यमुना बचाने के लिए संतों का अनशन समाप्त
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यमुना मुक्तिकरण पदयात्रा के आंदोलनकारियों द्वारा सरकार के साथ आरपार की लड़ाई की घोषणा के बाद रविवार को सरकार हरकत में आ गई।
रविवार दोपहर केंद्रीय मंत्र रविशंकर प्रसाद खुद जंतर-मंतर गए और संतों से आंदोलन स्थगित करने और अनशान समाप्त करने का निवेदन किया।
केंद्रीय मंत्री के आश्वासन के बाद आंदोलन के प्रणेता और ब्रज के परम संत रमेश बाबा के आग्रह पर अनशनकारियों ने अनशन समाप्त करने का फैसाल किया। खुद रविशंकर प्रसाद ने अपने हाथ से जल पिलाकर इस अनशन को समाप्त करवाया।
संतों ने दी थी अनशन की चेतावनी
बता दें कि शनिवार को जंतर-मंतर पर आंदोलन से जुड़े 11 लोगों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था। चेतावनी दी थी कि अगर सरकार नहीं चेती तो यह संख्या रोज बढ़ेगी।
शनिवार को पूरा जंतर-मंतर यमुना मुक्तिकरण आंदोलन के समर्थकों से अटा रहा। भारतीय किसान यूनियन भानू गुट ने इस आंदोलन का समर्थन किया। शनिवार दोपहर बाद तक यमुना आंदोलन से जुड़े लोगों के आने का सिलसिला जारी रहा।
शुक्रवार रात से जंतर-मंतर पर डेरा जमाए यमुना मुक्तिकरण आंदोलन के हजारों लोग सुबह से धरने पर बैठ गए। पूरा जंतर-मंतर यमुना आंदोलन के समर्थकों से भरा पड़ा था। सभी का बस एक ही नारा है यमुना में हो निर्मल नीर, तभी मिटेगी मन की पीर।