CBI ने कसा शिकंजा, यादव सिंह के खास रामेंद्र हुए गिरफ्तार
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नोएडा प्राधिकरण के निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह प्रकरण में सीबीआई ने गिरफ्तारी शुरू कर दी है। जांच एजेंसी ने यादव सिंह के करीबी प्राधिकरण के निलंबित सहायक परियोजना अभियंता (एपीई) रामेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।
बृहस्पतिवार को सीबीआई ने रामेंद्र सिंह को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया था। बाद में वहीं से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इधर, शुक्रवार को सीबीआई के डिप्टी एसपी राजेश कुमार टीम के साथ रामेंद्र सिंह को लेकर गाजियाबाद स्थित सीबीआई विशेष कोर्ट में पहुंचे।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक कुलदीप पुष्कर ने बताया कि स्पेशल जज सीबीआई जी. श्रीदेवी के अवकाश पर होने के चलते आरोपी रामेंद्र को विशेष न्यायाधीश एके झा की कोर्ट में पेश किया गया।
92 करोड़ के घोटाले के आरोप में रामेंद्र सिंह की गिरफ्तारी
नोएडा घोटाला प्रकरण में करीब 92 करोड़ के घोटाले के आरोप में रामेंद्र सिंह की गिरफ्तारी हुई है। सीबीआई लोक अभियोजक ने विशेष न्यायाधीश की कोर्ट में अर्जी लगाते हुए आरोपी से पूछताछ के लिए सात दिनों का पुलिस कस्टडी रिमांड दिए जाने की मांग की।
रिमांड पर बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने आरोपी को तीन दिनों के रिमांड पर दिए जाना स्वीकार कर लिया। इसके बाद सीबीआई टीम आरोपी को लेकर दिल्ली चली गई। 2011-12 में 954 करोड़ रुपये के घोटाले में रामेंद्र भी आरोपी बने थे।
उस समय वे प्राधिकरण के विद्युत अभियांत्रिकी सेल में प्रभारी परियोजना अभियंता के पद पर तैनात थे। 2012 में सपा सरकार आने के बाद ही इस घोटाले की जांच शुरू हुई। यादव सिंह के साथ ही रामेंद्र भी जून 2012 में निलंबित हुए थे।
यादव सिंह के साथ ही हुई थी बहाली
इसके बाद 2 नवंबर 2013 को यादव सिंह के साथ ही उनकी भी बहाली हुई। फरवरी 2014 में यादव सिंह के चीफ इंजीनियर का चार्ज संभालते ही रामेंद्र एपीई टेक्निकल के पद पर तैनात हुए। 27 नवंबर 2014 को यादव सिंह के घर व प्राधिकरण दफ्तर समेत कई जगहों पर आयकर छापे के बाद अगले ही दिन रामेंद्र को भी निलंबित कर दिया गया था।
सीबीआई ने यादव सिंह की जांच शुरू करने के साथ ही रामेंद्र से भी पूछताछ शुरू कर दी थी। दो दिन पहले सीबीआई ने घोटाले की जांच के लिए नोएडा आकर विभिन्न स्थानों पर सड़क की खुदाई करके बिजली की भूमिगत लाइनों की जांच की थी।
दरअसल, सीबीआई यादव सिंह के पूरे कार्यकाल 2002 से लेकर 2014 तक सभी प्रोजेक्टों की जांच कर रही है। इसके सिलसिले में प्राधिकरण से करीब दो हजार से ज्यादा फाइलें सीबीआई ले जा चुकी है। यादव सिंह, उनके परिजन, निकट सहयोगी, ठेकेदार समेत अन्य लोगों से सीबीआई कई दौर की पूछताछ कर चुकी है। माना जा रहा है कि सीबीआई ने सभी पुख्ता सबूत एकत्र कर लिए हैं और रामेंद्र की गिरफ्तारी के बाद अब शीघ्र ही अन्य की गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू होगा।