दिल्ली में होगा न्यूक्लियर अटैक, राष्ट्रपति भवन भी उड़ेगा, डेटिंग ऐप पर युवती ने दी धमकी
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युवती ने डेटिंग ऐप पर चैट के दौरान युवक को दिल्ली में न्यूक्लियर अटैक और राष्ट्रपति भवन को उड़ाने की धमकी दी। युवती के साथ चैट करने वाले युवक ने लक्ष्मी नगर इलाके से बुधवार देर रात यह सूचना पुलिस को दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस के होश उड़ गए। आनन-फानन में कॉल करने वाले युवक को उठा लिया गया। 3 साल का आरोपी युवक सीए का छात्र है और मानसिक बीमारी से पीड़ित है। गहन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया है। जबकि चैट पर धमकी देने वाली युवती की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार रात 10.30 पुलिस नियंत्रण कक्ष को एक युवक ने कॉल कर न्यूक्लियर अटैक और राष्ट्रपति भवन को उड़ाने के बारे में सूचना दी। खबर मिलते ही फौरन कॉल की लोकेशन ट्रेस कर लक्ष्मी नगर के गुरु रामदास नगर के एक मकान में छापेमारी कर युवक को हिरासत में लिया गया। आईबी, स्पेशल सेल और लोकल पुलिस के अलावा अन्य जांच एजेंसियों ने लक्ष्मी नगर थाने में बिठाकर रातभर युवक से गहन पूछताछ की।
आरोपी ने बताया कि वह डेटिंग ऐप के जरिये एक युवती से बातचीत करता था। चैट के दौरान उसकी युवती से नोंकझोंक होने लगी तो युवती ने उससे कहा कि वह उसे जानता नही है कि वह कौन है। युवती ने कहा कि अब दिल्ली में न्यूक्लियर अटैक होगा और राष्ट्रपति भवन भी उड़ जाएगा। आरोपी युवक ने बताया कि उसे लगा कि देशहित में पुलिस को इस धमकी के बारे में बताना चाहिए तो उसने पीसीआर कॉल कर दी।
छात्र ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर से पीड़ित
पुलिस ने युवक के रूम और उसकी मोबाइल कॉल डिटेल को भी खंगाला है। पुलिस को पता चला कि आरोपी छात्र ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर (ओसीडी)(एक तरह की मानसिक बीमारी) ग्रसित है। उसका इहबास अस्पताल में इलाज भी चल रहा है।
पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि कहीं इस बीमारी की वजह से छात्र ने पुलिस को झूठी सूचना दी हो। इसके अलावा यह भी संभव हो कि छात्र की जिस लड़की से चैट होती है, वह उसे लड़की को सबक सिखाना चाह रहा हो। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर धमकी देने वाली लड़की भी पता लगाने का प्रयास कर रही है।
बीमारी में आते हैं अनचाहे ख्याल
ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसॉर्डर या ओसीडी से पीड़ित व्यक्ति के दिमाग में बार-बार अनचाहे खयाल आते हैं। वह एक ही काम को बार-बार कर सकता है। मसलन, हाथ धोना, चीजों को गिनना, किसी चीज को बार-बार चेक करना आदि।
रोगी के मन में किसी बात को लेकर डर, शक या असमंजस का भाव रहता है। बीमारी से पीड़ित ज्यादातर लोग यह मानने को तैयार नहीं होते कि उन्हें ऐसी कोई बीमारी है। हालांकि अगर वे वास्तविकता को स्वीकार कर लें तो इलाज काफी आसान हो सकता है। कॉल करने वाला आरोपी छात्र इसी बीमारी से पीड़ित है।