दिल्ली में 25 और कोरोना संक्रमित मिले, कुल संख्या पहुंची 97
कोरोना संक्रमित 25 और मरीज सोमवार को दिल्ली में सामने आए हैं। इनमें से 18 निजामुद्दीन स्थित मरकज में शामिल होने वाले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों की रिपोर्ट आने के बाद इसकी पुष्टि की है।
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कोरोना संक्रमित 25 और मरीज सोमवार को दिल्ली में सामने आए हैं। इनमें से 18 निजामुद्दीन स्थित मरकज में शामिल होने वाले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती मरीजों की रिपोर्ट आने के बाद इसकी पुष्टि की है। विभाग के अनुसार, अब तक दिल्ली में कोरोना संक्रमित 97 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 24 जमात से संबंधित हैं। इन्हें फिलहाल दिल्ली के 7 सरकारी अस्पतालों में भर्ती किया हुआ है।
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सोमवार शाम तक लोकनायक अस्पताल में 10, राजीव गांधी अस्पताल में 26, डीडीयू में तीन, जीटीबी में तीन, आरएमएल में एक और सफदरजंग अस्पताल में 20 संक्रमित मरीज भर्ती हैं। इनके अलावा 19 संक्रमित मरीजों का उपचार प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है। सात मरीज एम्स के झज्जर कैंपस में भर्ती हैं।
दिल्ली में 97 में से दो मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 डिस्चार्ज होकर घर जा चुके हैं। एक मरीज देश छोड़कर जा चुका है। फिलहाल 89 मरीजों का उपचार चल रहा है। संदिग्ध मरीजों की बात करें तो अलग-अलग अस्पतालों में 340 लोग भर्ती हैं। इनकी रिपोर्ट का इंतजार है। अब तक दिल्ली से 2168 सैंपल जांच के लिए जा चुके हैं, जिनमें से 1846 की रिपोर्ट आ चुकी है। 322 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है।
आरएमएल से तीन और को भेजा होम क्वारंटीन
आरएमएल अस्पताल से तीन और लोगों को होम क्वारंटीन पर भेजा गया है। अब तक 17 डॉक्टरों, नर्स और संदिग्ध मरीजों को क्वारंटीन में रखा गया है। सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रविवार शाम को किडनी की बीमारी से पीड़ित एक मरीज की रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी फैल गई थी। 48 वर्षीय महिला मरीज की रिपोर्ट पहले निगेटिव आई थी, लेकिन बाद में कोरोना पॉजीटिव मिली। इस मरीज के संपर्क में आए सभी लोगों को क्वारंटीन किया गया है। अस्पताल की प्रवक्ता स्मृति तिवारी का कहना है सभी डॉक्टरों को अलर्ट पर रखा गया है।
अस्पताल में फीवर क्लीनिक भी बनाया गया है और इमरजेंसी में आने वाले सभी मरीजों की स्क्रीनिंग हो रही है। इसके अलावा, अस्पताल के डॉक्टरों को छोटी-छोटी टीमों में बांटा गया है। इनकी ड्यूटी अलग-अलग शिफ्ट में होगी, ताकि किसी एक टीम का व्यक्ति संक्रमित हो जाए तो दूसरी टीमें संक्रमण से बच सकें।