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World Liver Day: दिल्ली में हर दूसरा व्यक्ति फैटी लिवर से ग्रस्त, दुबले-पतले लोग भी इसकी चपेट में; कई कारण

Sun, 19 Apr 2026 01:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा सिमरन, नई दिल्ली
सिमरन, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 19 Apr 2026 01:54 AM IST
सार

रिपोर्ट में बताया कि यह मेटाबॉलिक एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज (एमएएफएलडी) नाम की बीमारी है, जिसे आम भाषा में फैटी लिवर कहा जाता है।

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World Liver Day: Every second person in Delhi suffers from fatty liver
फैटी लिवर डिजीज - फोटो : Freepik.com

विस्तार

अगर आप भी रोजाना फास्ट फूड और शराब का सेवन करते हैं, तो आप अपने लिवर को खराब कर रहे हैं। यह खुलासा दिल्ली में हुए एक अध्ययन में हुआ है। इसकी रिपोर्ट में बताया कि यह मेटाबॉलिक एसोसिएटेड फैटी लिवर डिजीज (एमएएफएलडी) नाम की बीमारी है, जिसे आम भाषा में फैटी लिवर कहा जाता है। यह अब तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही। इसके अनुसार, दिल्ली का लगभग हर दूसरा व्यक्ति इस बीमारी से ग्रसित है।

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यह अध्ययन इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज के विशेषज्ञों ने किया, जिसमें डॉ. गुरेश कुमार और डॉ. कनिका कौशल शामिल रहीं। इसमें 6146 लोगों को शामिल किया गया, जिनकी औसत उम्र 43 वर्ष थी। अध्ययन में पाया कि 56.4 फीसदी लोगों में एमएएफएलडी मौजूद था, जबकि 11.3 फीसदी लोग ऐसे थे, जो पतले होने के बावजूद इस बीमारी से ग्रस्त थे।
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40 से कम उम्र की महिलाओं में कम दिखा इसका खतरा : शोधकर्ताओं के अनुसार, बढ़ती उम्र, कम शिक्षा, उच्च सामाजिक-आर्थिक स्थिति और शारीरिक गतिविधि की कमी प्रमुख कारण है। 40 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में इस बीमारी का खतरा कम देखा गया, जबकि 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में इसका खतरा पुरुषों से भी ज्यादा रहा। अध्ययन में यह भी सामने आया कि लगभग 23 फीसदी लोगों में लिवर फाइब्रोसिस (लिवर में सख्ती) की समस्या थी, जो एक गंभीर स्थिति है। एमएएफएलडी से पीड़ित लोगों में यह समस्या और भी ज्यादा पाई गई। ऐसे मरीजों में उन्नत फाइब्रोसिस का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में तीन गुना अधिक था।
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मोटापा भी बड़ा कारण : शोधकर्ता डॉ. गुरेश कुमार ने बताया कि मोटापा इस बीमारी का एक बड़ा कारण है। जिन लोगों में फाइब्रोसिस का उन्नत स्तर पाया गया, उनमें से लगभग 76 फीसदी लोग मोटापे से ग्रस्त थे। वहीं, डॉ. कनिका कौशल ने बताया कि समय रहते अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह बीमारी गंभीर लिवर रोगों का रूप ले सकती है। इसलिए लोगों को नियमित जांच, संतुलित आहार और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

फैटी लिवर कैसे होता है?

  • नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर : यह उन लोगों में होता है जो शराब नहीं पीते या बहुत कम पीते हैं
  • अल्कोहॉलिक फैटी लिवर : ज्यादा शराब पीने से होता है

मुख्य कारण

  • ज्यादा तेल-घी और जंक फूड खाना
  • मोटापा और पेट की चर्बी
  • डायबिटीज (टाइप-दो डायबिटीज)
  • हाई कोलेस्ट्रॉल

लक्षण

  • थकान
  • पेट के दाहिने हिस्से में भारीपन
  • वजन बढ़ना या कम होना
  • भूख कम लगना
  • गंभीर मामलों में पीलिया

90 फीसदी लिवर बीमारियों को रोक सकते हैं : उपराज्यपाल

विश्व लिवर दिवस के उपलक्ष्य में इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (आईएलबीएस) में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने स्वस्थ लिवर अभियान का शुभारंभ किया। उपराज्पयाल ने 15 दिवसीय स्वस्थ लिवर सोशल मीडिया अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि अच्छी आदतें, स्वस्थ लिवर यह चार शब्द लाखों जिंदगियां बचाने की क्षमता रखते हैं। 90 फीसदी तक लिवर बीमारियों को रोका जा सकता है।

उन्होंने आईएलबीएस को देश में चिकित्सा पर्यटन का नोडल केंद्र बनाकर वैश्विक स्तर पर ले जाने की इच्छा भी व्यक्त की। उपराज्यपाल ने दिल्ली प्रशासन को लिवर स्वास्थ्य जांच को मजबूत करने के लिए कहा। साथ ही आईएलबीएस से दावत-ए-जिगर पहल के तहत लिवर के लिए फायदेमंद खाद्य पदार्थों के पेटेंट कराने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। इसके अलावा लिवर स्वास्थ्य पर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने वाला देश का पहला शहर दिल्ली बनाने की अपनी आकांक्षा भी उपराज्यपाल ने व्यक्त की।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर में लिवर जांच की मिलेगी सुविधा
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर पहुंचे पहलवान संग्राम सिंह ने कहा कि शरीर कोई मशीन नहीं है जिसे आप उसकी सीमाओं तक धकेलते हैं। यह एक जीवित प्रणाली है जो देखभाल, आराम और सही पोषण पर प्रतिक्रिया करती है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में सचिव रूपेश कुमार ठाकुर ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में लिवर स्क्रीनिंग को एकीकृत करने और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। लिवर की बीमारी अब दिल्ली की वयस्क आबादी के लगभग 40-50 फीसदी लोगों को प्रभावित कर रही है।

दस फीसदी आबादी की होगी लिवर स्क्रीनिंग
आईएलबीएस के चेयरपर्सन और दिल्ली सरकार में मुख्य सचिव राजीव वर्मा ने कहा कि लिवर स्वास्थ्य को सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकता बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसमें अगले 12 महीनों में दिल्ली की 5-10 फीसदी आबादी की स्क्रीनिंग का लक्ष्य शामिल है। आईएलबीएस के निदेशक डॉ. शिव कुमार सरीन ने कहा कि आज की अच्छी आदतें कल का स्वस्थ लिवर हैं।

लिवर प्रत्यारोपण कराने वाले बच्चों को किया सम्मानित
कार्यक्रम की शुरुआत दावत-ए-जिगर प्रदर्शनी से हुई। उसमें पोषणयुक्त और वैज्ञानिक रूप से तैयार आहार को प्रदर्शित किया गया। साथ ही आम लोगों के लिए मुफ्त लिवर जांच और पोषण परामर्श शिविर भी आयोजित किया। इसके अलावा लिवर प्रत्यारोपण कराने वाले 12 बच्चों को उपराज्यपाल ने सम्मानित किया। साथ ही वाई-स्माइल पहले के तहत लिवर स्वास्थ्य को स्कूल स्तर तक ले जाने के प्रयासों को लेकर स्कूल प्राचार्यों को भी सम्मानित किया गया।

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