योग दिवस आज : रोजाना कर रहे हैं 10 किलोमीटर तक सफर... तो रहें सतर्क, ठीक नहीं एक मुद्रा में देर तक बैठना
ऐसे लोगों में कमर दर्द की शिकायतें मिल रही हैं। नई दिल्ली स्थित मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में पिछले दस साल से योग सीखने आ रहे साधकों की समस्या का विश्लेषण करने से इसका पता चला है।
विस्तार
यदि आप रोज बाइक, कार या दूसरे वाहनों से दिल्ली-एनसीआर में 10 किलोमीटर तक का सफर कर रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं। ऐसे लोगों में कमर दर्द की शिकायतें मिल रही हैं। नई दिल्ली स्थित मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में पिछले दस साल से योग सीखने आ रहे साधकों की समस्या का विश्लेषण करने से इसका पता चला है।
योग चिकित्सकों का कहना है कि सफर के बाद लोग लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी को सपोर्ट करने वाली मांसपेशियां कमजोर होती है। लंबे समय तक यही दिनचर्या बने रहने के कारण धीरे-धीरे दर्द बढ़ने लगता है। यदि दर्द को नजरअंदाज करते हैं तो एक समय के बाद सर्वाइकल की परेशानी हो सकती है।
संस्थान के योग चिकित्सक डॉ. विनय कुमार भारती का कहना है कि संस्थान में आने वाले साधक बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर में सफर करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 10 किमी से अधिक का सफर करना पड़ता है। ऐसे प्रत्येक व्यक्ति जो नियमित रूप से सफर कर रहे हैं उनमें कमर दर्द की शिकायत मिल रही है।
ले सकते हैं एप की मदद
योग करने के लिए आयुष मंत्रालय के एप की मदद ले सकते हैं। योग में मदद के लिए आयुष मंत्रालय ने वाई ब्रेक और नमस्ते एप तैयार किया है। इनकी मदद से योग की क्रिया व इन्हें करने के तरीके को सीख सकते हैं। साथ ही विशेषज्ञों की सलाह भी ले सकते हैं। योग चिकित्सकों का कहना है कि योग को निगरानी में करना चाहिए। गलत तरीके से योग करने पर समस्या बढ़ सकती है।
योग से पहले रखें ध्यान
- करें खाली पेट
- सुबह का समय सबसे योग्य
- सांस लेना व छोड़ना की गति को रखें सामान्य
- चक्कर आने सहित दूसरी परेशानी हो तो ले डॉक्टर की सलाह
27 से 45 साल में समस्या ज्यादा
दिल्ली के आयुष विभाग में आए मरीजों के विश्लेषण से पता चला कि दिल्ली-एनसीआर में 27 से 45 साल के युवा कमर दर्द से सबसे ज्यादा परेशान हैं। जग प्रवेश चंद अस्पताल में आयुष विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर नीरज त्रिपाठी ने बताया कि पिछले कुछ सालों से आ रहे मरीजों पर किए गए अध्ययन से पता चला कि 27 से 45 साल के युवा कमर दर्द से परेशान हैं। यह सफर के बाद लंबे समय तक ऑफिस में एक ही मुद्रा में बैठे रहते हैं। गलत बिस्तर पर सोना, ज्यादा वजन उठाना सहित दूसरे कारणों से कमर दर्द की समस्या बढ़ रही है।
बुजुर्गों के लिए रामबाण है योग
डॉ. नीरज त्रिपाठी का कहना है कि बुजुर्गों को होने वाली समस्याओं को रोकने में योग रामबाण है। उम्र के साथ बुजुर्ग की हड्डियां कमजोर होने लगती है। इनमें रक्त संचार बाधित होता है। योग की मदद से शरीर में रक्त का संचार सामान्य बना रहता है। साथ ही हड्डियां भी कमजोर नहीं होती। हालांकि ऐसे लोगों को डॉक्टरों की सलाह पर ही योग करना चाहिए।