड़ों लोगों को फर्जी कागजात के जरिए विदेश भेज चुका है। अख्तौजमां तलुकदार सराय काले खां इलाके में दो फर्जी कंपनियां अतितुर्क इम्पोर्ट और एक्पोर्ट ओपीसी प्राइवेट लिमिटेड और अतितुर्क कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड खोल रखी थी। इन कंपनियों के आधार पर सरगना निमंत्रण पत्र जारी करता था और इसकी मदद से विभिन्न देशों से नकली वीजा प्राप्त करता था। उसने अपने इम्पोर्ट और एक्पोर्ट कंपनी के नाम से बैंक खाते खुलवा रखे थे। वह बशीर की मदद से फर्जी भारतीय पासपोर्ट को तैयार और इंतजाम करता था। सरगना लोगों को विदेश भेजने का सारा काम बशीर, कुली-उर-रहमान, फहीम खान और विभोर के साथ मिलकर करता था। विभोर पहले टर्मिनल तीन पर ग्राउंड हैंडलिंग स्टाफ का काम कर चुका है। इसलिए हवाई अड्डे के भीतर यात्रियों के बोर्डिंग और इमिग्रेशन क्लीयरेंस की व्यस्था विभोर करता था।
यात्रियों के नकली यात्रा का भी देते थे ब्यौरा
गैंग के सदस्य विदेश भेजने के लिए यात्रियों के नकली यात्रा का ब्यौरा भी देते थे। इसके लिए वह कई टिकटों और फर्जी इमिग्रेशन स्टाम्प का इस्तेमाल करते थे। इनके पास से इंडोनेशिया, यूएई, बांग्लादेश, नई दिल्ली, श्रीलंका, सिंगापुर, अस्ट्रेलिया और मलेशिया के इमिग्रेशन स्टाम्प मिले हैं। वह नेपाल और बांग्लादेश के उन व्यक्तियों की पहचान करते थे, जो विदेश जाना चाहते थे। उनकी पहचान करने के बाद उन्हें मेडिकल वीजा पर भारत बुलाते थे। फिर उनका फर्जी पहचान पत्र बनाकर फर्जी भारतीय पासपोर्ट का इंतजाम करते थे। इन लोगों ने पिछले दिनों एक बांग्लादेशी को फर्जी भारतीय पासपोर्ट के जरिए यूक्रेन भेजा था।
12 बैंक खातों का हुआ है खुलासा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गैंग के 12 बैंक खातों का खुलासा हुआ है। इन खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया है। पुलिस सभी खातों की जांच कर पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गैंग अब तक कितने लोगों को विदेश भेज चुका है और उनसे इन लोगों को अब तक कितने पैसे मिल चुके हैं।
गैंग के सदस्य विदेश भेजने के लिए यात्रियों के नकली यात्रा का ब्यौरा भी देते थे। इसके लिए वह कई टिकटों और फर्जी इमिग्रेशन स्टाम्प का इस्तेमाल करते थे। इनके पास से इंडोनेशिया, यूएई, बांग्लादेश, नई दिल्ली, श्रीलंका, सिंगापुर, अस्ट्रेलिया और मलेशिया के इमिग्रेशन स्टाम्प मिले हैं। वह नेपाल और बांग्लादेश के उन व्यक्तियों की पहचान करते थे, जो विदेश जाना चाहते थे। उनकी पहचान करने के बाद उन्हें मेडिकल वीजा पर भारत बुलाते थे। फिर उनका फर्जी पहचान पत्र बनाकर फर्जी भारतीय पासपोर्ट का इंतजाम करते थे। इन लोगों ने पिछले दिनों एक बांग्लादेशी को फर्जी भारतीय पासपोर्ट के जरिए यूक्रेन भेजा था।
12 बैंक खातों का हुआ है खुलासा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गैंग के 12 बैंक खातों का खुलासा हुआ है। इन खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया है। पुलिस सभी खातों की जांच कर पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गैंग अब तक कितने लोगों को विदेश भेज चुका है और उनसे इन लोगों को अब तक कितने पैसे मिल चुके हैं।