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जाति के नाम से बुलाना भी आएगा रैगिंग के दायरे में
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sat, 25 Jul 2015 08:46 AM IST
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राजकीय कॉलेजों में सोमवार से कक्षाएं शुरू होंगी। इस बार यदि किसी को जाति के नाम से बुलाया तो वह भी रैगिंग के दायरे में आएगा।
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यूजीसी ने एंटी रैगिंग नियम में इस बार कुछ नया प्रावधान जोड़ा है। यूजीसी ने विद्यार्थी के उपनाम (सरनेम), राज्य, धर्म या जाति को लेकर मजाक को भी रैगिंग की श्रेणी में डाला है। यानी इस सत्र में किसी के सरनेम को लेकर मजाक उड़ाने पर सजा भुगतनी पड़ सकती है। पीड़ित छात्र एंटी रैगिंग कमेटी और कॉलेज के विभागाध्यक्ष व प्रिंसिपल से इसकी शिकायत कर सकते हैं।
बता दें कि कई बार कॉलेज में छात्रों के बीच प्रदेश के नाम से चिढ़ाया जाता है। मसलन, यूपी, बिहारी, हरियाणवी, जाट, गुर्जर आदि से संबोधित करना भी रैगिंग के दायरे में आएगा।
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महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (एमडीयू) प्रशासन ने कॉलेज प्रिंसिपलों को पत्र लिखकर एंटी रैगिंग कमेटी का गठन करने और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा जारी नई गाइडलाइन की पालना करने का निर्देश दिया है। रैगिंग होने की सूरत में कॉलेज के विभागाध्यक्ष और प्रिंसिपल पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
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एमडीयू के रजिस्ट्रार एसपी वत्स ने बताया कि एंटी रैगिंग रेगुलेशन में नए प्रावधानों को जोड़ने संबंधी पत्र यूजीसी ने कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों को भेजा है।