'श्रीश्री रविशंकर के आयोजन से यमुना तट को हुआ 42.02 करोड़ रुपए का नुकसान'
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आर्ट ऑफ लिविंग के स्थापना दिवस के मौके पर दिल्ली में यमुना तट पर विश्व संस्कृति महोत्सव आयोजन करने की वजह से यमुना तट को जो नुकसान हुआ है उसे दोबारा तैयार करने में 42.02 करोड़ रुपए लग जाएंगे।
पिछले साल से शुरु हुए इस विवाद में बुधवार को विशेषज्ञों ने एनजीटी को बताया कि इस समारोह के आयोजन से यमुना तट को 13.29 करोड़ का नुकसान हुआ है। बता दें कि यह समारोह पिछले साल 11 से 13 मार्च के बीच आयोजित किया गया था।
हालांकि पिछले साल हुए तमाम विवादों के बावजूद श्रीश्री रविशंकर ने एक कदम आगे जाते हुए 2018 का आयोजन ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में करने का ऐलान किया है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि पिछले साल मार्च में श्री श्री रविशंकर के आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा यमुना के जूब क्षेत्र में विश्व सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया गया था। इस समारोह में कई देशों के लोग आए थे। यूं तो इस कार्यक्रम को कई मायनों में सफल माना गया लेकिन इस कार्यक्रम के चलते यमुना के इस डूबक्षेत्र में पनपने वाली जैव विविधता पूरी तरह से लुप्त हो गई है।
इस विशेष समिति का कहना है कि यमुना के डूब क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान उस इलाके को हुआ है जहां श्री श्री रविशंकर ने अपने स्टेज बनाया था। समिति ने एनजीटी से इस कार्यक्रम के चलते इस क्षेत्र में हुए नुकसान की भी शिकायत की है।
यमुना किनारे हुआ यह कार्यक्रम पिछले साल 11 से 13 मार्च के बीच हुआ था। उस दौरान भी एनजीटी ने पर्यावरण को नुकसान की बातें कहीं थी। इतना ही नहीं श्रीश्री के आर्ट ऑफ लिविंग पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
एक बार फिर संभावना जताई जा रही है कि एनजीटी इस विशेष समिति की रिपोर्ट आने के बाद इस जुर्माना राशि को बढ़ा भी सकता है, हालांकि यहां बता दें कि यह मामला पूर्व में गर्माने के बाद ही श्रीश्री की संस्था ने जुर्माने की रकम चुकाई थी।