नोटबंदी से परेशान युवक ने दी जान, चार दिन से लग रहा था बैंक की लाइन में
लोन की किस्त जमा कराने के लिए , नहीं आ रहा था नंबर
परिजनों का आरोप - हताश होकर घर में लगाई फांसी, संदेह जता रही है पुलिस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नोटबंदी से परेशान एक युवक ने खुदकुशी कर ली। गोकलपुरी इलाके के मुस्तफाबाद में चार दिन से रुपये जमा कराने बैंक जा रहे युवक का जब लाइन में नंबर नहीं आया तो उसने हताश होकर फांसी लगा ली। युवक की शिनाख्त मोहम्मद शकील (35) के रूप में हुई है। पुलिस को उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
परिजनों की मानें तो लोन की किस्त जमा कराने के लिए शकील को अपने खाते में रुपये डलवाने थे। हालांकि पुलिस परिवार के आरोपों पर संदेह जता रही है। शुक्रवार को गोकलपुरी थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक शकील परिवार के साथ गली नंबर-6, मुस्तफाबाद में रहता था। इसके परिवार में पत्नी आसिया और तीन बेटे और एक बेटी है। शकील कबाड़ी का काम करता था। शकील का तिरपाल फैक्टरी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता था। उसने बैंक से कुछ लोन लिया था। उसकी किस्त जमा कराने के लिए उसे बैंक में रुपये जमा कराने थे।
शकील के छोटे भाई मोहम्मद वकील ने आरोप लगाया कि पिछले चार दिनों से वह बैंक की लाइन में लग रहा था लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण उसका नंबर नहीं आ पा रहा था। इसी को लेकर शकील काफी हताश था।
बृहस्पतिवार शाम करीब 6:30 बजे वह घर आया। खाना खाकर वह अपने कमरे में सोने चला गया। इस बीच रात करीब 12:00 बजे शकील के 12 वर्षीय बेटे की आंख खुली तो उसने शकील को पंखे से लटके देखा। शोर मचाने पर परिजनों ने उसे फंदे से उतारा और अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।