‘अंतिम संस्कार’ के बाद जिंदा मिली बेटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली नरेला इलाके में मिली एक युवती की शव को परिजनों ने अपनी बेटी के तौर पर पहचान कर ली, लेकिन पुलिस ने ज्योति नगर से गायब हुई उस युवती को बरेली से बरामद कर लिया है।
युवती ने अदालत में दिए बयान में कहा है कि वह अपने प्रेमी के साथ मर्जी से गई थी और उससे शादी कर ली है।
युवती के गायब होने और शव मिलने के बाद उसके परिजनों ने पुलिस पर जांच में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। आला पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में ज्योति नगर के थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया था।
25 जुलाई को मिली थी एक लाश
जिला पुलिस उपायुक्त आर ए संजीव ने बताया कि गत 15 जुलाई को बबीता नाम की महिला ने अपनी 19 साल की बेटी के गायब होने की शिकायत दर्ज करवाई।
शिकायत में उसने बेटी के दो सहेलियों पर शक जाहिर किया। पुलिस ने नामजद दो सहेलियों से पूछताछ की, लेकिन पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस युवती की तलाश कर ही रही थी कि 25 जुलाई को नरेला में एक 20 साल की युवती का शव मिला। पुलिस ने बबीता से संपर्क कर उसकी पहचान करने के लिए कहा। परिजनों ने उस शव को अपनी बेटी के तौर पर पहचान की।
शव से मेल नहीं खा रहा था युवती का हुलिया
पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार ने बेटी का जो हुलिया बताया था, उससे शव वाली युवती का मेल नहीं हो रहा था। पुलिस ने उनलोगों को डीएनए के जरिए पहचान की बात कही। लेकिन पीड़ित परिवार वालों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
पुलिस ने 26 जुलाई को पोस्टमार्टम कराकर शव को परिजनों को सौंप दिया। साथ ही पुलिस अधिकारियों ने ज्योति नगर थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया। युवती की उसके परिवार द्वारा पहचान करने के बावजूद पुलिस इस मामले की जांच करती रही।
29 जुलाई को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बबीता की बेटी बरेली के अमला गांव में है। पुलिस ने अमला गांव में छापा मारकर युवती को बरामद कर लिया। युवती अपने प्रेमी से शादी करने के बाद उसके मामा के घर में रह रही थी। युवती ने बयान में बताया कि वह मर्जी से प्रेमी से शादी करके यहां रह रही थी।