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योगेंद्र-प्रशांत पर पहली बार AAP ने दिया आधिकारिक बयान

Tue, 10 Mar 2015 10:21 PM IST
Updated Tue, 10 Mar 2015 10:21 PM IST
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Yogendra yadav and prashant bhushan case

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की तरफ से योगेन्द्र यादव और प्रशांत भूषण के खिलाफ खुली चिट्ठी के बाद अब यहां पत्र युद्ध तेज हो सकता है। नई चिट्ठी आम आदमी पार्टी के आंदोलन समय से जुड़े रहे विधायकों की पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के नाम हो सकती है। यह पूरा माहौल केजरीवाल के ईलाज करवाकर दिल्ली लौटने के पहले ही तैयार होने वाला है।

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सूत्र बताते हैं कि पार्टी की नींव रखने में अगुवा रहे प्रशांत भूषण, शांति भूषण और योगेन्द्र यादव को विलेन की भूमिका में पार्टी के कई नेता खड़ा करना चाहते हैं। तर्क है कि लीक हुए पत्रों और फिर मीडिया में योगेन्द्र यादव व प्रशांत भूषण के आए बयानों से पार्टी की छवि बिगड़ रही है। यही वजह है कि पार्टी के एमएलए अब उसमें आगे बढ़कर मुहिम में शामिल होने की तैयारी में हैं।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री व आप पार्टी संयोजक अरविंद केजरवाल 15 मार्च को दिल्ली लौट रहे हैं। उनके लौटने से पहले विधायकों के बीच यह चर्चा है कि पार्टी की छवि खराब होने का हवाला देकर योगेन्द्र यादव व प्रशांत भूषण को पार्टी से निकाले जाने के लिए पत्र लिखेंगे। इस मामले में पार्टी नेता योगेन्द्र यादव ने ट्वीट करके विधायकों पर मामले में दवाब बनाए जाने का जिक्र किया है।
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आप का विश्वास बनाए रखने में जी जान से जुटे कुमार

Yogendra yadav and prashant bhushan case

बिखराव की कगार पर पहुंच चुकी आम आदमी पार्टी (आप) को कुमार विश्वास जोड़े रखने की कोशिश में जुटे हुए हैं। एक-दूसरे की तरफ पीठ करके खड़े बड़े नेताओं के बावजूद विश्वास को दो-चार दिन में मामला सुलझ जाने की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर अफसोस भी जताया है।

आप के विवाद पर मंगलवार को कुमार विश्वास ने कहा, ‘जिनके अहंकारों को आप ने तीन सीट पर पहुंचा दिया, जिनके अहंकारों को शून्य कर दिया, अगर वे लोग आप पर हंस रहे हों तो यह दुखद है।’ विश्वास के मुताबिक, जो कुछ भी हो रहा है वह कार्यकर्ताओं का अपमान है। हम उनसे माफी मांगते हैं। फिलहाल कोशिश जारी है।

उम्मीद है कि कोई रास्ता जरूर निकलेगा। जिसने भी अनुशासनहीनता की है, वह किसी भी कद का व्यक्ति हो, उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा कि संगठन को कमजोर करे। मयंक गांधी की तरफ इशारा करते हुए विश्वास ने कहा कि जिन लोगों ने बाहर जाकर बयान दिए और ब्लॉग लिखे, उनसे बात हुई है। उन्हें बताया कि वह गलत कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं के नाम पर उन सबने बहाने बनाए। लेकिन कार्यकर्ताओं को बताने का एक वक्त होता है।

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