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Delhi NCR News: नाबालिग से जुड़े पॉक्सो मामले में युवक को अग्रिम जमानत
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हाईकोर्ट ने कहा- सहमति कानूनी रूप से मान्य नहीं, लेकिन परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की की आत्महत्या से जुड़े एक मामले में 19 वर्षीय युवक को पॉक्सो और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत दर्ज केस में अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने मामले की परिस्थितियों और आरोपी की उम्र को ध्यान में रखते हुए यह राहत प्रदान की।
न्यायमूर्ति प्रतीक जलन की एकल पीठ ने कहा कि पॉक्सो कानून के तहत नाबालिग की सहमति कानूनी रूप से मान्य नहीं होती, लेकिन युवा वयस्कों के बीच आपसी सहमति वाले संबंधों से जुड़े मामलों को सामान्य पॉक्सो मामलों की तरह नहीं देखा जा सकता। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि युवक और लड़की के बीच साझा की गई अंतरंग तस्वीरें और वीडियो निजी थे तथा इन्हें किसी तीसरे व्यक्ति के साथ साझा करने के प्रमाण नहीं मिले हैं। ऐसे में अदालत ने आरोपी को हिरासत में लेने को उचित नहीं माना।
युवक पर आरोप है कि उसने नाबालिग लड़की के साथ संबंध बनाए, अंतरंग वीडियो साझा किए और उसे धोखा दिया। इसके बाद लड़की ने आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने पॉक्सो और आईटी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़की की आत्महत्या से जुड़े एक मामले में 19 वर्षीय युवक को पॉक्सो और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत दर्ज केस में अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने मामले की परिस्थितियों और आरोपी की उम्र को ध्यान में रखते हुए यह राहत प्रदान की।
न्यायमूर्ति प्रतीक जलन की एकल पीठ ने कहा कि पॉक्सो कानून के तहत नाबालिग की सहमति कानूनी रूप से मान्य नहीं होती, लेकिन युवा वयस्कों के बीच आपसी सहमति वाले संबंधों से जुड़े मामलों को सामान्य पॉक्सो मामलों की तरह नहीं देखा जा सकता। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि युवक और लड़की के बीच साझा की गई अंतरंग तस्वीरें और वीडियो निजी थे तथा इन्हें किसी तीसरे व्यक्ति के साथ साझा करने के प्रमाण नहीं मिले हैं। ऐसे में अदालत ने आरोपी को हिरासत में लेने को उचित नहीं माना।
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युवक पर आरोप है कि उसने नाबालिग लड़की के साथ संबंध बनाए, अंतरंग वीडियो साझा किए और उसे धोखा दिया। इसके बाद लड़की ने आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस ने पॉक्सो और आईटी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद आरोपी ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था।
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