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विश्व मरीज सुरक्षा दिवस आज, दुनिया भर में होगा मंथन
Tue, 17 Sep 2019 04:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 17 Sep 2019 04:09 AM IST
सार
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व मरीज सुरक्षा दिवस मनाने जा रहा है
- अब हर साल 17 सितंबर को इसका आयोजन किया जाएगा
- इस अवसर पर मरीजों की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पूरी दुनिया में अभियान का आगाज होगा
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : Social Media
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विस्तार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व मरीज सुरक्षा दिवस मनाने जा रहा है। अब हर साल 17 सितंबर को इसका आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मरीजों की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए पूरी दुनिया में अभियान का आगाज होगा।
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डब्ल्यूएचओ के अनुसार किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य सेवाओं को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। संगठन के इस अभियान में भारत सरकार का सहयोग भी है। इसी के चलते सरकार ने सख्त कानून का एक ड्राफ्ट भी हाल ही में तैयार किया है। जल्द ही देश में चिकित्सकों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के अलावा अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर कानून लागू होगा।
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दुनिया भर में हर साल निम्न एवं मध्यम आय वाले देशों के अस्पतालों में असुरक्षित देखभाल के कारण 134 मिलियन प्रतिकूल मामले दर्ज किए जाते हैं, जिसके कारण हर साल 2.6 मिलियन लोगों की मृत्यु हो जाती है। 10 में से 4 मरीजों को प्राइमरी एवं एंबुलेटरी सेटिंग में नुकसान पहुंचता है। इनमें से 80 फीसदी मामलों को स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को जागरूक करके रोका जा सकता है।
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एसोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स के महानिदेशक डॉ. गिरधर ज्ञानी ने प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि विकासशील देशों में यह एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। स्वास्थ्य सेवाओं में बुनियादी सुविधाओं और मैनपावर की कमी के चलते मृत्युदर एवं रुग्णता के मामले और बढ़ते हैं।
सरकार ने हाल ही में इसके मद्देनजर मरीज सुरक्षा कार्यान्वयन ढांचे (1918-25) की शुरुआत की है। ऐसी सुरक्षित प्रणाली को जल्द से जल्द बढ़ावा देने की आवश्यकता है, जहां इलाज में होने वाली त्रुटियों पर निगरानी रखी जाए और इसके लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।