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'देशभक्त' वकील ने की 45 लाख की धोखाधड़ी

Wed, 24 Feb 2016 02:46 PM IST
Updated Wed, 24 Feb 2016 02:46 PM IST
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yashpal singh who allegedly beats jnu students and reporters is accused of cheating and fraud

पटियाला हाउस कोर्ट में जेएनयू छात्र, फैकल्टी और पत्रकारों को पीटने के आरोपी वकील यशपाल सिंह पर एक धोखाधड़ी का मामला भी है जिसके लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

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यह बात 2014 की है। इस मामले में उनकी अंतरिम जमानत की याचिका इसी साल के 29 जनवरी को दिल्ली की एक अदालत ने ठुकरा दी थी। इसके साथ ही मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी यशपाल को कोई फौरी राहत देने से इंकार कर दिया।
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बता दें कि हाईकोर्ट में जज प्रतिभा रानी की बेंट जिस कोर्ट में कन्हैया के बेल की और उमर खालिद के अंतरिम बेंच की सुनवाई कर रही थी उसी ब्लॉक में यशपाल सिंह का मामला जज सुरेश कैत के सामने चल रहा था। यशपाल पर एक प्लॉट की खरीद-बिक्री में धोखाधड़ी का मामला चल रहा है।

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मृतक महिला को बताया जिंदा

yashpal singh who allegedly beats jnu students and reporters is accused of cheating and fraud

बता दें कि यशपाल सिंह पर आरोप है कि उन्होंने एक मृत महिला का प्लॉट बेचने के लिए दूसरी महिला को प्लॉट की मालकिन बनाकर पेश किया और इससे उन्होंने 45 लाख रुपए कमाए। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक खबर के अनुसार यशपाल ने ये तो कबूल किया कि उसने अग्रिम जमानत के लिए याचिका डाली है पर उसने ये भी कहा कि वो बेकसूर है।

शिकायतकर्ता सुधीर कुमार ने यशपाल पर ग्रेटर कैलाश थाने में धोखाधड़ी, चीटिंग और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत केस दर्ज कराया है। अगर यशपाल ‌सिंह दोषी पाए गए तो उन्हें उम्रकैद हो सकती है।

मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने बुधवार के लिए जमानत याचिका की सुनवाई टाल दी है और आज इस पर बहस होगी क्यों यशपाल सिंह को राहत नहीं मिलनी चाहिए।

सुधीर कुमार ने अपनी शिकायत में ये कहा है कि वो यशपाल से एक कॉमन जानकार के द्वारा मिला था, जिसने बताया था कि यशपाल सुप्रीम कोर्ट के वकील हैं और उनके पास ग्रेटर कैलाश में एक बहुत अच्छी जमीन है।

जब सुधीर यशपाल से बाद में तीस हजारी कोर्ट में मिले तो उन्होंने कहा कि वो एक विधवा का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसकी उम्र 78 साल है और जिसके एक भी बच्चे नहीं हैं।

फोन पर कराई थी महिला से बात

yashpal singh who allegedly beats jnu students and reporters is accused of cheating and fraud

यशपाल सिंह ने सुधीर को बताया था कि राजकुमारी धावेजा प्लॉट की अकेली मालकिन है और चूंकि उसके जायदाद को कोई देखने वाला नहीं है इसलिए वो प्लॉट बेचकर यूएस में अपने भतीजे के पास बसना चाहती है। वकील यशपाल का दावा है कि महिला उसपर विश्वास करती है और उसे जमीन को बेचने का काम सौंपा है और प्रॉपर्टी की देखभाल केयरटेकर करता है।

यशपाल सिंह ने सुधीर को भरोसा भी दिलाया था कि एक बार ये प्लॉट बिक जाए तो केयरटेकर भी यहां से चला जाएगा। इसके साथ ही यशपाल ने सुधीर को धावेजा द्वारा साइन किया हुआ जनरल पॉवर ऑफ अथॉरिटी लेटर भी दिखाया।

एफआईआर के अनुसार जब सुधीर ने विधवा महिला से मिलने की इच्छा जताई तो यशपाल ने कहा कि वो कानपुर में रहती है और दिल्ली नहीं आ सकेगी। उसने कहा कि एक बार जब डील हो जाएगी और एडवांस राशि भुगतान कर दी जाएगी तो महिला दिल्ली आएगी।

इससे पहले यशपाल ने सुधीर की महिला से फोन पर बात करा दी जिसमें महिला ने कहा कि वो 24 साल से जमीन की मालकिन है और प्लॉट हर तरह से खरीदने के लिए मुफीद है।

3.80 करोड़ में तय हुआ सौदा

yashpal singh who allegedly beats jnu students and reporters is accused of cheating and fraud

सुधीर और यशपाल के बीच प्लॉट की डील 3.80 करोड़ में तय हुई। सुधीर का दावा है कि उसने 45 लाख की रकम कैश में दी जबकि अगले 45 लाख दो चेकों के माध्यम से दिए।

सुधीर को इस डील पर तब शक हुआ जब 15 दिन के बाद वो प्लॉट पर गया और वहां कोई प्रकाश गौतम नाम का शख्स बैठा था। गौतम ने उस प्लॉट का केयरटेकर होने से इंकार करते हुए बताया कि वो जमीन का मालिक है।

इस बात से स्तब्ध सुधीर ने चेक की पेमेंट रोक दी और यशपाल से इस बारे में पूछा तो इतने सब के बाद भी यशपाल ने यही कहा कि वृद्ध महिला ही प्लॉट की असली मालकिन है। बाद में उसने महिल को सुधीर से मिलवाया और उसका पैन कार्ड दिखाते हुए ये विश्वास दिलाया कि वही राजकुमारी धावेजा है।

सुधीर को अब भी यशपाल की बात पर भरोसा नहीं हुआ और उसने तहकीकात की तो पता चला क‌ि असली धावेजा तो चंडीगढ में 2001 में ही मर गई थी जिसके चार बच्चे हैं। कुमार का दावा है कि प्रॉपर्टी के पेपर भी जाली थे और हस्ताक्षर भी नकली थे।

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