प्रशांत-यादव के आगे झुकी AAP, बैठकें होंगी ऑनलाइन
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सरकार बनने के बाद से आम आदमी पार्टी में अलग-अलग मुद्दों पर मची आंतरिक कलह अब धीरे-धीरे सुधरती नजर आ रही है। केजरीवाल के बेंगलूरू से लौटने के बाद पार्टी की हालत में काफी बदलाव हुए हैं।
पार्टी एक के बाद एक असंतुष्ट नेताओं योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण की बात मानती जा रही है। पूरे देश में पार्टी के विस्तार के सुझाव को मानने के बाद आप ने इन दोनों नेताओं के एक और बड़े सुझाव को मान लिया है।
इन दोनों नेताओं की मांग पर पार्टी ने शुक्रवार को पहली बार अपनी राजनीतिक मामले समिति (पीएसी) की बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों को अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक किया है। जिस बैठक के फैसले साइट पर अपडेट किए गए हैं वो 17 मार्च को हुई थी।
कुमार विश्वास बन सकते हैं AAP संयोजक
हालांकि पार्टी जैसा भूषण और यादव चाहते थे कि हर बैठक के मिनट्स अपडेट हों ऐसा तो नहीं हुआ पर 17 मार्च को पीएसी की बैठक में हुए चार मुख्य फैसलों को जरूर ऑनलाइन किया गया है।
ये फैसले हैं कि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर अपना विस्तार करेगी और जिस राज्य में पार्टी का संगठन मजबूत होगा वहां चुनाव भी लड़ेगी। इसके लिए पार्टी से जुड़े नेताओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। इसके अलावा संगठनात्मक तैयारी, नेतृत्व क्षमता और राजनैतिक परिस्थितियों की समीक्षा करके कहां और कैसे चुनाव लड़ना है, इसका निर्णय भी लिया जाएगा।
हालांकि इसी दौरान ये कयास लगाए जा रहे हैं कि कुमार विश्वास को पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया जा सकता है। बता दें कि आप में मची आंतरिक कलह के दौरान कुमार विश्वास ने केजरीवाल कैंप की तरफ से मध्यस्त की भूमिका निभाई थी।
इसके साथ ही 4 मार्च को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्होंने संयोजक के रूप में कार्यभार संभाला था। हालांकि केजरीवाल के नजदीकियों का मानना है कि ऐसा कोई प्रस्ताव पार्टी के सामने नहीं आया है।