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लोकनायक अस्पताल में गुड़िया के साथ चार दिन और रहेगी जिकरा
Mon, 02 Sep 2019 04:02 PM IST
Prachi Priyam
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Prachi Priyam
Updated Mon, 02 Sep 2019 04:02 PM IST
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मासूम बच्ची के साथ उसकी गुड़िया
- फोटो : अमर उजाला
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अपनी गुड़िया के साथ दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में भर्ती हुई जिकरा मलिक के लिए जहां सोशल मीडिया पर लोग जल्द स्वस्थ्य होने की दुआएं मांग रहे हैं। वहीं, डॉक्टरों ने शनिवार को कुछ चिकित्सीय जांच के बाद उसे चार दिन के लिए रोक दिया है। बताया जा रहा है कि अब बृहस्पतिवार को डॉक्टर 11 माह की जिकरा को अस्पताल से छुट्टी दे सकते हैं। वह 13 दिन से अपनी गुड़िया परी के साथ अस्पताल में भर्ती है। जिकरा के दोनों पैरों में कच्चा प्लास्टर चढ़ा हुआ है।
जिकरा के पिता मोहम्मद शहजाद बताते हैं कि उन्होंने बेटी को काफी दुआओं से पाया है। वह चाहते थे कि उनके घर में बेटी का जन्म हो और जब उसने जन्म लिया तो पूरे परिवार ने काफी सोच-विचार के बाद उसका नाम जिकरा रखा। उसके जन्म पर जश्न मनाया गया था।
बिस्तर से गिरने की वजह से उसे फ्रैक्चर हुआ तो समझ नहीं आया कि इतनी छोटी बच्ची प्लास्टर करवाने के बाद पैर को रस्सियों की मदद से ऐसे हवा में कैसे टांगकर रखेगी, लेकिन दो दिन में अपनी बेटी को वायरल होता देख वे काफी खुश भी हैं और परेशान भी। बेटी की यह हालत देखकर जहां मन मायूस है वहीं, उसे लोगों के फोन पर देख खुशी भी मिलती है।
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ऑटो वालों से चला पता
शहजाद ने बताया कि बीते शुक्रवार जब वे जिकरा का दूध लेने के लिए अस्पताल से बाहर गए तो वहां मौजूद कुछ ऑटो चालक अपने फोन पर मैसेज देख रहे थे और बातें कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने गुड़िया का जिक्र किया तो शहजाद उनकी ओर बढ़े। उनके मोबाइल में जिकरा व्हाट्सएप पर वायरल की जा रही थी। कुछ देर बाद बाद चाय की दुकान पर लगे टीवी पर उनकी बेटी की खबर आ रही थी। ये देख वे दौड़ते हुए वापस वार्ड पहुंचे और देखा तो वहां काफी संख्या में लोग बेटी को देखने पहुंच रहे थे।
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जिकरा के पिता मोहम्मद शहजाद बताते हैं कि उन्होंने बेटी को काफी दुआओं से पाया है। वह चाहते थे कि उनके घर में बेटी का जन्म हो और जब उसने जन्म लिया तो पूरे परिवार ने काफी सोच-विचार के बाद उसका नाम जिकरा रखा। उसके जन्म पर जश्न मनाया गया था।
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बिस्तर से गिरने की वजह से उसे फ्रैक्चर हुआ तो समझ नहीं आया कि इतनी छोटी बच्ची प्लास्टर करवाने के बाद पैर को रस्सियों की मदद से ऐसे हवा में कैसे टांगकर रखेगी, लेकिन दो दिन में अपनी बेटी को वायरल होता देख वे काफी खुश भी हैं और परेशान भी। बेटी की यह हालत देखकर जहां मन मायूस है वहीं, उसे लोगों के फोन पर देख खुशी भी मिलती है।
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ऑटो वालों से चला पता
शहजाद ने बताया कि बीते शुक्रवार जब वे जिकरा का दूध लेने के लिए अस्पताल से बाहर गए तो वहां मौजूद कुछ ऑटो चालक अपने फोन पर मैसेज देख रहे थे और बातें कर रहे थे। जैसे ही उन्होंने गुड़िया का जिक्र किया तो शहजाद उनकी ओर बढ़े। उनके मोबाइल में जिकरा व्हाट्सएप पर वायरल की जा रही थी। कुछ देर बाद बाद चाय की दुकान पर लगे टीवी पर उनकी बेटी की खबर आ रही थी। ये देख वे दौड़ते हुए वापस वार्ड पहुंचे और देखा तो वहां काफी संख्या में लोग बेटी को देखने पहुंच रहे थे।