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World Heritage Day : पुराना किले में पांच साल से साउंड एंड लाइट शो बंद, अब बची हैं 'इश्क-ए-दिल्ली' की यादें
Fri, 18 Apr 2025 05:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा
ललित कौशिक, नई दिल्ली
ललित कौशिक, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 18 Apr 2025 05:29 AM IST
सार
शो को नए सिरे से शुरू करने की योजना अब तक परवान नहीं चढ़ सकी है। नए रंग-रूप में शो शुरू करने के लिए कई बार ट्रायल हो चुका है, लेकिन अभी तक शो शुरू करने के संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से अधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है।
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पुराना किला
- फोटो : instagram
विस्तार
पुराना किला में पिछले पांच साल से साउंड एंड लाइट शो बंद है। शो को नए सिरे से शुरू करने की योजना अब तक परवान नहीं चढ़ सकी है। नए रंग-रूप में शो शुरू करने के लिए कई बार ट्रायल हो चुका है, लेकिन अभी तक शो शुरू करने के संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से अधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है।
पांडवकालीन इतिहास को जान सकेंगे दर्शक
नए शो के जरिए दर्शकों को पांडवकालीन इतिहास से लेकर मौर्य, कुषाण काल सहित पुराना किला के इतिहास से रूबरू कराने की योजना है। शो की प्रस्तुति में आधुनिकता और तकनीक का संगम देखने को मिलेगा। शो को हिंदी और अंग्रेजी भाषा में पौने घंटे की अवधि में प्रस्तुत किया जाना है। नए शो के लिए हुमायूं के दरवाजे पर प्रोजेक्टर, साउंड सिस्टम और लाइट की व्यवस्था भी हो चुकी है। इससे पहले वर्ष 2020 में साउंड एंड लाइट शो को बंद किया गया था।
तीन-चार महीने लगेंगे नौका विहार में : पुराना किला झील में फिर से नौका विहार करने की योजना पर भी काम चल रहा है। इसके लिए झील परिसर में अस्थायी तौर पर बांस के काउंटर तैयार किए जाएंगे। नौका को लेकर डिजाइन की प्रक्रिया चल रही है। नौका विहार शुरू करने के संबंध में एएसआई को प्रस्ताव भी भेजा गया है। करीब तीन से चार महीने का समय नौका विहार में लगेगा।
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स्मारकों में आज मिलेगा निशुल्क प्रवेश
विश्व धरोहर दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली की ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा। दिल्ली में एएसआई के अधीन करीब 174 स्मारक है। इसमें 11 स्मारकों में प्रवेश टिकट के आधार पर मिलता है।
इश्क-ए-दिल्ली शो होता था
पुराना किला में दर्शकों को इश्क-ए-दिल्ली की दास्तां बयां की जाती थी। पृथ्वीराज से लेकर दिल्ली के सुल्तान, दिल्ली पर आक्रमण करने वाले शासक मोहम्मद गौरी, कुतुबुद्दीन, इल्तुमिश सहित कई दूसरे शासकों के इतिहास से दर्शकों को रूबरू कराया जा रहा था। साथ ही हजरत अमीर खुसरो, कुतुब-महरौली इलाके के बारे में भी दर्शकों को शो में देखने को मिलता था।
खाेदाई की अभी नहीं कोई योजना
पुराना किला में खाेदाई को लेकर अभी कोई योजना नहीं है। तीसरे चरण की खुदाई में अभी तक मौर्य से लेकर मुगल काल की संरचना सामने आ चुकी है। खुदाई से अभी तक करीब 2500 वर्षों के इतिहास के बारे में पता चल सका है। अलग-अलग काल खंड की संरचनाएं भी मिली है। इसमें मौर्य, शुंग, कृषाण, गुप्त और राजपूत शामिल है।
जंतर-मंतर पर लगेगी फोटो प्रदर्शनी
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण दिल्ली मंडल की ओर से जंतर-मंतर पर शुक्रवार को फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस बार की थीम आपदा और वैचारिक टकराव से स्मारकों को होने वाले खतरों को फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से बयां किया जाएगा।
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पांडवकालीन इतिहास को जान सकेंगे दर्शक
नए शो के जरिए दर्शकों को पांडवकालीन इतिहास से लेकर मौर्य, कुषाण काल सहित पुराना किला के इतिहास से रूबरू कराने की योजना है। शो की प्रस्तुति में आधुनिकता और तकनीक का संगम देखने को मिलेगा। शो को हिंदी और अंग्रेजी भाषा में पौने घंटे की अवधि में प्रस्तुत किया जाना है। नए शो के लिए हुमायूं के दरवाजे पर प्रोजेक्टर, साउंड सिस्टम और लाइट की व्यवस्था भी हो चुकी है। इससे पहले वर्ष 2020 में साउंड एंड लाइट शो को बंद किया गया था।
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तीन-चार महीने लगेंगे नौका विहार में : पुराना किला झील में फिर से नौका विहार करने की योजना पर भी काम चल रहा है। इसके लिए झील परिसर में अस्थायी तौर पर बांस के काउंटर तैयार किए जाएंगे। नौका को लेकर डिजाइन की प्रक्रिया चल रही है। नौका विहार शुरू करने के संबंध में एएसआई को प्रस्ताव भी भेजा गया है। करीब तीन से चार महीने का समय नौका विहार में लगेगा।
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स्मारकों में आज मिलेगा निशुल्क प्रवेश
विश्व धरोहर दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली की ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा। दिल्ली में एएसआई के अधीन करीब 174 स्मारक है। इसमें 11 स्मारकों में प्रवेश टिकट के आधार पर मिलता है।
Delhi : फंड की कमी के कारण स्मारकों के संरक्षण कार्य की थम गई रफ्तार, कोई नई योजना भी नहीं हो रही तैयार
इसमें लालकिला, कुतुबमीनार, हुमायूं का मकबरा, जंतर-मंतर, सफदरजंग मकबरा, कोटला फिरोजशाह, पुराना किला, खान-ए-खान मकबरा, सुल्तान गढ़ी मकबरा, तुगलकाबाद किला और हौजखास परिसर शामिल है।इश्क-ए-दिल्ली शो होता था
पुराना किला में दर्शकों को इश्क-ए-दिल्ली की दास्तां बयां की जाती थी। पृथ्वीराज से लेकर दिल्ली के सुल्तान, दिल्ली पर आक्रमण करने वाले शासक मोहम्मद गौरी, कुतुबुद्दीन, इल्तुमिश सहित कई दूसरे शासकों के इतिहास से दर्शकों को रूबरू कराया जा रहा था। साथ ही हजरत अमीर खुसरो, कुतुब-महरौली इलाके के बारे में भी दर्शकों को शो में देखने को मिलता था।
खाेदाई की अभी नहीं कोई योजना
पुराना किला में खाेदाई को लेकर अभी कोई योजना नहीं है। तीसरे चरण की खुदाई में अभी तक मौर्य से लेकर मुगल काल की संरचना सामने आ चुकी है। खुदाई से अभी तक करीब 2500 वर्षों के इतिहास के बारे में पता चल सका है। अलग-अलग काल खंड की संरचनाएं भी मिली है। इसमें मौर्य, शुंग, कृषाण, गुप्त और राजपूत शामिल है।
जंतर-मंतर पर लगेगी फोटो प्रदर्शनी
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण दिल्ली मंडल की ओर से जंतर-मंतर पर शुक्रवार को फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस बार की थीम आपदा और वैचारिक टकराव से स्मारकों को होने वाले खतरों को फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से बयां किया जाएगा।
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