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विश्व का पहला ग्रीन चिल मिल्क कोल्ड स्टोरेज गुड़गांव में खुलेगा

Fri, 15 Apr 2016 08:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Fri, 15 Apr 2016 08:59 AM IST
सार

  • गांव माकड़ौला में पायलट प्रोजेक्ट के तहत हो रही इसकी शुरूआत
  • यह बिना बिजली के संचालित होगा, कृषि अपशिष्ठ के इस्तेमाल से इसे मिलेगी ऊर्जा
  • इसकी शुरूआत केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेन्द्र सिंह शुक्रवार को करेंगे

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world first green milk cold storage will open in gurgaon
अंबेडकरनगर के इन बदहाल क्रय केंद्रों पर गेहूं के भंडारण को लेकर आगामी दिनों में होगा संकट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर सिटी वालों को दुनिया का पहला ग्रीन चिल मिल्क कोल्ड स्टोरेज का तोहफा मिलने जा रहा है। यह बिना बिजली के संचालित होगा। न्यू लीफ  ग्रीन चिल तकनीक से चलने वाले इस कोल्ड स्टोरेज को ठंडा करने के लिए गोबर के उपले व अन्य कृषि अपशिष्टों का सहारा लिया जाएगा। इससे किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं होगा। पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुक्रवार को इसकी शुरूआत गांव माकड़ौला में होने जा रही है।
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बृहस्पतिवार को इस बात की जानकारी उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश ने दी। उन्होंने कहा कि यह तकनीक न्यू लीफ  डायनामिक टेक्नॉलजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित की गई है। चार वर्ष के गहन स्वदेशी अनुसंधान व विकास प्रयासों से इस ग्रीन चिल को विकसित किया गया है। इस तकनीक की शुरूआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर होगी।
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इसके बाद इसे गुड़गांव के 100 अन्य गांवों में संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस तकनीक में सूखे गोबर, लकड़ी, बांस, भूसी, घास व बायोमास कृषि अपशिष्टों का इस्तेमाल किया जाएगा। ग्रीन चिल के तकनीकी विशेषज्ञ आकाश अग्रवाल ने बताया कि शुक्रवार को गांव माकड़ौला में इसकी शुरूआत केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बीरेन्द्र सिंह करेंगे, हालांकि अभी मंत्री के दौरे का कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।
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ग्रीन चिल में 500 से 1000 लीटर दूध, फल, सब्जियों, फूल, मछलियों या अन्य बागवानी उत्पादों को संरक्षित किया जा सकता है। ग्रीन चिल से कार्बन और ग्रीन हाउस जैसे हानिकारक गैसों का उत्सर्जन नहीं होता है। इसका संचालन यूएनएफसीसीसी के क्योटो प्रोटोकॉल 2020 के निर्धारित मानक के अनुरूप होगा।

इसमें अमोनिया का इस्तेमाल किया जाएगा। इसे चलाने के लिए ग्रिड आधारित बिजली की जरूरत नहीं होती है। किसी प्रकार के डीजल जनरेटर बैकअप की जरूरत नहीं होती। इससे ध्वनि व वायु प्रदूषण भी नहीं होता। यह छोटे से छोटे स्थान पर स्थापित हो सकता है।

आजीविका एक्सपीरियंस स्टोर में मिलेगा दूध...
वी2सी बाजार के सीईओ संजीव ने बताया कि इस तकनीक से कोल्ड स्टोरेज किया हुआ दूध जेएमडी गलेरिया मार्केट में लगे आजीविका एक्सपीरियंस स्टोर में उपलब्ध होगा। इससे किसानों को भी लाभ होगा।


न्हें वर्तमान दूध के भाव से 15 फीसदी दाम अधिक मिलेगा। ग्राहक को इस प्रक्रिया से  शुद्ध दूध कम मूल्य पर प्राप्त होगा। इससे दूध में हो रही मिलावटखोरी पर भी लगाम लगेगी।
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