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सुसाइड नोट लिखकर खुद को मारी गोली
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 25 Feb 2015 01:56 PM IST
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महेंद्रा एंक्लेव में एक व्यक्ति ने मंगलवार को तमंचे से सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सुबह करीब 10 बजे नौकरानी घर पहुंची तो लहूलुहान शव बेड पर पड़ा देखकर उसके होश उड़ गए। फोरेंसिक टीम को मौके से चार पेज का सुसाइड नोट मिला है।
मूलरूप से आगरा के नगला पदी निवासी रवींद्र सिंह (45) अविवाहित था। वह यहां महेंद्रा एंक्लेव के एफ-ब्लॉक में बंद पड़े फार्म हाउस में किराए पर रहता था। रवींद्र अपनी कार टैक्सी में चलाता था।
मंगलवार सुबह 10 बजे नौकरानी चंपा रवींद्र के घर काम करने पहुंची तो उसकी चीख निकल गई। रवींद्र का लहूलुहान शव बेड पर पड़ा था। चंपा ने आसपास के लोगों को बुलाकर इसकी जानकारी दी। तत्काल सूचना पुलिस को दी गई।
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सूचना मिलने पर फार्म हाउस मालिक रजापुर निवासी राजवीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले चार माह से रवींद्र यहां रह रहा था।
कविनगर एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना में प्रयुक्त तमंचा भी मौके से ही बरामद हो गया है। सूचना परिजनों को भिजवाई गई है।
जान-माल के लिए खरीदा था तमंचा ‘खुद’ से न कर सका सुरक्षा
‘साइट पर आने जाने का कोई समय नहीं था। इसीलिए दिवाली के आसपास यह तमंचा और 5 कारतूस अपनी सुरक्षा को गाजियाबाद के एक देहाती से 3000 में खरीदे थे। बाकी 4 कारतूत व तमंचा पुलिस के सुपुर्द कर रहा हूं। पूछताछ के नाम पर किसी को परेशान न किया जाए।’
कविनगर के महेंद्रा एंक्लेव में किराए पर रहने वाले रवींद्र उर्फ गुड्डू ने मरने से पहले लिखे चार पेज के सुसाइड नोट से पता चलता है कि उसने तमंचा अपनी सुरक्षा के लिए खरीदा था, मगर ‘खुद’ से खुद की सुरक्षा न कर सका और इसी तमंचे से अपने दिल पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
शास्त्रीनगर चौकी प्रभारी को संबोधित करके लिखे गए इस सुसाइड नोट में रवींद्र ने कहा है कि वह अकेले अपने फर्ज निभाते हुए थक चुका है और अब हारकर जा रहा है। रवींद्र ने इच्छा जताई है कि उसका घरेलू सामान नौकरानी चंपा को दे दी जाएं, क्योंकि वह गरीब है।
मेरी दोनों कार और बाइक मेरे भाई जैसे दोस्त राहुल दुआ को दें। सुसाइड नोट में रवींद्र ने यह भी गुजारिश की है कि आगरा में रहने वाली 78 साल की मां को उसकी मौत की खबर न दी जाए, वह यह खबर सुनकर मर जाएगी।
सुसाइड नोट पर रवींद्र ने साढे़ 8 बजे का समय भी लिखा है। पुलिस को आसपास के लोगों ने बताया कि 9 बजे रविंद्र मार्केट में घूमते हुए भी देखा गया था।
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मूलरूप से आगरा के नगला पदी निवासी रवींद्र सिंह (45) अविवाहित था। वह यहां महेंद्रा एंक्लेव के एफ-ब्लॉक में बंद पड़े फार्म हाउस में किराए पर रहता था। रवींद्र अपनी कार टैक्सी में चलाता था।
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मंगलवार सुबह 10 बजे नौकरानी चंपा रवींद्र के घर काम करने पहुंची तो उसकी चीख निकल गई। रवींद्र का लहूलुहान शव बेड पर पड़ा था। चंपा ने आसपास के लोगों को बुलाकर इसकी जानकारी दी। तत्काल सूचना पुलिस को दी गई।
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सूचना मिलने पर फार्म हाउस मालिक रजापुर निवासी राजवीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले चार माह से रवींद्र यहां रह रहा था।
कविनगर एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटना में प्रयुक्त तमंचा भी मौके से ही बरामद हो गया है। सूचना परिजनों को भिजवाई गई है।
जान-माल के लिए खरीदा था तमंचा ‘खुद’ से न कर सका सुरक्षा
‘साइट पर आने जाने का कोई समय नहीं था। इसीलिए दिवाली के आसपास यह तमंचा और 5 कारतूस अपनी सुरक्षा को गाजियाबाद के एक देहाती से 3000 में खरीदे थे। बाकी 4 कारतूत व तमंचा पुलिस के सुपुर्द कर रहा हूं। पूछताछ के नाम पर किसी को परेशान न किया जाए।’
कविनगर के महेंद्रा एंक्लेव में किराए पर रहने वाले रवींद्र उर्फ गुड्डू ने मरने से पहले लिखे चार पेज के सुसाइड नोट से पता चलता है कि उसने तमंचा अपनी सुरक्षा के लिए खरीदा था, मगर ‘खुद’ से खुद की सुरक्षा न कर सका और इसी तमंचे से अपने दिल पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
शास्त्रीनगर चौकी प्रभारी को संबोधित करके लिखे गए इस सुसाइड नोट में रवींद्र ने कहा है कि वह अकेले अपने फर्ज निभाते हुए थक चुका है और अब हारकर जा रहा है। रवींद्र ने इच्छा जताई है कि उसका घरेलू सामान नौकरानी चंपा को दे दी जाएं, क्योंकि वह गरीब है।
मेरी दोनों कार और बाइक मेरे भाई जैसे दोस्त राहुल दुआ को दें। सुसाइड नोट में रवींद्र ने यह भी गुजारिश की है कि आगरा में रहने वाली 78 साल की मां को उसकी मौत की खबर न दी जाए, वह यह खबर सुनकर मर जाएगी।
सुसाइड नोट पर रवींद्र ने साढे़ 8 बजे का समय भी लिखा है। पुलिस को आसपास के लोगों ने बताया कि 9 बजे रविंद्र मार्केट में घूमते हुए भी देखा गया था।