Delhi: यूथ स्पीक फोरम व मोक्ष उत्सव में युवाओं ने दिखाया नेतृत्व-सांस्कृतिक उत्साह, अमर उजाला था नॉलेज पार्टनर
आईआईटी दिल्ली में यूथ स्पीक फोरम-2025 में युवाओं ने नवाचार और सतत विकास पर चर्चा की। वहीं, एनएसयूटी के मोक्ष उत्सव में दर्शन रावल के गीतों और फैशन शो ने छात्रों को मंत्रमुग्ध किया। दोनों आयोजनों में अमर उजाला नॉलेज पार्टनर रहा।
विस्तार
युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सशक्त बनाने के लिए आईआईटी दिल्ली में रविवार को यूथ स्पीक फोरम-2025 कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें अलग-अलग कॉलेज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की इस वर्ष की थीम नवाचार और सतत विकास को प्रोत्साहित करने के लिए मस्तिष्क को सशक्त करना है। एआईईएसईसी दिल्ली आईआईटी द्वारा यूथ स्पीक फोरम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का अमर उजाला नॉलेज पार्टनर था। कार्यक्रम को फाइनेंशियल एजुकेटर, इंफ्लुएंसर सहित उद्यमियों ने संबोधित किया।
फाइनेंशियल एजुकेटर संजय कथूरिया ने कहा कि आज के समय में कंटेट ही मार्केटिंग का एकमात्र तरीका है। हर कोई रोजना पांच से छह घंटे मोबाइल की स्क्रीन पर बीता रहा है। युवा कर्मचारी होने के साथ अपनी आय स्रोत के लिए कंटेट जरूर बनाएं। ब्रांड को लॉन्च करने के लिए भी कंटेट की जरूरत है। आज कंटेट ही सबकुछ है। इसके लिए अलग ढंग से प्रस्तुति जरूरी है। अगले दस सालों में कॉर्पोरेट क्षेत्र को सबसे अधिक कंटेट की जरूरत है। उद्यमी गौरी कौशिश वर्मा ने अपने स्टार्टअप की कामयाबी के सफर को प्रतिभागियों से साझा किया।
अंतर-सांस्कृतिक नेतृत्व को बढ़ावा मिलता है
वहीं, उद्यमी ऋचा कपिला और साहिब सिंह ने भी संबोधित किया। इसके अलावा इंफ्लुएंसर जिया गुप्ता, भेल (एचआर) के निदेशक कृष्ण कुमार ठाकुर, गौरी अग्रवाल (यूएन वूमेन लीडर) और कॉर्पोरेट ट्रेनर दीपक बजाज ने अपने अनुभवों को साझा किया। कार्यक्रम में विशेष रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, उचित कार्य और आर्थिक विकास, उद्योग, नवाचार, उपभोग और उत्पादन पर चर्चा हुई। एआईईएसईसी के अनुसार इस आयोजन का उद्देश्य दीर्घकालिक परिवर्तन की लहर पैदा करना है। एआईईएसईसी के वैश्विक इंटर्नशिप और स्वयंसेवी कार्यक्रमों के माध्यम से अंतर-सांस्कृतिक नेतृत्व को बढ़ावा मिलता है।
मोक्ष उत्सव के दूसरे दिन दर्शन रावल के गीतों पर झूमे छात्र
नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नॉलॉजी (एनएसयूटी) के तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव मोक्ष के दूसरे दिन रविवार को छात्रों में उत्साह देखते ही बन रहा था। अवकाश होने के कारण अन्य विश्वविद्यालय के छात्र भी बड़ी संख्या में फेस्ट में पहुंचे।
थीम मिथक और रहस्य है
द्वारका स्थित यूनिवर्सिटी परिसर में 19 से 21 अप्रैल तक होने पर वाले कार्यक्रम में अमर उजाला नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभा रहा है। इस कार्यक्रम में 150 से ज्यादा कॉलेजों के छात्रों ने 100 से अधिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सांस्कृतिक उत्सव की इस साल की थीम मिथक और रहस्य है। इस अवसर पर छात्रों ने आधुनिक मूड में प्राचीन रहस्यों की कहानियों को घुमाते हुए, ड्रैगन को नाचते हुए देखा। कोई अपने दोस्तों के साथ, तो कोई अपने परिवारजनों के साथ फेस्ट का आनंद उठाने आया हुआ था। लाइट, कैमरा, संगीत का जादू और बॉलीवुड गानों पर छात्र थिरकते दिखे।
संगीत ने छात्रों को मंत्रमुग्ध कर दिया
वहीं, छात्रों को जोश तब और बढ़ गया, जब शाम के समय उत्सव गायक दर्शन रावल स्टेज पर पहुंचे। उनके आते ही छात्रों ने बड़े उत्साह और तालियों के गूंज के बीच उनके स्वागत किया। इस दौरान उनके गाने पर छात्र जमकर थिरके। मैं जमीं तू आस्मां मैं दाग हूं, तू चांद सा तू बारिश है मैं रेत हूं, बूहे बारियां बूहे बारियां ते एन्ना ले कंदा टप के तू आजा वी हवा बनके...संगीत ने छात्रों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
वह दर्शन रावल के साथ-साथ गाना गाकर उस पर जमकर थिरके। कार्यक्रम के दूसरे दिन भी रूजे फैशन शो में छात्रों के बीच प्रतिभागियों ने अपना जलवा बिखेरा। अलग अलग फैशन ड्रेस में आए प्रतिभागियों ने छात्रों को आश्चर्यचकित कर दिया। इसके अलावा, क्रिएटर फेस्ट में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम व यू-ट्यूब के जाने माने चेहरों ने छात्रों का मनोरंजन किया।