काली कमाई के कुबेर के राज में मायावती के भाई ने कमाया था काला धन, ईडी के रडार पर
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काली कमाई के कुबेर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव के साथ पर्दे के पीछे कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले आनंद कुमार पर अब ईडी (प्रवर्तन निदेशालय )और आयकर विभाग का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जिस वक्त यादव सिंह के यहां आयकर विभाग ने छापा मारा था, उस समय कोई ठोस सबूत हाथ न आने पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
हलांकि उस मामले की सीबीआई जांच के बाद यादव सिंह, उनकी पत्नी समेत दर्जन लोगों का काला चिट्ठा खुल गया था। यादव सिंह समेत उनके कई साथी इन दिनों डासना जेल में हैं।
आईटी विभाग के सूत्रों ने बताया कि यादव सिंह के घर पर जब छापा पड़ा था तो उस वक्त आईटी के अफसरों को कई डायरियां मिली थीं। उनमें से कुछ डायरियों में यादव सिंह के साथ पैसे के लेनदेन को लेकर हिसाब किताब लिखा पाया गया था।
अफसरों ने एक दर्जन के करीब लोगों का चिट्ठा खोला था
उसमें भाई साहब (आनंद कुमार) का नाम भी था। अफसरों ने एक दर्जन के करीब लोगों का चिट्ठा खोल दिया था। इस मामले का संज्ञान उस वक्त ईडी ने भी लिया था। बाद में इस मामले की जांच कोर्ट के माध्यम से सीबीआई को चली गई।
चूंकि कोई सीधे लेनदेन का मामला न होने के कारण उस वक्त कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र में जितने भी बिल्डरों को बसपा कार्यकाल में जमीन आवंटित हुई थी, उसमें आनंद कुमार की ही अप्रत्यक्ष रूप से भूमिका बताई गई। इसमें कई अधिकारी भी शामिल थे। यहां तक कि सूत्रों के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कौन अधिकारी तैनात होगा, इसमें भी आनंद कुमार का ही हस्तक्षेप रहता था।
आईटी के सूत्रों की मानें तो नोटबंदी के बाद नोएडा और दिल्ली में एक्सिस बैंक समेत अन्य जगहों पर जगहों पर आयकर और ईडी ने जब छापा मारा तो एक-एक करके मामले खुलने शुरू हुए। खातों में करोड़ों रुपये जमा के मामले में अब आयकर विभाग ने बसपा सुप्रीमो मायावती के भाई आनंद कुमार के खिलाफ बेनामी संपत्ति के आरोप के मामले में नोटिस भेजा है।
क शिकायत भाजपा सांसद किरीट सोमैया की भी है
बताया जाता है कि आनंद कुमार के खिलाफ पांच मामले हैं जिन्हें आयकर विभाग ने फिर से खोलने का फैसला लिया। इन शिकायतों में एक शिकायत भाजपा सांसद किरीट सोमैया की भी है।
उन्होंने 2012 में आनंद कुमार के खिलाफ आर्थिक अनियमितता की शिकायत दर्ज कराई थी। केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने भी आनंद कुमार पर फर्जी कंपनी बनाने का आरोप लगाया था।
बताया जाता है कि कई बिल्डर कंपनियों में आनंद कुमार का पैसा लगा है। इन कंपनियों को नोटिस भेजते हुए आयकर विभाग ने बिल्डरों से पूरी जानकारी मांगी है। आयकर विभाग ने बिल्डर्स से जमीन के मालिकाना हक से जुड़े कागजात को भी मांगा है। मायावती के खिलाफ पुराने मामलों पर आयकर विभाग ने अक्टूबर में ही उनसे पत्राचार शुरू कर दिया था।