अश्लील हरकत करने वाले की सजा सुन होंगे हैरान
छेड़छाड़ के मामले में दोषी ठहराए गए शख्स को सुधरने का मौका देते हुए सत्र अदालत ने सजा में संशोधन किया और उसे एक दिन कोर्ट में खड़े रहने की सजा दी है। सत्र अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोषी को जेल भेजने से उसका भविष्य व परिवार बर्बाद हो जाएगा।
निचली अदालत ने दोषी को इस मामले में दो साल कैद की सजा सुनाई थी। रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विद्या प्रकाश ने मोहम्मद जाकिर को दोषी मानते हुए निचली अदालत के फैसले को खारिज करने से इनकार कर दिया लेकिन उसे सुधरने का मौका देने के लिए उसकी सजा में बड़ा संशोधन कर दिया।
सत्र अदालत ने जाकिर को दोषी मानते हुये सात हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस राशि में से साढ़े छह हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे।
ऑफिस जाते समय करता था पीछा
मार्च 2011 में दर्ज हुये केस में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जाकिर को दोषी ठहराकर सजा सुनाई थी। इस फैसले को उसने ऊपरी अदालत में चुनौती दी थी। उसने अपनी याचिका में कहा पुलिस ने पब्लिक का एक भी गवाह जांच में शामिल नहीं किया। अगर ऐसा किया होता तो वह बेकसूर साबित हो जाता।
सत्र अदालत ने पीड़िता की गवाही पर भरोसा करते हुए याचिका को खारिज कर दिया। पीड़िता का कहना था कि वह दफ्तर से आते जाते समय उसका पीछा करता था और उससे दुर्व्यवहार करता है।
एक बार जाकिर ने उसका हाथ पकड़ा और उसके साथ बदतमीजी भी की।