'मिस्टर केजरीवाल, आप मेरे कर्जदार हैं'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक युवक ने ऐसी चिट्ठी भेजी है जिसे पढ़कर वह हैरान रह गए। केजरीवाल को मिली इस चिट्ठी में युवक ने उन्हें अपना कर्जदार बताया है।
चिट्ठी को लिखने वाले युवक ने इस बात का भी जिक्र किया है कि राजधानी में चुनी हुई सरकार न होने के क्या-क्या नुकसान हैं।
चिट्ठी पढ़ने के बाद आप संयोजक ने इसे सोशल मीडिया पर शेयर भी किया। उन्होंने फेसबुक पर लिखा है कि चिट्टी का विषय पढ़ने के बाद मैं हैरान रह गया लेकिन जैसे-जैसे मैंने पूरी चिट्ठी पढ़ी मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई। आखिर क्या है इस चिट्ठी का राज? पढ़िए आगे कि स्लाइड में।
यहां पढ़िए पूरी चिट्ठी
दिल्ली के चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र स्थित देरावल नगर में रहने वाले श्रेय तुलसियान ने चिट्ठी में अपने इलाके समस्या का जिक्र करते हुए बताया है कि वहां के लोग पिछले कुछ महीनों से पीने के पानी के लिए तरसते हैं।
दिल्ली जल बोर्ड की ओर से रोजाना एक घंटे पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों के लिए बोरिंग और समरसिबल पंप लगवाना जरूरी हो गया है। लेकिन अब बिना घूस दिए यहां कोई भी बात नहीं बनने वाली।
बोरिंग करवाने के लिए परमिट जारी करवाने से पहले एक पुलिस अधिकारी ने उनसे 25 हजार रुपए रिश्वत मांगी, लेकिन कोई और विकल्प न होने के कारण उन्होंने उसे 11 हजार में मना लिया। इसके बाद अगले दिन नगर निगम के अधिकारी पहुंचे और उन्होंने भी 5 हजार रुपए मांगे।
युवक ने बताया कि निगम अधिकारी को भी उन्होंने 1500 रुपए देकर मना लिया। इस तरह उन्होंने कुल 12500 रुपए खर्च कर अधिकारियों से अनुमति ले ली। उनके यहां बोरिंग और समरसिबल लगाने का काम जारी है और वे जल्द ही पानी की समस्या से मुक्ति पा जाएंगे।
क्यों हुआ ऐसा?
श्रेय ने चिट्ठी में इस बात का भी जिक्र किया है कि उन्हें इतनी परेशानी इसलिए भी झेलनी पड़ी कि राजधानी में कोई चुनी हुई सरकार नहीं है।
बता दें कि केजरीवाल सरकार के समय भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की गई थी जिसके बाद कई बड़े मामले सामने आए थे। श्रेय ने लिखा कि अगर केजरीवाल की सरकार होती तो उन्हें यह समस्या नहीं उठानी पड़ती।
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पत्र को अपने फेसबुक और ट्विटर पर भी शेयर किया है।