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यति नरसिंहानंद विवाद: महापंचायत में शामिल होने पर हिरासत में लिए गए थे 90 लोग, सभी को किया गया रिहा
Sun, 13 Oct 2024 10:17 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: श्याम जी.
Updated Sun, 13 Oct 2024 10:17 PM IST
सार
महापंचायत में जाने वाले 90 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। शाम को सभी को रिहा कर दिया गया। पुलिस की सख्ती की वजह से महापंचायत रविवार को डासना मंदिर में नहीं हो सकी।
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महापंचायत
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महापंचायत में जाने वाले 90 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिनको छोड़ने की पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश पी ने बताया कि बिना अनुमति पंचायत करने के मामले में 90 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनको शाम को रिहा कर दिया गया।
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उधर, समर्थकों के हिरासत में लिए जाने से नाराज होकर डासना मंदिर की पदाधिकारी डॉ. उदिता त्यागी वेव सिटी थाने पहुंची और धरना शुरू कर दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा कि डासना आने वाले किसी भी हिंदू भाई ने कोई झगड़ा नहीं किया, लेकिन पुलिस ने आंदोलन करने वाले हिंदुओं को गिरफ्तार कर लिया। इस अन्याय के खिलाफ सन्यासियों सहित वह कमिश्नर के आवास पर आमरण अनशन शुरू करेंगी।
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पुलिस की सख्ती की वजह से महापंचायत रविवार को डासना मंदिर में नहीं हो सकी। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर को भी पुलिस ने मंदिर जाने से रोक दिया तो उन्होंने एनएच पर ही पंचायत करने का निर्णय लिया। उन्होंने डासना मंदिर के बाहर इकटठा होकर प्रदर्शन करने वाले लोगों पर एनएसए की मांग की। पुलिस अधिकारियों पर भी उन्होंने तमाम आरोप लगाए। करीब एक बजे सभी लोग अपने अपने घरों को लौटे।
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पुलिस ने अलसुबह ही डासना मंदिर की ओर जाने वाले वाले रास्तों को बेरिकेड लगाकर बंद कर दिया। छह कंपनी पीएसी के अलावा आसपास के थानों से भी पुलिसबल तैनात किया गया था। इस रास्ते पर जिन लोगों को घर और दुकान हैं, उनको भी आवाजाही में दिक्क्त हुई। शाम तक दुकानें भी बंद रहीं।